भूतों वाला गांव! दिन में कोरिया की संस्कृति का संगम

गांव में दो हॉरर एक्सपीरियंस को सबसे खास माना जाता है। पहला है "ए हॉन्टेड डेन", जिसमें विजिटर्स को टॉर्च की रोशनी में एक अंधेरे पारंपरिक हनोक घर से गुजरना पड़ता है। इस दौरान भूत कभी पीछे से तो कभी साइड से अचानक प्रकट हो जाते हैं।

कोरिया का अनोखा गांव जहां डर की बिकती है टिकट (फाइल फोटो)

HIGHLIGHTS

  • यहां पैसे देकर भूतों से डरने जाते हैं लाखों पर्यटक
  • सूरज ढलते ही गांव बन जाता है भूतों का डेरा
  • बच्चों की हालत खराब! चीखों से गूंजता है ये गांव
  • नौ पूंछ वाली लोमड़ी आत्मा घूमती है इस गांव में

Discover a unique village: दुनिया भर में अजीबो-गरीब थीम पार्क और पर्यटन स्थलों की कोई कमी नहीं है। कहीं एडवेंचर राइड्स का रोमांच है, तो कहीं वाटर पार्क की ठंडक या जानवरों के चिड़ियाघर। लेकिन साउथ कोरिया में एक ऐसी जगह है जहां पर्यटक टिकट खरीदकर जानबूझकर डरते हैं, चीखते हैं और फिर खिलखिलाते हैं।

सियोल से करीब एक घंटे की दूरी पर योंगिन शहर में बसा कोरियन फोक विलेज दिन के उजाले में एक पारंपरिक कोरियाई गांव जैसा दिखता है, लेकिन जैसे ही अंधेरा छाता है, पूरा माहौल एकदम बदल जाता है। गलियों में सफेद कपड़ों में लिपटे भूत, नौ पूंछों वाली लोमड़ी आत्मा और मौत के दूत घूमने निकल पड़ते हैं। डर और मस्ती का यही अनोखा कॉम्बिनेशन लोगों को दूर-दूर से यहां खींच लाता है।

1974 में खुला था यह लिविंग म्यूजियम

साल 1974 में स्थापित कोरियन फोक विलेज दरअसल एक ओपन-एयर म्यूजियम और थीम पार्क है। यहां जोसियन राजवंश के दौर की 270 से ज्यादा पारंपरिक इमारतें मौजूद हैं, जिनमें पुराने घर, मंदिर, स्कूल और गांव की अन्य संरचनाएं शामिल हैं। इन सबको उस दौर की शैली में ही बनाया गया है, जिससे विजिटर्स को सैकड़ों साल पुराने कोरियाई जीवन की झलक मिल सके।

दिन के समय कलाकार पारंपरिक पोशाक में घूमते हैं, लोक नृत्य की प्रस्तुतियां दी जाती हैं और हस्तशिल्प के लाइव डेमो दिखाए जाते हैं। कई पर्यटक तो यहां हनबोक पहनकर फोटोशूट तक कराते हैं। यही वजह है कि कोरियाई ड्रामे की शूटिंग भी अक्सर इसी विलेज में होती है।

सूरज ढलते ही शुरू होता है असली खेल

लेकिन असली रोमांच तब शुरू होता है जब शाम की चादर गांव पर फैलती है। “हॉरर विलेज इन द डेड ऑफ नाइट” नाम के इस खास इवेंट में पूरा गांव किसी डरावनी फिल्म के सेट में तब्दील हो जाता है। पेशेवर कलाकार कोरियाई लोककथाओं के भूतों का गेटअप करते हैं। सफेद हनबोक में लिपटी, लंबे बिखरे बालों वाली कुंवारी प्रेतात्मा चेओनियो ग्विशिन चुपचाप गलियों में भटकती दिखती है।

खून के निशान वाले चेहरे के साथ गुमिहो यानी नौ पूंछों वाली लोमड़ी आत्मा लोगों को चौंकाती है, वहीं काले वेशभूषा में सजा जेओसुंग साजा यानी मौत के दूत अपनी डंडी लिए टहलते नजर आते हैं। ये कलाकार अचानक अंधेरे से निकलकर सामने आ जाते हैं, पीछे से पीछा करते हैं और कोने से निकलकर विजिटर्स की चीखें छुड़ा देते हैं। मजेदार बात यह है कि डरने के बाद वही लोग इन ‘भूतों’ के साथ सेल्फी लेने के लिए कतार में खड़े हो जाते हैं।

