गोदरेज की ‘2nd Gen Kumars’: माइक्रो-ड्रामा के जरिए भारतीय परिवारों की नई कहानी

गोदरेज की पहली माइक्रो-ड्रामा सीरीज ‘2nd Gen Kumars’ में देखें मुंबई लौटती तारा, कजिन्स का मिलन और आज के भारतीय परिवारों की रिश्तों से जुड़ी कहानी।

गोदरेज की नई सीरीज में खुलेंगे परिवार के अनकहे राज

HIGHLIGHTS

  • हांगकांग से मुंबई लौटी तारा, घर में मचेगा धमाल
  • कजिन्स का मिलन या पुराने झगड़ों की नई शुरुआत?
  • गोदरेज ने माइक्रो-ड्रामा में क्यों रखा कदम?
  • आठ छोटी कड़ियों में रिश्तों की बड़ी कहानी

Godrej’s ‘2nd Gen Kumars’: घर सिर्फ रहने की जगह नहीं, बल्कि रिश्तों, यादों और रोजमर्रा की जिंदगी का साझा केंद्र है। यहीं परिवार एक-दूसरे के करीब आते हैं, पुरानी बातें फिर से ताजा होती हैं और कभी-कभी छोटी-सी बातचीत भी बड़े सवालों को सामने ले आती है। भारतीय घरों से 129 साल से अधिक समय से जुड़ा गोदरेज अब इसी अनुभव को कहानी के नए फॉर्मेट में पेश कर रहा है। ब्रांड ने अपनी पहली माइक्रो-ड्रामा सीरीज ‘2nd Gen Kumars’ लॉन्च की है, जो इंस्टाग्राम पर आठ छोटी कड़ियों में दिखाई जा रही है।

करीब दो मिनट की हर कड़ी आज के भारतीय परिवारों की बदलती जिंदगी, रिश्तों और घर की नई परिभाषा को सामने लाती है। सीरीज में श्रेया गुप्तो, नमन अरोड़ा, रुशद राणा और एकावली खन्ना सहित कई कलाकार नजर आएंगे। इसकी कहानी 30 वर्षीय तारा के मुंबई लौटने से शुरू होती है। हांगकांग से वापस आई तारा अपने नए घर में चचेरे-ममेरे भाई-बहनों का स्वागत करती है। घर में मिलने-जुलने का यह मौका जल्द ही परिवार के पुराने समीकरणों और अनकही बातों को उजागर करने लगता है।

रिश्तों, यादों और बड़े होने की कहानी

शुरुआत में ‘2nd Gen Kumars’ एक आम पारिवारिक मिलन की तरह लगती है—जहां हंसी-मजाक है, बचपन की यादें हैं और भाई-बहनों की परिचित नोकझोंक। लेकिन इन हल्के पलों के पीछे आपसी तुलना, पुराने मतभेद और जिंदगी के मुश्किल फैसले भी मौजूद हैं। हर किरदार अपने अनुभवों और उम्मीदों के साथ इस घर में लौटता है। ऐसे में मिलना सिर्फ पुरानी यादें ताजा करने तक सीमित नहीं रहता; यह रिश्तों को नए नजरिए से देखने का मौका बन जाता है।

सीरीज का केंद्र एक ऐसा सवाल है जो कई परिवारों के लिए जाना-पहचाना है: जब हर सदस्य अपनी अलग जिंदगी और पहचान बना रहा हो, तो क्या परिवार के रिश्ते पहले की तरह कायम रह सकते हैं? ‘2nd Gen Kumars’ इसी सवाल को छोटे, तेज और मोबाइल पर आसानी से देखे जा सकने वाले एपिसोड के जरिए पेश करती है। इसका फॉर्मेट उन दर्शकों के लिए बनाया गया है जो सोशल मीडिया पर कम समय में कहानी से जुड़ना चाहते हैं।

कहानी का हिस्सा बनते हैं गोदरेज के प्रोडक्ट्स

सीरीज में नया घर सिर्फ कहानी की पृष्ठभूमि नहीं है। वह एक ऐसी जगह है जहां परिवार के अलग-अलग सदस्य मिलते हैं और उनकी जिंदगी के कई पहलू सामने आते हैं। इसी माहौल में गोदरेज एंटरप्राइजेज ग्रुप (GEG) के कंज्यूमर प्रोडक्ट्स स्वाभाविक रूप से कहानी में शामिल किए गए हैं।

