UP News: नीट (यूजी) री-एग्जाम को लेकर उत्तर प्रदेश प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट मोड पर है। 21 जून (रविवार) को होने वाली इस परीक्षा को लेकर पिछले एग्जाम में सामने आई कमियों से सबक लेते हुए इस बार देशभर में खास इंतेजाम किए गए हैं।
यूपी में न सिर्फ परीक्षा केंद्रों पर, बल्कि उनके आसपास के क्षेत्रों में भी कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है। पुलिस की नजर हर छात्र पर है और साइबर स्पेस पर 24 घंटे निगरानी जारी है, ताकि किसी भी तरह की धांधली या व्यवधान को बख्शा न जा सके। वेबसाइट के लिए यहां यूपी के प्रमुख शहरों में बनाई गई सुरक्षा और व्यवस्था की विस्तृत रिपोर्ट दी गई है:
लखनऊ: थ्री-लेयर सिक्योरिटी और गहन तलाशी
राजधानी लखनऊ में नीट री-एग्जाम 75 केंद्रों पर आयोजित होने जा रहा है। ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर (लॉ एंड ऑर्डर) बबलू कुमार के अनुसार, यहां सुरक्षा व्यवस्था तीन स्तरों पर चाक-चौबंद की गई है:
- पहला स्तर (पेपर डिलीवरी): क्वेश्चन पेपर को सेंटर तक पहुंचाने और परीक्षा समाप्त होने के बाद आंसर शीट इकट्ठा करने की जिम्मेदारी सीधे एक विशेष टीम की होगी। इस टीम में सीआरपीएफ (केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल) के दो जवान और लोकल पुलिस के दो कांस्टेबल शामिल होंगे।
- दूसरा स्त्र (एंट्री गेट): हर केंद्र पर उम्मीदवारों की जांच और तलाशी के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
- स्क्रीनिंग नियम: पुलिस ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि हर छात्र की गहन तलाशी ली जाएगी। छात्रों को सिर्फ एडमिट कार्ड, ओरिजिनल आईडी कार्ड और फोटो के अलावा कुछ भी ले जाने की घोषित मनाही है। परीक्षा हॉल के अंदर पेन उपलब्ध कराए जाएंगे।
इसके अलावा, लखनऊ पुलिस ने लोकल इंटेलिजेंस यूनिट (LIU) और क्रिमिनल इंटेलिजेंस टीमों को सक्रिय कर दिया है, जो अपराधियों पर कड़ी नजर रखते हुए खुफिया जानकारी जुटा रही हैं।
वाराणसी: 47 केंद्रों पर नजर, साइबर कैफे पर छापे
वाराणसी में लगभग 25,000 छात्र 47 एग्जाम सेंटर्स पर परीक्षा देंगे। एडिशनल पुलिस कमिश्नर (लॉ एंड ऑर्डर) शिव हरि मीणा ने बताया कि विभिन्न विभागों के बीच तालमेल सुनिश्चित करने के लिए कई बैठकें की गई हैं। वाराणसी पुलिस का खास फोकस सेंटर के बाहर के इलाकों पर है। रेलवे स्टेशनों और बस स्टैंड पर आने वाले उम्मीदवारों के लिए खास इंतजाम किए गए हैं।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि परीक्षा केंद्रों के आस-पास बने साइबर कैफे और फोटोकॉपी की दुकानों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। यहां अचानक चेकिंग और तलाशी अभियान चलाए जा रहे हैं। पिछले एग्जाम में गड़बड़ी में शामिल रहे संदिग्ध तत्वों पर पैनी नजर है। नियमों के अनुसार, सादे कपड़ों (प्लेन क्लोथ्स) में मौजूद पुलिसकर्मी भी तैनात किए गए हैं।
नोएडा CCTV निगरानी और BNS की धारा 163 लागू
नोएडा में गौतम बुद्ध नगर पुलिस कमिश्नरेट के तहत कुल 23 सेंटर्स पर परीक्षा होगी। ज्वाइंट सीपी (लॉ एंड ऑर्डर) राजीव नारायण मिश्रा ने बताया कि इन केंद्रों को तीन जोनों में बांटा गया है—नोएडा जोन में 5, सेंट्रल नोएडा जोन में 11 और ग्रेटर नोएडा जोन में 7 सेंटर।
नोएडा पुलिस ने एंट्री पॉइंट्स पर तलाशी और चेकिंग को लेकर सख्त निर्देश जारी किए हैं। सभी परीक्षा केंद्रों पर CCTV कैमरे लगाकर लाइव फीड पर नजर रखी जाएगी। किसी भी तरह की अफवाह यर अनहोनी को रोकने और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 163 लागू की गई है।
मेरठ: मॉक ड्रिल से तैयार हुई पुलिस
मेरठ में NEET UG की दोबारा परीक्षा 15 केंटरों पर होगी। एसपी (ट्रैफ़िक) राजेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि हर केंद्र पर भारी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए सभी केंद्रों पर मॉक ड्रिल को अंजाम दिया गया है, ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटने में पुलिस को परेशानी न हो।
डिजिटल निगरानी: 24 घंटे सोशल मीडिया पर रहेगी नजर
चप्पे-चप्पे पर भौतिक सुरक्षा के साथ-साथ पुलिस की साइबर सेल पूरी तरह सक्रिय है। अधिकारियों का कहना है कि परीक्षा से पहले और परीक्षा के दौरान चौबीसों घंटे हर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म (जैसे- टेलीग्राम, व्हाट्सएप, फेसबुक और ट्विटर) की निगरानी की जा रही है। किसी भी तरह के ‘पेपर लीक’, ‘सॉल्वर गैंग’ या परीक्षा से जुड़ी संदिग्ध गतिविधियों की पोस्ट पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी।
रेलवे की तरफ से छात्रों को बड़ी राहत
सुरक्षा के साथ-साथ छात्रों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए नॉर्थ ईस्टर्न रेलवे (NER) ने भी खास इंतजाम किए हैं। गोरखपुर में NE रेलवे के CPRO सुमित कुमार ने बताया कि 21 जून को परीक्षा देने वाले छात्रों और उनके परिवारों को यात्रा में कोई परेशानी न हो, इसके लिए स्पेशल ट्रेनें चलाई जा रही हैं।
लखनऊ डिवीज़न में ट्रेनों की दो जोड़ियों समेत कुल 7 स्पेशल ट्रेनें चलाई जा रही हैं, जिनमें पर्याप्त कोच हैं। यात्रियों की सुरक्षा के लिए स्टेशनों पर CCTV कैमरों की निगरानी बढ़ा दी गई है। इसके अलावा, सेंट्रल कंट्रोल रूम में एक वॉर रूम (War Room) बनाया गया है, जो परीक्षा दिवस पर 24 घंटे सक्रिय रहेगा।























