PM Modi: देश की आधी आबादी को सबसे बड़ा तोहफा देने की तैयारी में मोदी सरकार ने आज लोकसभा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। महिलाओं की सशक्तता और उनकी आवाज को संसद में बुलंद करने के लिए सरकार ने तीन अहम बिल पेश किए हैं। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सदन में एक बेहद सख्त और संदेश देने वाला बयान दिया।
पीएम मोदी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि महिलाओं के अधिकारों का विरोध करने वालों को माफी नहीं मिली, याद रखिए। उन्होंने बताया कि उनकी सरकार लगातार महिलाओं की आवाज को ऊंचा उठाने का काम कर रही है और यह बिल उसी कड़ी का सबसे मजबूत कड़ी है।
2029 के चुनाव तक होगा लक्ष्य पूरा
सरकार का स्पष्ट लक्ष्य है कि 2029 के आम चुनावों से पहले लोकसभा और देश की सभी राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत (एक-तिहाई) आरक्षण सुनिश्चित किया जाए। यह आरक्षण न केवल उन्हें राजनीतिक रूप से सशक्त करेगा, बल्कि समाज के हर क्षेत्र में उनकी भागीदारी को बढ़ावा देगा।
सांसदों को जारी हुआ कड़ा निर्देश
इस ऐतिहासिक बिल पर चर्चा और पारित होने को लेकर सरकार ने कोई कसर नहीं छोड़ी है। सरकार के कोटे के सभी सांसदों को 16 अप्रैल से लेकर 18 अप्रैल तक सदन में उपस्थित रहने का कड़ा निर्देश (व्हिप) जारी किया गया है। इस अवधि में किसी भी तरह की अनुपस्थिति पर सख्त रुख अपनाया जाएगा।
माना जा रहा है कि ये तीनों बिल पारित होने के बाद भारतीय लोकतंत्र में ‘नारी शक्ति’ को नई परिभाषा मिलेगी। पीएम मोदी के इस बयान के बाद सियासी गलियारों में भी हलचल तेज हो गई है और विपक्ष पर दबाव बढ़ गया है कि वह महिला आरक्षण बिल के मुद्दे पर अपना रुख स्पष्ट करे।


















