पटना में आइसक्रीम पर छापा, लाखों की सामग्री नष्ट

Action taken against ice cream establishments in Patna: पटना में खाद्य सुरक्षा विभाग ने आइसक्रीम और डेयरी प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। एक्सपायर्ड सामग्री नष्ट की गई, नमूने जांच के लिए भेजे गए और कमियां दूर करने के लिए नोटिस जारी हुए।

पटना में आइसक्रीम दुकानों पर खाद्य विभाग का शिकंजा

HIGHLIGHTS

  • स्नो बॉल यूनिट का लाइसेंस निलंबित, सामग्री नष्ट
  • आइसक्रीम में गड़बड़ी, बिक्री पर रोक और नमूने जांच
  • 14 दिन का अल्टीमेटम, नहीं सुधरे तो लाइसेंस रद्द
  • पटना में 260 किलो एक्सपायर्ड खाद्य सामग्री नष्ट

Action taken against ice cream establishments in Patna: पटना में खाद्य सुरक्षा मानकों के पालन की जांच के लिए खाद्य संरक्षा विभाग ने आइसक्रीम और डेयरी उत्पादों से जुड़े कई प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। कार्रवाई के दौरान स्वच्छता, सुरक्षित भंडारण, लेबलिंग, कर्मचारियों के स्वास्थ्य प्रमाण-पत्र और परिवहन व्यवस्था में कमियां सामने आईं। कुछ खाद्य नमूने प्रयोगशाला जांच के लिए लिए गए, जबकि खराब और एक्सपायर्ड सामग्री को मौके पर नष्ट किया गया।

विभाग ने संबंधित कारोबारियों को सुधार के निर्देश दिए हैं। खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 की धारा 32 के तहत जारी नोटिस के अनुसार, प्रतिष्ठानों को कमियां दूर करने के लिए 14 दिन का समय दिया गया है। निर्देशों का पालन न करने पर लाइसेंस निलंबित या रद्द किया जा सकता है।

गोल्डन आइसक्रीम यूनिट में सफाई और भंडारण पर सवाल

पाटलिपुत्र औद्योगिक क्षेत्र स्थित मेसर्स गोल्डन डेयरी प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के फ्रोजन स्टोरेज एरिया में गंदगी पाई गई। निरीक्षण में खाद्य सामग्री और बटर के भंडारण की व्यवस्था में सुधार की जरूरत भी सामने आई। अधिकारियों ने आर्टिफिशियल बटर से जुड़ी अनियमितता दर्ज की और जांच के लिए रोज व्हाइट का नमूना लिया।

कार्रवाई के दौरान खराब हालत में मिली 244 चोको बार और 198 अमर बार आइसक्रीम को जनस्वास्थ्य के हित में नष्ट किया गया। प्रतिष्ठान को सफाई और खाद्य पदार्थों के सुरक्षित भंडारण के नियमों का पालन करने का निर्देश दिया गया।

स्नो बॉल आइसक्रीम इकाई में ₹80,720 की सामग्री नष्ट

माधोपुर, मनेर स्थित मेसर्स अनुज न्यूट्रिटेक प्राइवेट लिमिटेड की स्नो बॉल आइसक्रीम निर्माण इकाई में व्यक्तिगत स्वच्छता, स्टोर की सफाई और खाद्य सुरक्षा व्यवस्था में सुधार की आवश्यकता पाई गई। जांच के लिए स्किम्ड मिल्क पाउडर का नमूना संग्रहित किया गया।

निरीक्षण के समय उत्पादों के परिवहन के लिए उपयुक्त वाहन, इस्तेमाल किए जा रहे पानी की रासायनिक और माइक्रोबायोलॉजिकल जांच रिपोर्ट, कर्मचारियों के स्वास्थ्य प्रमाण-पत्र तथा स्वच्छता रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं थे। अधिकारियों ने उत्पादों के रैपर पर पंजीकृत कार्यालय का पता ठीक करने को भी कहा।

यूनिट में बिना लेबल का 100 किलोग्राम स्किम्ड मिल्क पाउडर, 120 किलोग्राम एक्सपायर्ड मैंगो पल्प, 20 किलोग्राम एक्सपायर्ड ड्राइड ब्लैक करंट और 20 किलोग्राम एक्सपायर्ड चॉकलेट सब्सिट्यूट मिला। इन सामग्रियों का अनुमानित मूल्य ₹80,720 बताया गया। कुल 260 किलोग्राम सामग्री को गड्ढे में दबाकर मिट्टी और राख से ढकते हुए नष्ट किया गया।

