क्या आपने कभी सोचा है कि ‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ का शो का सेट आखिरकार कैसा दिखता है जब शूटिंग नहीं हो रही होती? शो के फेमस किरदारों में से एक, बबीता अय्यर का किरदार निभाने वाली मुनमुन दत्ता ने हाल ही में अपने फैंस के साथ शो के खाली सेट की एक झलक साझा की है।
यह वीडियो सोशल मीडिया पर काफी चर्चा में रहा, हालांकि अब यह लिंक मौजूद नहीं है, लेकिन इस पोस्ट में हम आपको उस अनुभव और सेट की अनदेखी झलक के बारे में विस्तार से बता रहे हैं।
तारक मेहता का उल्टा चश्मा का सेट
‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ का नाम सुनते ही सबसे पहले गोकुलधाम सोसाइटी का नाम आता है। यह सेट न केवल शो का मुख्य आधार है, बल्कि इसके आसपास की हलचल और मस्ती भी दर्शकों के मन में बस जाती है।
लेकिन जब शूटिंग खत्म हो जाती है, तो यह सेट बिल्कुल शांत और खाली नजर आता है। मुनमुन दत्ता ने सोशल मीडिया पर अपने फैंस को इस खाली सेट की एक झलक दिखाई, जो आमतौर पर पर्दे के पीछे ही रह जाती है।
वीडियो में सेट पर कोई हलचल नहीं थी और सब कुछ सुनसान दिख रहा था। शूटिंग के दौरान जो रंगीन भीड़ और ऊर्जा सेट पर देखने को मिलती है, वह अब कहीं नजर नहीं आ रही थी।
यह दृश्य दर्शकों को सोचने पर मजबूर कर देता है कि आखिरकार यह सेट एक बार फिर से जीवंत हो जाता है या नहीं। मुनमुन ने मजाकिया अंदाज में लिखा, “जब काम नहीं हो रहा होता है, तब यह सेट भूतिया सा लगता है।”
गोकुलधाम सेट: शूटिंग खत्म होने के बाद कैसा दिखता है?
सभी जानते हैं कि ‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ का सेट उनके लिए सिर्फ एक शूटिंग स्थल नहीं है, बल्कि यह उनके जीवन का एक बड़ा हिस्सा है। मुनमुन ने उल्लेख किया कि वह इस सेट पर करीब 18 साल से काम कर रही हैं।
इस दौरान उन्होंने न केवल अपने किरदार को जीवंत किया, बल्कि इस सेट के साथ उनके कई पुराने अनुभव भी जुड़े हैं। वह बताती हैं कि शूटिंग के दौरान अक्सर वह यहां टहलती रहती हैं और पुरानी यादों को ताजा करती हैं। इस स्थान से जुड़ी हर याद उनके लिए बहुत खास है, क्योंकि उन्होंने अपने जीवन के कई महत्वपूर्ण पल इसी सेट पर बिताए हैं।
सेट से जुड़ी भावुक बातें और यादें
मुनमुन दत्ता ने अपने पोस्ट में एक और दिल को छू जाने वाली बात कही। उन्होंने सेट से अपनी एक पुरानी तस्वीर भी साझा की और उस पर ‘सावन बीतो जाए’ गाने का लिंक भी लगाया। इस गाने का उनके जीवन में खास महत्व है, और उन्होंने बताया कि यह गाना उनके दिल के बहुत करीब है। जब भी वह इसे सुनती हैं, तो उनकी आंखों में आंसू आ जाते हैं, क्योंकि यह उनके पिछले 18 वर्षों की यादें और अनुभवों का प्रतीक है।
शो की महिलाओं के लिए अलग स्थान
मुनमुन ने ‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ के 18 साल पूरे होने के अवसर पर शो में महिलाओं की भूमिका का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इस शो का सेट महिलाओं के लिए बहुत खास है। अक्सर देखा जाता है कि बहुत से टीवी शो में महिलाओं को उतनी अहमियत नहीं मिलती, लेकिन ‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ में महिलाओं को पुरुषों के बराबर सम्मान और स्थान दिया जाता है। मुनमुन ने कहा कि इस शो में महिलाओं की भूमिका को बहुत महत्व दिया जाता है, जो इसे बाकी शो से अलग बनाता है।
यह कहा जा सकता है कि ‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ का सेट न केवल एक शूटिंग स्थल है, बल्कि यह उन कहानियों और यादों का भी घर है, जिन्होंने लाखों दर्शकों का दिल जीता है। मुनमुन दत्ता की यह झलक इस बात का प्रमाण है कि सेट के पीछे भी जीवन चलता रहता है, और यह स्थान उन कलाकारों के लिए बहुत खास है जिन्होंने इस शो को अपनी मेहनत और प्यार से संजोया है।
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