पश्चिम बंगाल में चुनाव के नतीजों से पहले राजनीतिक तनाव, भवानीपुर घटना पर विवाद

TMC के गंभीर आरोपों के बीच चुनाव आयोग (EC) ने साफ किया कि इस मामले में कुछ भी गलत नहीं है। EC के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह कारें हरीश मुखर्जी रोड से गुजर रही थीं। सुरक्षा बलों और पुलिस द्वारा उनकी जांच की गई और जब कारों में कुछ भी आपत्तिजनक नहीं मिला, तो उन्हें आगे जाने दिया गया।

भवानीपुर में चुनावी तनाव: भाजपा और टीएमसी के बीच आरोप-प्रत्यारोप का खेल

HIGHLIGHTS

  • पश्चिम बंगाल में चुनावी काउंटिंग से पहले तनाव, भवानीपुर में हंगामा
  • भवानीपुर में स्ट्रॉन्ग रूम के पास भाजपा झंडे वाली कारों पर टीएमसी का आरोप
  • EC ने भवानीपुर में भाजपा कारों को लेकर लगाए गए आरोपों को किया खारिज
  • भवानीपुर स्ट्रॉन्ग रूम के बाहर हंगामा, टीएमसी ने लगाए EVM छेड़छाड़ के आरोप
  • चुनाव आयोग ने भवानीपुर में बीजेपी कारों की संदिग्ध भूमिका को बताया निराधार
  • भवानीपुर में बीजेपी झंडे वाली कारें, टीएमसी का आरोप और EC की सफाई

West Bengal Elections: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनावों के नतीजों से पहले सियासी तल्खी चरम पर पहुंच गई है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के विधानसभा क्षेत्र भवानीपुर में स्ट्रॉन्ग रूम के बाहर रविवार सुबह एक बार फिर हंगामा खड़ा हो गया। टीएमसी ने भाजपा के झंडे वाली दो कारों के स्ट्रॉन्ग रूम परिसर में घुसने का आरोप लगाते हुए EVM छेड़छाड़ की आशंका जताई है, हालांकि चुनाव आयोग ने इन आरोपों को बेबुनियाद करार दिया है।

क्या है पूरा मामला?

यह घटना उसी सखावत मेमोरियल गर्ल्स स्कूल की है, जहां गुरुवार रात को ममता बनर्जी चार घंटे तक धरने पर बैठी थीं। रविवार सुबह काउंटिंग सेंटर से 100 मीटर दूर कैंप कर रहे TMC कार्यकर्ताओं ने देखा कि बीजेपी के झंडे लगी दो कारें सीधे स्ट्रॉन्ग रूम के पास जा रही हैं।

TMC कार्यकर्ताओं का कहना है कि जब उन्होंने विरोध किया, तो केंद्रीय बलों (CAPF) ने उन्हें 100 मीटर दूर जाने के लिए मजबूर किया। एक TMC कार्यकर्ता ने सवाल उठाया कि जब CAPF किसी को बिना वैलिड आइडेंटिटी प्रूफ के अंदर नहीं जाने दे रही, तो फिर एक अनजान कार (जिसे पिछले कुछ दिनों से नहीं देखा गया) को स्ट्रॉन्ग रूम तक कैसे जाने दिया गया?

चुनाव आयोग का स्पष्टीकरण

TMC के गंभीर आरोपों के बीच चुनाव आयोग (EC) ने साफ किया कि इस मामले में कुछ भी गलत नहीं है। EC के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह कारें हरीश मुखर्जी रोड से गुजर रही थीं। सुरक्षा बलों और पुलिस द्वारा उनकी जांच की गई और जब कारों में कुछ भी आपत्तिजनक नहीं मिला, तो उन्हें आगे जाने दिया गया।

मतगणना से पहले ही बढ़ गई टेंशन

सोमवार सुबह 8 बजे से मतगणना शुरू होनी है। इससे पहले TMC और BJP के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिल रही है। ममता बनर्जी लगातार नतीजों से पहले EVM में गड़बड़ी होने का डर जता रही हैं।

दरअसल, चुनाव सम्पन्न होने के बाद से ही राज्य भर में कई स्ट्रॉन्ग रूम के बाहर हंगामे का दौर जारी है:

  • खुदीराम केंद्र: TMC नेताओं शशि पांजा और कुणाल घोष ने TMC एजेंटों की गैर-मौजूदगी में अंदर गैर-कानूनी गतिविधियों का आरोप लगाते हुए धरना दिया।
  • हावड़ा: TMC ने स्ट्रॉन्ग रूम के पास PWD द्वारा रेनोवेशन के काम का विरोध किया, जिसके बाद EC को काम रोकना पड़ा।
  • बारासात और आसनसोल: TMC वर्कर्स ने CCTV कैमरों के कुछ देर के लिए बंद रहने का आरोप लगाया, जिसे EC ने सिरे से खारिज कर दिया।

BJP ने TMC पर साधा निशाना

इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए BJP प्रवक्ता सजल घोष ने TMC पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि बंगाल की जनता को यह मजाक लग रहा है। जो पार्टी गलत तरीकों और जबरदस्ती से चुनाव जीतने की आदी रही है, वह अब हार के डर से हर तरह के बेबुनियाद आरोप लगा रही है।

वोटों की गिनती से अभी एक रात बाकी है और ऐसे में बंगाल में स्ट्रॉन्ग रूम की सुरक्षा और सियासी बयानबाजी दोनों कड़ी नजर में हैं।

Rishi Tiwari

ऋषि तिवारी (Rishi Tiwari) ने वर्ष 2011 में मुंबई से पत्रकारिता की दुनिया में कदम रखा और मुंबई से प्रकाशित मुंबई मित्र जैसे समाचारपत्रों में सक्रिय भूमिका निभाई। इसके बाद दिल्ली और एनसीआर में एपीएनएस न्यूज एजेंसी में लंबे समय तक सेवाएं देने के बाद यहां से रुख कर लिया। वर्ष 2018 में इन्होंने संध्या समय न्यूज के साथ नई पारी की शुरुआत की। पिछले कई वर्षों से निष्पक्ष, प्रभावी और जनसरोकारों पर आधारित पत्रकारिता को मजबूती से आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं।

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