UP News:हाथरस जिले के सिकंदराराऊ में एक बुजुर्ग की जज़्बा और हिम्मत की कहानी सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है, जिसने अपनी शिकायत का अनोखे अंदाज में समाधान खोजा। 75 वर्षीय बुजुर्ग दुकानदार ने अपनी शिकायत न सुनने और पुलिस की निष्क्रियता से परेशान होकर थाने पहुंचने का नया तरीका अपनाया।
उन्होंने अपने गले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तस्वीर वाला बैनर लटकाकर थाने पहुंच गए, जिसमें लिखा था: “क्या हुआ तेरा वादा, योगी सरकार? तुरंत FIR करो, 5 दिन में न्याय दो।” इस घटना ने पुलिस प्रशासन और समाज दोनों का ध्यान आकर्षित किया है, और यह साबित किया है कि हौसला और जज्बा किसी भी उम्र में इंसान को बदलाव लाने का बल देते हैं।

बुजुर्ग की हिम्मत वायरल वीडियो
हाथरस के सिकंदराराऊ में घटित इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें बुजुर्ग का अद्भुत साहस नजर आ रहा है। बुजुर्ग का नाम रमेश चंद्र है, जो बुद्ध विहार कॉलोनी में रहते हैं। उनका कहना है कि 18 अगस्त को वह अपनी दुकान पर थे, तभी उनके किराएदार ने उनके साले देवेंद्र को बुलाया और दुकान का शटर गिरा दिया।
इस दौरान बुजुर्ग पर थप्पड़ और मुक्के भी मारे गए। बुजुर्ग ने तुरंत पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, लेकिन उन्हें कार्रवाई नहीं मिली। शिकायत के बाद भी कोई FIR दर्ज नहीं हुई, जिससे बुजुर्ग निराश होकर सड़क पर आ गए। उन्होंने अपने गले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की फोटो वाला बैनर टांगा और थाना बन्नादेवी पहुंच गए।
बैनर के जरिए न्याय की मांग
बुजुर्ग ने अपने बैनर पर लिखा था, “क्या हुआ तेरा वादा, योगी सरकार? तुरंत FIR करो, 5 दिन में न्याय दो।” इस अनोखे विरोध के जरिए उन्होंने सरकार से अपनी उम्मीदें जताई और पुलिस प्रशासन को जवाबदेह बनाने का प्रयास किया। बुजुर्ग का कहना है कि उन्हें केवल न्याय चाहिए, और उनके इस कदम से यह संदेश गया कि उम्र का कोई बंधन नहीं है, जब इंसान को न्याय की तलाश हो।
पुलिस की कार्रवाई और ट्रांसफर का आदेश
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस ने तत्परता दिखाई और बुजुर्ग की शिकायत पर तुरंत ही जीरो FIR दर्ज कर दी। साथ ही, उनकी शिकायत को हाथरस जिले ट्रांसफर कर दिया गया है, जहां मामले की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस का कहना है कि उनके बयान दर्ज कर लिए गए हैं, और आरोपियों के खिलाफ जल्द ही उचित कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि जांच प्रक्रिया जारी है और जल्द ही आरोपियों को कानून के कठघरे में खड़ा किया जाएगा।
घटना का संदर्भ और सामाजिक संदेश
यह घटना सामाजिक न्याय के प्रति जागरूकता और आत्म-निर्भरता का प्रतीक है। बुजुर्ग की इस अनोखी पहल ने साबित कर दिया है कि उम्र चाहे कितनी भी हो, इंसान अपने हक के लिए आवाज उठा सकता है। यह कहानी समाज में नई ऊर्जा भरने वाली है और यह भी दिखाती है कि यदि सरकारी तंत्र निष्क्रिय हो जाए, तो आम नागरिक भी अपने अधिकारों के लिए किसी भी हद तक जा सकता है।























