Uttar Pradesh News: उत्तर प्रदेश और पूरे देश में राजनीतिक हलचल मचा देने वाले एक मीडिया हाउस के कथित स्टिंग ऑपरेशन के बाद बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती ने इसे पार्टी और आंदोलन को बदनाम करने की साजिश करार दिया है। उन्होंने इस मीडिया रिपोर्ट को विपक्षी ताकतों की एक चाल बताया है, जिसका उद्देश्य बसपा की छवि धूमिल करना और पार्टी की ईमानदारी पर सवाल उठाना है। मायावती का मानना है कि यह सब कुछ चुनावी रणनीतियों का हिस्सा है, ताकि बसपा की साख को नुकसान पहुंचाया जा सके।
स्टिंग ऑपरेशन का आरोप और मायावती का प्रति उत्तर
मीडिया हाउस द्वारा किए गए इस कथित स्टिंग में यह दावा किया गया है कि बसपा प्रमुख मायावती से मिलने के लिए 5 लाख रुपए की रिश्वत देनी होगी, जबकि टिकट के लिए 3 करोड़ 35 लाख रुपए का भुगतान करना पड़ेगा। इस रिपोर्ट ने राजनीतिक गलियारों में हड़कंप मचा दिया है। हालांकि, मायावती ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि यह सब झूठ और निराधार आरोप हैं, जो विपक्षी दलों और उनके दलालों की साजिश का हिस्सा हैं।
मायावती ने स्पष्ट किया कि बसपा बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर के सिद्धांतों पर चलने वाली एक सच्ची और ईमानदार पार्टी है। यह पार्टी किसी भी तरह की धन-लिप्सा या भ्रष्टाचार में शामिल नहीं है। उन्होंने कहा कि पार्टी अपने समर्थकों के तन, मन और धन से चलती है। बसपा का मुख्य उद्देश्य सामाजिक न्याय, समानता और दलित-आदिवासी समाज के उत्थान के लिए काम करना है। पार्टी सदैव से ही भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाती आई है और इस तरह के आरोप उसकी छवि को धूमिल करने का प्रयास हैं।
चुनावी रणनीतियों पर सवाल और मीडिया का दुष्प्रचार
मायावती ने आरोप लगाया कि मीडिया का एक वर्ग, जो कहीं न कहीं विपक्षी दलों का समर्थन करता है, वह बसपा की छवि को खराब करने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने कहा कि यह मीडिया हाउस यदि राजनीतिक दलों की चुनावी रणनीतियों और गतिविधियों को लेकर सवाल खड़े करता है, तो यह उसकी जिम्मेदारी है कि वह निष्पक्षता से रिपोर्टिंग करे। लेकिन, दुर्भाग्यवश, इस रिपोर्ट का उद्देश्य बसपा को बदनाम करना है ताकि जनता का ध्यान मुख्य मुद्दों से भटकाया जा सके।
उन्होंने आरोप लगाया कि मीडिया रिपोर्ट्स में केवल पार्टी के उम्मीदवार चयन की प्रक्रिया को ही नहीं, बल्कि पार्टी को मिलने वाले आर्थिक सहयोग को भी गलत तरीके से प्रस्तुत किया जा रहा है। मायावती का कहना है कि पार्टी को जो भी आर्थिक सहायता मिलती है, उसका अधिकांश हिस्सा कानूनी और पारदर्शी तरीके से उम्मीदवारों की जीत सुनिश्चित करने तथा चुनावी गतिविधियों पर खर्च किया जाता है। उन्होंने कहा कि इन आरोपों का कोई आधार नहीं है और यह सब बसपा के खिलाफ साजिश का हिस्सा है।
संगठन को मजबूत बनाने की दिशा में प्रयास
मायावती ने कहा कि बसपा की उत्तर प्रदेश इकाई के अध्यक्ष विश्वनाथ पाल सहित पार्टी के सभी पदाधिकारी और कार्यकर्ता संगठन को मजबूत बनाने, जनाधार बढ़ाने और 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुटे हुए हैं। उन्होंने बताया कि पार्टी अब उम्मीदवारों की चयन प्रक्रिया में विशेष ध्यान दे रही है। उम्मीदवारों से उनकी सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक स्थिति के साथ-साथ पार्टी के प्रति उनकी निष्ठा और प्रतिबद्धता का भी मूल्यांकन किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि इन सभी सवाल-जवाब का उद्देश्य उम्मीदवारों की योग्यता और निष्ठा का सही आकलन करना है, ताकि पार्टी की जीत सुनिश्चित हो सके। मायावती ने यह भी स्पष्ट किया कि इन प्रक्रियाओं को संदर्भ से हटाकर पेश करना अनुचित है और यह पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचाने का प्रयास है।
मिशन 2027 की तैयारियों में जुटे कार्यकर्ता
मायावती ने अपने कार्यकर्ताओं से कहा कि वे पूरी ताकत से मिशन 2027 की तैयारियों में जुटें। उन्होंने कहा कि पार्टी के इस मिशन का उद्देश्य समाज के सभी वर्गों का समर्थन हासिल करना है। उन्होंने कार्यकर्ताओं को यह भी सलाह दी कि वे विपक्षी दलों के कथित षड्यंत्रों से भ्रमित न हों और अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित रखें। उन्होंने कहा कि पार्टी की मजबूत रणनीति और कार्यकर्ताओं की मेहनत से ही अगले विधानसभा चुनाव में सफलता मिलेगी।

मायावती ने यह भी कहा कि पार्टी पूरी ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ चुनावी मैदान में उतरेगी। उन्होंने विपक्षी दलों को चेतावनी दी कि उनके किसी भी षड्यंत्र से भयभीत होने की जरूरत नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि बसपा का मतदाता समाज में बहुत मजबूत आधार रखता है और जनता अब समझ चुकी है कि कौन जातिवादी, सांप्रदायिक और भ्रष्टाचार में लिप्त है।






