मदर डेयरी स्टॉकिस्ट को सुधार नोटिस

पश्चिम तेज प्रताप नगर, अनीसाबाद स्थित मदर डेयरी स्टॉकिस्ट मां भद्रकाली ट्रेडर्स के यहां वितरण और सुरक्षित परिवहन से संबंधित कमियां मिलीं। प्रतिष्ठान के इनवॉइस पर एफएसएसएआई नंबर दर्ज नहीं था। रेफ्रिजरेटेड वाहन के जरूरी पंजीकरण विवरण और कर्मचारियों के स्वास्थ्य प्रमाण-पत्र भी उपलब्ध नहीं पाए गए।

जांच के लिए फ्रोजन ग्रीन पीज का नमूना लिया गया। विभाग ने कर्मचारियों के स्वास्थ्य प्रमाण-पत्र सात दिनों के भीतर बनवाने, वाहन का आवश्यक पंजीकरण कराने और इनवॉइस पर एफएसएसएआई नंबर अंकित करने का निर्देश दिया। प्रतिष्ठान को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 की धारा 32 के तहत सुधार नोटिस जारी किया गया है।

क्रीम डेयरी निर्माता के उत्पादों की बिक्री पर रोक

खेमनीचक स्थित सलोनी एंटरप्राइजेज में निरीक्षण के दौरान आइसक्रीम पर बैच नंबर और निर्माण तिथि अंकित नहीं मिली। उत्पाद खुले रूप में रखे थे और प्रतिष्ठान की सफाई तथा भंडारण व्यवस्था असंतोषजनक पाई गई। इन कमियों के चलते संबंधित आइसक्रीम की बिक्री पर रोक लगा दी गई।

अधिकारियों के अनुसार, वहां पेस्ट कंट्रोल की व्यवस्था नहीं थी और खाद्य पदार्थों में उपयोग किए जाने वाले पानी की जांच रिपोर्ट उपलब्ध नहीं कराई गई। उपकरणों और मशीनों की सफाई भी संतोषजनक नहीं थी। कर्मचारी निर्धारित पोशाक और हेडगार्ड में नहीं थे तथा उनके स्वास्थ्य प्रमाण-पत्र भी उपलब्ध नहीं मिले। कुम्हरार स्थित पॉपुलर स्नोमैन कोल्ड स्टोरेज में बैच नंबर अंकित न होने के कारण ₹43,000 मूल्य का 160 किलोग्राम बटर जब्त किया गया। बटर और आइसक्रीम के नमूने जांच के लिए खाद्य प्रयोगशाला भेजे गए।

14 दिन में सुधार नहीं हुआ तो लाइसेंस पर कार्रवाई

खाद्य सुरक्षा विभाग के अनुसार, सुधार नोटिस पाने वाले प्रतिष्ठानों को 14 दिनों के भीतर कमियां दूर करनी होंगी। इसके बाद 15वें दिन अनुपालन का प्रमाण संबंधित कार्यालय में जमा करना होगा। तय समय में निर्देशों का पालन न होने पर लाइसेंस निलंबित किया जा सकता है और नियमों के तहत उसे रद्द करने की कार्रवाई भी हो सकती है।

विभाग ने कहा कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, स्वच्छता और सुरक्षित भंडारण उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य से सीधे जुड़े हैं। पटना में खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन पर निरीक्षण और नियमानुसार कार्रवाई जारी रहेगी।

Rishi Tiwari

ऋषि तिवारी (Rishi Tiwari) ने वर्ष 2011 में मुंबई से पत्रकारिता की दुनिया में कदम रखा और मुंबई से प्रकाशित मुंबई मित्र जैसे समाचारपत्रों में सक्रिय भूमिका निभाई। इसके बाद दिल्ली और एनसीआर में एपीएनएस न्यूज एजेंसी में लंबे समय तक सेवाएं देने के बाद यहां से रुख कर लिया। वर्ष 2018 में इन्होंने संध्या समय न्यूज के साथ नई पारी की शुरुआत की। पिछले कई वर्षों से निष्पक्ष, प्रभावी और जनसरोकारों पर आधारित पत्रकारिता को मजबूती से आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now