Odisha News: किसान संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. सुनीलम ने ओडिशा की ‘डबल इंजन’ सरकार पर जन आंदोलनों को कुचलने का आरोप लगाते हुए राज्य में चल रहे किसान और जन आंदोलनों से जुड़े नेताओं—लिंगराज आजाद और अक्षय कुमार समेत सभी बंदियों की बिना शर्त रिहाई की मांग उठाई है।
डॉ. सुनीलम ने एक बयान जारी कर कहा कि ओडिशा सरकार प्राकृतिक संसाधनों और किसान अधिकारों की रक्षा करने वाले आंदोलनकारियों पर जुल्म कर रही है। उन्होंने देशभर के किसान-मजदूर संगठनों और लोकतांत्रिक ताकतों से एकजुट होकर इस राज्य दमन के खिलाफ आवाज बुलंद करने की अपील की है।
वेदांता के इशारे पर बंद हैं लिंगराज आजाद
डॉ. सुनीलम ने भवानी पटना (कालाहांडी) जेल में बंद लिंगराज आजाद और उनके 23 साथियों (जिनमें 11 महिलाएं शामिल हैं) को तत्काल रिहा करने की मांग की। उन्होंने बताया कि प्रफुल्ल सामंतरा, नरेंद्र मोहंती और लिंगराज (बरगढ़) के साथ मिलकर लिंगराज आजाद ने प्राकृतिक संसाधनों की लूट से जनता को आगाह करने के लिए ‘लोक अधिकार यात्रा’ निकाली थी।
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उन्होंने आरोप लगाया कि कॉर्पोरेट घराने ‘वेदांता कंपनी’ के इशारे पर इन आंदोलनकारियों को पिछले 15 दिनों से जेल में बंद रखा गया है। यह आंदोलन ‘मां माटी माली सुरक्षा मंच’ (रायगढ़ा-कालाहांडी) द्वारा चलाया जा रहा है। उन्होंने याद दिलाया कि हाल ही में 6 महीने जेल में रहने के बाद कुछ आंदोलनकारियों को रिहा किया गया था, लेकिन सरकार का उत्पीड़न बंद नहीं हुआ।
पदयात्रा करने का है अपराध?
डॉ. सुनीलम ने ओडिशा में 16 वर्षों से संघर्षरत ‘कृषक नव निर्माण आंदोलन’ के संयोजक अक्षय कुमार के नेतृत्व में निकाली जा रही ‘किसान यात्रा’ का मामला भी उठाया। उन्होंने बताया कि इस यात्रा के समर्थन में भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत, सांसद सुधाकर सिंह और दिनेश सिंह भुवनेश्वर पहुंचे थे, जहां पुलिस ने उन्हें 750 किसानों के साथ हिरासत में ले लिया। बाद में अक्षय कुमार और 13 अन्य किसानों को जेल भेज दिया गया। डॉ. सुनीलम ने कहा, “सिर्फ पदयात्रा निकालने के कारण किसी को जेल भेजना पूरी तरह असंवैधानिक है।”
विपक्षी दलों से सड़क पर उतरने की अपील
किसान नेता ने ओडिशा सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि जब तक जल, जंगल, जमीन, किसानों को एमएसपी, कर्जा मुक्ति, किसान पेंशन और जबरन भूमि अधिग्रहण पर रोक जैसी मांगें पूरी नहीं होती, तब तक आंदोलन तेज किया जाएगा।
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