मुख्य दरवाजे पर लगा डिजिटल लॉक परिवार के नए घर में प्रवेश का हिस्सा है। सोफा कजिन्स को साथ बैठने और पुरानी आदतों में लौटने की जगह देता है। होम लॉकर एक बातचीत को जन्म देता है—कि जिंदगी में कौन-सी चीजें सबसे ज्यादा संभालकर रखने लायक हैं। वहीं घरेलू उपकरण रोजमर्रा के उन कामों में साथ देते हैं जो परिवार के सदस्यों को एक जगह लाते हैं।

इस तरह ‘2nd Gen Kumars’ माइक्रो-ड्रामा में गोदरेज के डिजिटल लॉक्स, सिक्योरिटी सॉल्यूशंस, इंटेरियो बाय गोदरेज और अप्लायंसेज एक ही कंटेंट फॉर्मेट में नजर आते हैं। प्रोडक्ट्स को कहानी से अलग दिखाने के बजाय, उन्हें घर और किरदारों की रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बनाया गया है।

गोदरेज की कहानी कहने की नई पहल

लॉन्च के बारे में बात करते हुए गोदरेज एंटरप्राइजेज ग्रुप के हेड – ब्रांड एंड स्ट्रैटेजिक इनसाइट्स, सुमीत भोजानी ने कहा कि आज की भारतीय जीवनशैली कई दिलचस्प कहानियों से भरी है। लोग साझा जगहों में रहते हुए रिश्ते निभाते हैं, अपनी उम्मीदों के बीच संतुलन बनाते हैं और लगातार यह समझने की कोशिश करते हैं कि उनके लिए ‘घर’ का क्या अर्थ है।

भोजानी के अनुसार, ‘2nd Gen Kumars’ के जरिए गोदरेज इन अनुभवों को आधुनिक, मनोरंजक और दिल को छूने वाले अंदाज में पेश करना चाहता है। उन्होंने यह भी बताया कि पहली बार ग्रुप के डिजिटल लॉक्स, होम लॉकर्स, फर्नीचर और होम अप्लायंसेज एक ही कंटेंट में साथ दिखाई दे रहे हैं। उनके मुताबिक, यह पहल आज के ग्राहकों की जिंदगी को दर्शाने और उनसे अर्थपूर्ण रिश्ता बनाने के लिए कहानी कहने के नए तरीकों को आजमाने का अवसर है।

मोबाइल पर बदलते मनोरंजन के बीच माइक्रो-ड्रामा

मनोरंजन देखने का तरीका तेजी से डिजिटल और मोबाइल-केंद्रित हो रहा है। माइक्रो-ड्रामा इस बदलाव के अनुरूप छोटा और आसानी से देखा जा सकने वाला फॉर्मेट है। ब्रांडों के लिए यह उन कहानियों के जरिए दर्शकों तक पहुंचने का अवसर भी देता है, जिनसे लोग अपने अनुभव जोड़ सकें और जिन्हें वे आगे देखना चाहें।

गोदरेज के लिए यह पहल उपभोक्ताओं से जुड़ी कहानियां पेश करने की दिशा में नया कदम है। इसकी खासियत यह है कि यह सिर्फ उत्पादों को दिखाने पर निर्भर नहीं करती, बल्कि आधुनिक भारतीय परिवारों के अनुभवों को केंद्र में रखती है। नई पीढ़ी अपने घरों को अपनी पसंद और जरूरतों के अनुसार ढाल रही है; ऐसे में सीरीज घर को सिर्फ एक जगह नहीं, बल्कि रिश्तों और व्यक्तिगत पहचान के साझा स्थान के रूप में दिखाती है।

आठ कड़ियों वाली ‘2nd Gen Kumars’ इंस्टाग्राम पर उपलब्ध है। गोदरेज की यह माइक्रो-ड्रामा सीरीज परिवार, घर और बदलते रिश्तों की कहानी को छोटे एपिसोड में पेश करती है—और साथ ही ब्रांड के विभिन्न होम प्रोडक्ट्स को उसी दुनिया का हिस्सा बनाती है।

Rishi Tiwari

ऋषि तिवारी (Rishi Tiwari) ने वर्ष 2011 में मुंबई से पत्रकारिता की दुनिया में कदम रखा और मुंबई से प्रकाशित मुंबई मित्र जैसे समाचारपत्रों में सक्रिय भूमिका निभाई। इसके बाद दिल्ली और एनसीआर में एपीएनएस न्यूज एजेंसी में लंबे समय तक सेवाएं देने के बाद यहां से रुख कर लिया। वर्ष 2018 में इन्होंने संध्या समय न्यूज के साथ नई पारी की शुरुआत की। पिछले कई वर्षों से निष्पक्ष, प्रभावी और जनसरोकारों पर आधारित पत्रकारिता को मजबूती से आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं।

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