गाजियाबाद के साहिबाबाद औद्योगिक क्षेत्र में रविवार की सुबह ऐसा हादसा हो गया, जिसने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया। एक प्रतिष्ठित फर्नीचर शोरूम और उसी परिसर में चल रही निर्माण इकाई में अचानक अग्नि भड़क उठी।
कुछ ही समय में लपटें इतनी विकराल हो गईं कि वे ग्राउंड फ्लोर से उठकर पहली मंजिल तक पहुंच गईं। सूचना पाते ही अग्निशमन विभाग की कई टीमें मौके पर दौड़ीं और लगभग डेढ़ घंटे तक चले लगातार प्रयासों के बाद आखिरकार आग पर नियंत्रण हासिल किया गया।
जाने पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, 20 सितंबर 2026 को सुबह करीब 11:30 बजे फायर स्टेशन साहिबाबाद को सूचना मिली कि औद्योगिक क्षेत्र के साइट-चार में स्थित प्राइम फर्नीचर कंपनी के परिसर से धुआं उठ रहा है।
यह परिसर अपने आप में अलग था, क्योंकि यहां केवल फर्नीचर की बिक्री नहीं होती थी, बल्कि शोरूम के साथ-साथ फर्नीचर बनाने का काम भी चलता था। इसी वजह से अंदर लकड़ी, थर्माकोल, फोम और केमिकल युक्त रॉ मटेरियल बड़ी मात्रा में जमा था, जो आग के लिए उपजाऊ सबूत साबित हो रहा था.
दमकल टीमों की त्वरित कार्रवाई
सूचना मिलते ही बिना देर किए फायर स्टेशन कोतवाली, फायर स्टेशन वैशाली और साहिबाबाद से कई फायर टेंडर घटनास्थल की ओर रवाना किए गए। मुख्य अग्निशमन अधिकारी राहुल पाल खुद मौके पर पहुंचे और पूरे ऑपरेशन की कमान संभाली।
दमकल वाहनों के पहुंचने तक लपटें निचली मंजिल से ऊपर पहली मंजिल तक पहुंच चुकी थीं। अधिकारियों ने रणनीति के तहत सबसे पहले ग्राउंड फ्लोर पर दबाव बनाने वाली आग को नियंत्रित करने का प्रयास शुरू किया। इसके बाद टीमें पहली मंजिल पर जाकर वहां फैल रही आग को बुझाने में जुट गईं।
आग काबू करने में किन चुनौतियों का सामना करना पड़ा?
फैक्ट्री के अंदर फर्नीचर निर्माण में इस्तेमाल होने वाला ज्वलनशील रॉ मटेरियल बड़ी मात्रा में रखा था, जिसके चलते लपटों के तेजी से फैलने का खतरा बना हुआ था। इस चुनौती से निपटने के लिए दमकल कर्मियों ने एक समझदारी भरा तरीका अपनाया। उन्होंने पहले ज्वलनशील सामग्री को अलग-अलग हिस्सों में बांटा ताकि आग को ईंधन न मिल सके, और साथ ही लगातार फोम की पंपिंग करते हुए अग्नि को घेरा।
करीब डेढ़ घंटे तक जारी रहे इस अभियान के बाद आखिरकार लपटों को पूरी तरह काबू कर लिया गया। अगर आग नियंत्रण से बाहर निकलती, तो औद्योगिक क्षेत्र में स्थित आसपास की कई अन्य फैक्ट्रियां भी इसकी चपेट में आ सकती थीं। ऐसे में दमकल टीम की मौजूदगी और उसकी त्वरित कार्रवाई ने किसी बड़े नुकसान को रोक दिया।
अधिकारियों का बयान
मुख्य अग्निशमन अधिकारी राहुल पाल ने बताया कि आग पर काबू पाने के बाद भी घटनास्थल पर कूलिंग का काम जारी रखा जा रहा है, ताकि अंदर दबे गर्म हिस्सों से दोबारा कोई चिंगारी न भड़क उठे। उन्होंने यह भी बताया कि प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक इस हादसे में किसी व्यक्ति के घायल होने या जान गंवाने की सूचना नहीं है, जिससे बड़ी राहत की बात है।


























