ऋषी तिवारी
नई दिल्ली। दिल्ली सरकार अपने एक साल का कार्यकाल पूरा होने पर 8 फरवरी को राजधानी के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में एक विशाल जनसभा का आयोजन करने जा रही है। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता अपनी सरकार की उपलब्धियों को रेखांकित करने के साथ-साथ राज्य की प्रगति के लिए कई बड़ी घोषणाएं करेंगी। मुख्य अतिथि के रूप में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन शामिल होंगे।
यह आयोजन दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 में भाजपा की प्रचंड जीत की पहली वर्षगांठ के उपलक्ष्य में किया जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, इस मौके पर सीएम रेखा गुप्ता दिल्ली के परिवहन ढांचे को मजबूत करने के लिए 500 नई इलेक्ट्रिक बसें शामिल करने की बड़ी घोषणा कर सकती हैं। सरकार का मुख्य फोकस पर्यावरण के अनुकूल परिवहन, यातायात के दबाव को कम करने और प्रदूषण से राहत दिलाने पर होगा।
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शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे पर होगा जोर
बता दें कि रामलीला मैदान के इस महाकुंभ से सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य, बुनियादी ढांचे और शहरी सुविधाओं से जुड़ी कई महत्वाकांक्षी योजनाओं को भी मंजूरी दे सकती है। सरकार का उद्देश्य जनता को यह संदेश देना है कि पिछले एक साल में किए गए वादों को जमीन पर उतारने के लिए ठोस कदम उठाए गए हैं और आने वाले समय में विकास की गति और तेज की जाएगी।
जनता से सीधे संवाद और फीडबैक
बता दें कि भाजपा इस कार्यक्रम को लेकर पूरी तरह जुटी हुई है। सभी विधायकों और सांसदों को जनभागीदारी सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। प्रत्येक कैबिनेट मंत्री को अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों की देखरेख का काम दिया गया है, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों को इस कार्यक्रम से जोड़ा जा सके। जानकारी के अनुसार, दिल्ली की सभी 70 विधानसभा सीटों पर अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जहां सरकार अपनी योजनाओं को जनता तक पहुंचाएगी और उनका फीडबैक लेगी।
आज सीएम आवास पर होगी अहम बैठक
बता दें कि इस कार्यक्रम की रूपरेखा तय करने के लिए आज दोपहर 3:30 बजे मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के आवास पर दिल्ली भाजपा विधायक दल की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जा रही है। इस बैठक में सरकार के एक साल पूरे होने पर आयोजित होने वाले सभी कार्यक्रमों की रणनीति पर चर्चा की जाएगी।गौरतलब है कि ठीक एक साल पहले हुए विधानसभा चुनावों में बीजेपी ने काफी लंबे समय बाद आप पार्टी को पराजित कर सत्ता पर कब्जा किया था। 70 सीटों वाली दिल्ली विधानसभा में भाजपा ने 48 सीटें जीती थीं, जबकि आप अपनी 62 सीटें गंवाकर महज 22 सीटों पर सिमट गई थी।


