ये दो अट्रैक्शन कर देते हैं रोंगटे खड़े

गांव में दो हॉरर एक्सपीरियंस को सबसे खास माना जाता है। पहला है “ए हॉन्टेड डेन”, जिसमें विजिटर्स को टॉर्च की रोशनी में एक अंधेरे पारंपरिक हनोक घर से गुजरना पड़ता है। इस दौरान भूत कभी पीछे से तो कभी साइड से अचानक प्रकट हो जाते हैं। दूसरा अट्रैक्शन है “ए हॉन्टेड प्रिजन”, जिसे कोरिया का सबसे लंबा आउटडोर हॉरर कोर्स माना जाता है। इसमें विजिटर्स खुद को एक्सोरसिस्ट की तरह महसूस करते हुए भूतों से भरे खंडहर गांव में लंबा रास्ता तय करते हैं। पूरे रूट पर करीब 9-10 प्रोफेशनल स्केयर एक्टर्स सक्रिय रहते हैं, जो हर कदम पर आपका सामना कराते हैं।

बच्चों की हालत हो जाती है खराब

यह अनुभव उतना ही मजबूत है, जितना डरावना — खासकर बच्चों के लिए। इसीलिए हॉरर जोन में प्रवेश सिर्फ 13 साल या उससे ऊपर की उम्र के लोगों के लिए है। फिर भी कई परिवार छोटे बच्चों को रात के इस जोन में ले आते हैं और तब बच्चों की हालत खराब हो जाती है। कुछ बच्चे चीखते-चीखते रोने लगते हैं और मां-बाप की गोद में छिप जाते हैं। अब स्टाफ की तरफ से अभिभावकों को पहले ही समझा दिया जाता है कि डरावने जोन में छोटे बच्चों को नहीं ले जाना चाहिए। यही वजह है कि कई परिवार दिन में संस्कृति का आनंद लेते हैं और रात के हॉरर एक्सपीरियंस को बड़ों के लिए छोड़ देते हैं।

सोशल मीडिया पर छाई है यह जगह

आज के दौर में किसी भी जगह की सबसे बड़ी मार्केटिंग सोशल मीडिया ही है और कोरियन फोक विलेज का हॉरर नाइट इसका सबसे बड़ा सबूत है। यहां के भूतों वाले वीडियो और तस्वीरें अक्सर इंटरनेट पर वायरल होती रहती हैं। लोग शेयर करते हैं कि डर के मारे चीख निकल गई, लेकिन मजा भी बहुत आया। कुछ यूजर्स तो यहां के भूतों के गेटअप की तारीफ इतनी करते हैं कि लगता है कोई असली डरावनी फिल्म का सीन हो। बड़े बजट की फिल्मों जैसा मेकअप और एक्टिंग यहां के कलाकारों की पहचान बन चुकी है।

घूमने जा रहे हैं तो इन बातों का रखें ध्यान

  • हॉरर जोन 13 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए उपयुक्त नहीं है।
  • रात के इवेंट के लिए समय पर पहुंचें, क्योंकि भीड़ काफी होती है।
  • दिन और रात दोनों का अनुभव लें — दोनों का माहौल बिल्कुल अलग है।
  • फोटो और वीडियो लेना न भूलें, भूतों के साथ सेल्फी यहां की खासियत है।

कोरियन फोक विलेज साबित करता है कि डर भी एक मनोरंजन बन सकता है, अगर उसे समझदारी से पेश किया जाए। एक तरफ यहां कोरिया की हजारों साल पुरानी संस्कृति जीवंत रूप में सामने आती है, तो दूसरी तरफ रात का हॉरर शो एडवेंचर प्रेमियों के लिए यादगार अनुभव छोड़ जाता है। यही दोहरा रंग इस जगह को दुनियाभर के पर्यटकों की पसंदीदा जगह बनाता है। अगर आप कभी साउथ कोरिया जाएं, तो इस अनोखे गांव में जरूर घुसें — बस धड़कन मजबूत लेकर जाएं!

Sandhya Samay News

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