Protest against Kharge in Patna: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर की गई टिप्पणी के बाद बिहार की राजनीति में तनाव बढ़ गया है। बयान के विरोध में आज सोमवार को भाजपा ने पटना में प्रदर्शन किया और कांग्रेस नेताओं का पुतला जलाया। पार्टी ने देशभर के जिला मुख्यालयों पर भी विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया। भाजपा नेताओं ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ इस तरह की भाषा स्वीकार नहीं की जाएगी और कांग्रेस अध्यक्ष को अपने बयान पर माफी मांगनी चाहिए।
पटना में प्रदेश भाजपा कार्यालय से आयकर गोलंबर तक प्रदर्शन
पटना में भाजपा कार्यकर्ता प्रदेश पार्टी कार्यालय से आयकर गोलंबर तक जुलूस की शक्ल में पहुंचे। प्रदर्शन का नेतृत्व बिहार भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी ने किया। सहकारिता मंत्री राम कृपाल यादव समेत पार्टी के कई नेता और कार्यकर्ता इसमें शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने कांग्रेस के खिलाफ नारे लगाए और पुतला दहन किया।
भाजपा नेताओं का कहना था कि प्रधानमंत्री पद पर बैठे व्यक्ति के लिए अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल लोकतांत्रिक मर्यादाओं के खिलाफ है। पार्टी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेतृत्व राजनीतिक विरोध को व्यक्तिगत हमलों में बदल रहा है। हालांकि, बयान को लेकर कांग्रेस की ओर से क्या प्रतिक्रिया दी गई, इसकी पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं है।
कार्यक्रम में क्या हुआ था?
विवाद की शुरुआत रविवार को पटना में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान हुई। यह कार्यक्रम बिहार के प्रथम मुख्यमंत्री श्रीकृष्ण सिंह की जयंती के अवसर पर रखा गया था, जिसमें मल्लिकार्जुन खरगे भी शामिल हुए थे। कार्यक्रम के दौरान दर्शकों में मौजूद एक व्यक्ति ने कथित तौर पर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कहीं नहीं जाएंगे। इसके जवाब में खरगे ने कहा, “मोदी का बाप भी जाएगा।”
इस कथित टिप्पणी का वीडियो और बयान सामने आने के बाद बीजेपी ने इसे प्रधानमंत्री के प्रति आपत्तिजनक भाषा बताते हुए विरोध शुरू कर दिया। पार्टी नेताओं ने कहा कि राजनीतिक बहस में आलोचना हो सकती है, लेकिन इस तरह के शब्दों से सार्वजनिक संवाद का स्तर गिरता है। दूसरी ओर, बयान की पूरी परिस्थिति और संदर्भ को लेकर राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं।
भाजपा कार्यकर्ता ने दर्ज कराई पुलिस शिकायत
खरगे की टिप्पणी को लेकर पटना के कोतवाली थाने में एक भाजपा कार्यकर्ता ने शिकायत भी दर्ज कराई। थाने के एक अधिकारी के अनुसार, रविवार शाम एक व्यक्ति ने कांग्रेस अध्यक्ष के बयान के संबंध में शिकायत दी थी। शिकायत दर्ज कराने वाले भाजपा कार्यकर्ता कृष्ण कुमार सिंह ने संवाददाताओं से कहा कि प्रधानमंत्री के खिलाफ की गई टिप्पणी कांग्रेस और उसके अध्यक्ष के “वैचारिक दिवालियापन” को दर्शाती है।
सिंह ने खरगे पर “नक्सली व्यवहार” करने का आरोप लगाया और 24 घंटे के भीतर माफी मांगने की मांग की। पुलिस शिकायत मिलने की पुष्टि हुई है, लेकिन इससे यह निष्कर्ष नहीं निकलता कि आरोप साबित हो गए हैं। मामले में आगे की कार्रवाई पुलिस की जांच और संबंधित कानूनी प्रक्रिया पर निर्भर करेगी।
भाजपा ने देशभर में विरोध का किया आह्वान
पटना का प्रदर्शन बीजेपी के व्यापक विरोध अभियान का हिस्सा बताया गया। पार्टी ने सोमवार को देश के विभिन्न जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन करने की बात कही। बीजेपी का आरोप है कि खरगे की टिप्पणी प्रधानमंत्री पद की गरिमा को ठेस पहुंचाती है। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग भी उठाई।
राजनीतिक तौर पर यह विवाद ऐसे समय सामने आया है, जब बिहार में दलों के बीच बयानबाजी तेज है। प्रधानमंत्री पर की गई टिप्पणी को लेकर बीजेपी ने कांग्रेस को घेरने का प्रयास किया है, जबकि इस घटनाक्रम ने राजनीतिक भाषणों की मर्यादा पर एक बार फिर बहस छेड़ दी है।
बयान पर बढ़ी राजनीतिक बयानबाजी
किसी भी राजनीतिक नेता के बयान का मूल्यांकन उसके पूरे संदर्भ में करना जरूरी होता है। इस मामले में उपलब्ध विवरण के मुताबिक, खरगे ने कार्यक्रम में मौजूद एक व्यक्ति की टिप्पणी के जवाब में यह बात कही थी। बीजेपी ने इसे अपमानजनक बताते हुए विरोध प्रदर्शन किया और पुलिस शिकायत दर्ज कराई। आगे इस विवाद पर दोनों दलों की प्रतिक्रियाएं और पुलिस की कार्रवाई अहम रहेंगी।
खरगे का मोदी पर बयान अब बिहार की राजनीति में बड़ा मुद्दा बन गया है। पटना में पुतला दहन, बीजेपी नेताओं की माफी की मांग और पुलिस में दी गई शिकायत के बाद विवाद का राजनीतिक असर आगे भी दिखाई दे सकता है। फिलहाल, मामला बयान के संदर्भ, राजनीतिक प्रतिक्रियाओं और शिकायत पर होने वाली कार्रवाई के इर्द-गिर्द केंद्रित है।



























