ग्रेटर नोएडा सोसाइटी में इमारतें कमजोर, हादसे का डर बढ़ा

अजनारा होम्स सोसाइटी में पिछले कुछ महीनों से प्लास्टर गिरने की घटनाएँ लगातार बढ़ रही हैं। शुक्रवार रात को ही ए टॉवर की 15वीं मंजिल से बड़ा भाग गिरकर नीचे खड़ी एक कार पर गिरा, जिसमें कार की छत टूट गई।

सोसाइटी में प्लास्टर गिरने की घटनाओं ने बढ़ाई सुरक्षा चिंता

HIGHLIGHTS

  • अजनारा होम्स में प्लास्टर गिरने का खतरनाक खतरा अचानक
  • लगातार प्लास्टर गिरने से सोसाइटी में मचा हड़कंप, जानिए वजह
  • सोसाइटी की सुरक्षा को लेकर बड़ा सवाल, क्या है सच?
  • बच्चों और बुजुर्गों के लिए खतरा, सोसाइटी में गिरते प्लास्टर

अजनारा होम्स सोसाइटी, ग्रेटर नोएडा में रहने वाले लाखों परिवारों के लिए यह खबर चिंता का विषय बन गई है। लगातार हो रही प्लास्टर गिरने की घटनाओं ने न केवल सोसाइटी के निवासियों में डर और असुरक्षा की भावना पैदा कर दी है, बल्कि यह उनके जीवन और संपत्ति की सुरक्षा को भी खतरे में डाल रही है। इस लेख में हम इन घटनाओं का विश्लेषण, सोसाइटी की मौजूदा स्थिति और आवश्यक उपायों पर चर्चा करेंगे।

प्लास्टर गिरने की घटनाएँ

अजनारा होम्स सोसाइटी में पिछले कुछ महीनों से प्लास्टर गिरने की घटनाएँ लगातार बढ़ रही हैं। शुक्रवार रात को ही ए टॉवर की 15वीं मंजिल से बड़ा भाग गिरकर नीचे खड़ी एक कार पर गिरा, जिसमें कार की छत टूट गई।

इस हादसे में कोई जनहानि तो नहीं हुई, लेकिन इससे सोसाइटी के निवासियों की चिंता और बढ़ गई है। इस घटना के दौरान वहां मौजूद महिलाएं और बच्चे सुरक्षित रहे, यह एक राहत की बात है, लेकिन यह संकेत करता है कि सोसाइटी की इमारतों की संरचनात्मक स्थिति खतरे में है।

लोगों का कहना है कि ये घटनाएँ पहली बार नहीं हैं। इससे पहले भी कई बार प्लास्टर गिरने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं, लेकिन सोसाइटी का प्रबंधन इन पर उचित ध्यान नहीं दे रहा है। इन घटनाओं ने ना केवल सोसाइटी की सुंदरता को खराब किया है, बल्कि निवासियों की सुरक्षा को भी खतरे में डाल दिया है।

सोसाइटी प्रबंधन और निवासियों की चिंता

अजनारा होम्स सोसाइटी के निवासी दिनकर ने बताया कि इमारतों की स्थिति लगातार कमजोर हो रही है। उन्हें डर है कि यदि समय रहते इनकी संरचनात्मक मजबूती का निरीक्षण नहीं किया गया, तो कोई बड़ा हादसा हो सकता है। उनका कहना है कि कई स्थानों पर प्लास्टर उखड़ चुका है और गिरने का खतरा बना रहता है।

वहीं, सोसाइटी के सुल्तान सिंह का कहना है कि यह कोई नई बात नहीं है। पहले भी कई बार शिकायतें की गई हैं, लेकिन हर बार सिर्फ मरम्मत का काम किया जाता है और फिर से वही स्थिति बन जाती है। उनका आरोप है कि सोसाइटी का प्रबंधन संरचनात्मक सुरक्षा और स्ट्रक्चरल ऑडिट को नजरअंदाज कर रहा है, जो बहुत खतरनाक संकेत है।

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण से मांगी गई स्ट्रक्चरल ऑडिट की मांग

लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए, सोसाइटी के निवासियों ने ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण से आग्रह किया है कि अजनारा होम्स सोसाइटी का स्ट्रक्चरल ऑडिट कराया जाए। उनका मानना है कि बिना उचित निरीक्षण के, यह जानना संभव नहीं है कि इमारतें कितनी सुरक्षित हैं।

स्ट्रक्चरल ऑडिट से पता चलेगा कि इमारतों की संरचनात्मक मजबूती कितनी है, और क्या उन्हें तत्काल मरम्मत या पुनर्निर्माण की आवश्यकता है। यदि ऐसी जांच नहीं कराई गई, तो किसी भी अप्रिय घटना की संभावना बनी रहेगी। इस तरह का ऑडिट जरूरी है ताकि किसी भी खतरनाक स्थिति का समय रहते पता चल सके और आवश्यक कदम उठाए जा सकें।

प्लास्टर गिरने का खतरा और सुरक्षा उपाय

प्लास्टर गिरने की घटनाएँ केवल इमारत की खराब स्थिति का संकेत हैं। यह खतरा बच्चों, बुजुर्गों और सोसाइटी में आने-जाने वालों के लिए विशेष रूप से चिंता का विषय है। जब प्लास्टर का बड़ा भाग गिरता है, तो गंभीर चोट लगने का खतरा रहता है, जो जानलेवा भी हो सकता है।

इसलिए, सोसाइटी अधिकारियों और निवासियों दोनों को मिलकर कदम उठाने चाहिए। सबसे पहले, संरचनात्मक स्थिति की तुरंत जांच कराई जानी चाहिए। इसके बाद, आवश्यक मरम्मत का कार्य शुरू किया जाना चाहिए। साथ ही, सोसाइटी में नियमित निरीक्षण और मेंटेनेंस का कार्यक्रम लागू किया जाना चाहिए ताकि ऐसी घटनाएँ दोबारा न हों।

Rishi Tiwari

ऋषि तिवारी (Rishi Tiwari) ने वर्ष 2011 में मुंबई से पत्रकारिता की दुनिया में कदम रखा और मुंबई से प्रकाशित मुंबई मित्र जैसे समाचारपत्रों में सक्रिय भूमिका निभाई। इसके बाद दिल्ली और एनसीआर में एपीएनएस न्यूज एजेंसी में लंबे समय तक सेवाएं देने के बाद यहां से रुख कर लिया। वर्ष 2018 में इन्होंने संध्या समय न्यूज के साथ नई पारी की शुरुआत की। पिछले कई वर्षों से निष्पक्ष, प्रभावी और जनसरोकारों पर आधारित पत्रकारिता को मजबूती से आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now