महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने आज कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पर करारा तंज कसा। उन्होंने कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष को अब राजनीति छोड़कर स्टैंड-अप कॉमेडियन के रूप में करियर बनाना चाहिए। फडणवीस का यह बयान राहुल गांधी के इंदौर में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के बाद सामने आया, जहां उन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मजाक उड़ाने के आरोप लगे थे।
फडणवीस का तंज
सीएम फडणवीस ने मीडिया से बातचीत में कहा कि जिस तरह से राहुल गांधी नकल कर रहे हैं, मुझे लगता है कि उन्हें पार्टी छोड़कर स्टैंड-अप कॉमेडियन बन जाना चाहिए।” उनका यह बयान राजनीतिक गलियारों में तेजी से चर्चा का विषय बन गया है।

देवेंद्र फडणवीस ने आगे चढ़ते हुए कहा कि राहुल गांधी की वजह से ही कांग्रेस पार्टी के हालात खराब हो गए हैं। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी की वजह से कांग्रेस बेरोजगार हो गई है। अगर वह हास्य कलाकार बनने का विकल्प चुनते हैं, तो कम से कम उन्हें कुछ तो काम मिलेगा।
भाजपा नेतृत्व की ओर से राहुल गांधी पर लगातार हो रहे हमलों के बीच यह बयान माना जा रहा है कि महाराष्ट्र की सियासत में तनाव और गहराते जा रहा है।
इंदौर में राहुल गांधी के बयान से मचा घमासान
दरअसल, मध्य प्रदेश के इंदौर में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में राहुल गांधी पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नकल करने का आरोप लगा। इसी कार्यक्रम के बाद भाजपा नेताओं ने उन पर हमला बोलना शुरू किया, जिसमें सबसे आगे महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री रहे।
राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, भाजपा और कांग्रेस के बीच आ रही इस तरह की नुक्ताचीनी आने वाले चुनावों को देखते हुए और तेज होने का संकेत है।
पेट्रोल पंप डीलर्स की चेतावनी
राजनीतिक तंज के अलावा, फडणवीस ने देशभर में चर्चित UPI शुल्क विवाद पर भी अपनी स्थष्टता रखी। दरअसल, मुंबी के पेट्रोल पंप संचालकों ने चेतावनी दी है कि अगर केंद्र सरकार संशोधित मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) को वापस नहीं लेती है, तो वे 15 अक्टूबर से 2000 रुपये से अधिक के UPI भुगतान स्वीकार करना बंद कर देंगे। इस चेतावनी के बाद सवाल उठ रहे थे कि आखिर आम आदमी के लिए डिजिटल पेमेंट महंगा होगा या नहीं?
सीएम फडणवीस ने इस मुद्दे पर कहा, “पेट्रोल पंपों का यह रुख ठीक नहीं है, क्योंकि UPI ने उनके कारोबार को बढ़ाया है। अब लेनदेन पारदर्शी हो गए हैं और लोग बड़े पैमाने पर UPI का उपयोग कर रहे हैं। जो शुल्क लगाया गया है, वह बहुत मामूली है।”
चिदंबरम समेत कांग्रेस नेताओं पर भी निशाना
UPI पर MDR लगाने की सिफारिश वाले मुद्दे पर फडणवीस ने कांग्रेस पर भी मुहर लगाई। उन्होंने बताया कि संसद की जिस समिति ने इस सिफारिश को मंजूरी दी, उसमें पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम सहित कांग्रेस के तीन वरिष्ठ नेता शामिल थे। उन्होंने पूछा, “जब समिति में आपके ही नेता शामिल थे, तो अब दुष्प्रचार क्यों फैलाया जा रहा है?”
डिजिटल लेनदेन से कम हुआ भ्रष्टाचार
देवेंद्र फडणवीस ने साफ किया कि सरकार का इरादा हर UPI लेनदेन पर शुल्क लगाने का नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार ने स्पष्ट किया है कि शुल्क सभी लेनदेन पर लागू नहीं होगा, बल्कि केवल कुछ निर्धारित लेनदेन पर ही लगेगा। इसके बावजूद इसे लेकर दुष्प्रचार फैलाया जा रहा है।
देवेंद्र फडणवीस के मुताबिक, UPI और डिजिटल लेनदेन ने देश की अर्थव्यवस्था में बड़ी भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा है कि व्यापार को बढ़ावा देने और भ्रष्टाचार को कम करने में UPI की अहम भूमिका रही है। लागत की भरपाई के लिए मामूली शुल्क उचित है और पेट्रोल पंप मालिकों व व्यापारियों को इसका विरोध नहीं करना चाहिए।
सियासत में गूंजेगा “स्टैंड-अप कॉमेडियन” बयान
देवेंद्र फडणवीस के इस बयान के बाद कांग्रेस की ओर से जवाबी हमले की आशंका जताई जा रही है। एक ओर जहां भाजपा राहुल गांधी के कार्यक्रमों को ‘नाटकीय प्रदर्शन’ बता रही है, वहीं दूसरी ओर कांग्रेस इसे पीएम मोदी पर सवाल उठाने की कीमत बता रही है। UPI शुल्क का मुद्दा आम आदमी से जुड़ा होने के कारण आने वाले दिनों में राजनीतिक दलों के बीच इसकी बहस और तेज हो सकती है।
























