The story of the smart crow of the modern age: बचपन में हम सभी ने ‘प्यासा कौवा’ की कहानी तो सुनी ही होगी, जिसमें एक कौवे को प्यास लगती है और वह मटके में पत्थर डाल-डालकर पानी का लेवल ऊपर लाकर अपनी प्यास बुझाता है। ईसवर की इस नीतिकथा को हमने समस्या-समाधान का सबसे बेहतरीन उदाहरण माना है। लेकिन, क्या आपने कभी सोचा है कि अगर वही कौवा आज के आधुनिक युग में होता, तो उसकी बुद्धिमत्ता का स्तर कहां तक पहुंच चुका होता?
शायद इस सवाल का जवाब इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे एक वीडियो ने दे दिया है। इंटरनेट पर इन दिनों एक ऐसा वीडियो सामने आया है, जिसे देखकर आप ‘प्यासे कौवे’ की कहानी को अपडेट करने पर मजबूर हो जाएंगे। वीडियो में एक कौवा बिस्किट को पानी में डुबोकर नरम करता हुआ नजर आ रहा है।
सोशल मीडिया पर छाया ‘स्मार्ट कौवे’ का वीडियो
इस वायरल क्लिप में साफ-साफ देखा जा सकता है कि कैसे कौवे ने अपनी चोंच में एक कड़ी बिस्किट पकड़ी हुई है। वह उसे पास ही रखे एक पानी से भरे टब या बर्तन में डुबोता है। वह सिर्फ इतना ही नहीं करता, बल्कि कुछ देर तक बिस्किट को पानी में ही डूबा रहने देता है, ताकि वह अच्छी तरह से गीली और नरम हो जाए। जैसे ही बिस्किट नरम होती है, कौवा उसे बाहर निकालकर आराम से चबा-चबाकर खाने लगता है। यह प्रक्रिया वह कई बार दोहराता है।
लोगों का मानना है कि सूखी बिस्किट बहुत कड़ी होती है और उसे सीधे खाना मुश्किल हो सकता है। कौवे ने यह ध्यान रखा और पानी को एक ‘टूल’ की तरह इस्तेमाल किया। सोशल मीडिया यूजर्स इस वीडियो पर जमकर कमेंट कर रहे हैं। एक यूजर ने लिखा, “ये तो हमसे भी ज्यादा स्मार्ट है,” जबकि दूसरे ने कहा, “पुरानी कहानी अब नई तकनीक के साथ सामने आई है।”
विज्ञान क्या कहता है कौवों की बुद्धिमत्ता के बारे में?
अगर आप सोच रहे हैं कि यह सिर्फ एक संयोग है, तो आप गलत हैं। वैज्ञानिक दृष्टिकोण से देखें तो कौवे बेहद बुद्धिमान पक्षी हैं। ये ‘कोरविडे’ परिवार के होते हैं, जिसमें कौआ, रेवेन और जे जैसी प्रजातियां शामिल हैं। प्रकृति में इनकी समस्या-समाधान करने की क्षमता कई स्तनधारियों (जैसे बंदरों या कुत्तों) के बराबर या उससे भी बेहतर मानी जाती है।
वैज्ञानिकों के अनुसार, कौवों के दिमाग का एक हिस्सा जो कि ‘नियोपैलियम’ कहलाता है, स्तनधारियों के सेरेब्रल कॉर्टेक्स के समान काम करता है। यही वजह है कि ये भविष्य की योजना बना सकते हैं, औजारों का इस्तेमाल कर सकते हैं और अपने अनुभवों से सीख सकते हैं।
दुनिया भर से आए हैं कौवों के चौंकाने वाले कारनामे
यह पहला मौका नहीं जब कौवों ने अपनी बुद्धि का परिचय दिया है। दुनिया भर में इन पर किए गए अध्ययन बेहद दिलचस्प हैं:
जापान के कौवे टोक्यो में कौवों ने सड़कों पर अखरोट रख दिए। जब गाड़ियां उन पर चली जातीं और अखरोट टूट जाते थे, तो वे लाल बत्ती के बाद सड़क पर आकर उन्हें खा जाते थे। यह ट्रैफिक सिग्नल को समझने और उसका फायदा उठाने का एक अनोखा उदाहरण है।
न्यू कैलेडोनिया के कौवे: इन कौवों ने पत्तियों और छोटी टहनियों से हुक बनाना सीख लिया है। वे इन हुक्स की मदद से लकड़ी के छेदों में छिपे कीड़ों को बाहर निकालकर खाते हैं। कई शोधों में कौवों ने एक लंबी ट्यूब में पानी का लेवल ऊपर लाने के लिए ठोस वस्तुओं (पत्थर या धातु के टुकड़े) का इस्तेमाल किया है, जो सीधे तौर पर ‘प्यासा कौवा’ की कहानी से मेल खाता है।
बिस्किट डुबोना भी एक ‘टूल यूज’ है
वायरल वीडियो में जो कौवा बिस्किट को पानी में डुबो रहा है, वह वास्तव में ‘एनवायरनमेंटल मैनिपुलेशन’ कर रहा है। उसने यह भांप लिया कि पानी बिस्किट की बनावट को बदल देगा और उसे नरम बना देगा। कठोर भोजन को गीला करके खाने की यह प्रक्रिया उसके सहज ज्ञान और अपने आसपास के माहौल को समझने की क्षमता को दर्शाती है।

























