Artemis 2 Mission:अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (NASA) का ऐतिहासिक ‘आर्टेमिस II’ मिशन सफलतापूर्वक पूरा हो गया है। चंद्रमा का चक्कर लगाकर चारों अंतरिक्ष यात्री सुरक्षित रूप से पृथ्वी पर वापस आ गए हैं। ओरियन स्पेसक्राफ्ट ने सुबह 5.37 बजे कैलिफोर्निया के सैन डिएगो के तट के पास प्रशांत महासागर में सफल वाटर लैंडिंग (स्प्लैशडाउन) किया। यह मिशन 54 साल बाद इंसानों को चंद्रमा के नजदीक ले जाने वाला पहला मानवयुक्त (क्रूड) मिशन था, जिसने 1960 और 1970 के दशक के अपोलो मिशनों की याद ताजा कर दी।
वायुमंडल में प्रवेश के दौरान 6 मिनट का ब्लैकआउट
लौटते समय ओरियन कैप्सूल ‘इंटीग्रिटी’ ने ध्वनि की गति से 33 गुना (मैक 33) तेज रफ्तार से पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश किया। इस दौरान मिशन कंट्रोल में एक पल के लिए सन्नाटा छा गया, जब करीब 6 मिनट तक कम्युनिकेशन ब्लैकआउट हो गया। इस दौरान अंतरिक्ष यात्री मिशन कंट्रोल से बात नहीं कर पा रहे थे। सभी की निगाहें कैप्सूल की हीट शील्ड पर टिकी थीं, जिसे हजारों डिग्री के तापमान का सामना करना था। हालांकि, स्वचालित पायलट सिस्टम ने काम किया और पैराशूट की मदद से कैप्सूल की रफ्तार 39,668 किमी प्रति घंटे से घटकर महज 30 किमी प्रति घंटे हो गई और वह सुरक्षित रूप से समंदर में उतरा।
अमेरिकी नौसेना की तैनाती और रेस्क्यू
अंतरिक्ष यात्रियों की सुरक्षित वापसी के लिए अमेरिकी नौसेना ने कड़ी व्यवस्था की थी। यूएस थर्ड फ्लीट में तैनात अमेरिकी नौसेना का विशेष युद्धपोत ‘यूएसएस जॉन पी. मर्था (LPD 26)’ स्प्लैशडाउन स्थल के पास ही मौजूद था। रिकवरी टीम ने तुरंत कैप्सूल तक पहुंचकर चारों यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला और जहाज पर ले जाया गया।
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कौन थे इस मिशन के हीरो?
1 अप्रैल को फ्लोरिडा से लॉन्च हुए इस मिशन पर कमांडर रीड वाइजमैन, पायलट विक्टर ग्लोवर, मिशन स्पेशलिस्ट क्रिस्टीना कोच और कनाडा स्पेस एजेंसी के जेरेमी हैनसेन सवार थे। हालांकि आर्टेमिस II चंद्रमा पर नहीं उतरा और न ही उसकी परिक्रमा की, लेकिन इसने कई बड़े रिकॉर्ड अपने नाम किए। इस दौरान चालक दल पृथ्वी से 252,756 मील (406,771 किलोमीटर) दूर तक पहुंचा, जो मानव द्वारा तय की गई अब तक की सबसे लंबी दूरी है। इसने इतिहास पुराने ‘अपोलो 13’ के दूरी के रिकॉर्ड को ध्वस्त कर दिया।
USS John P. Murtha (LPD 26) is underway in the U.S. 3rd Fleet area of operations supporting NASA’s Artemis II mission, standing ready to retrieve the crew and Orion spacecraft following splashdown in the Pacific Ocean. 🚀🌕
Artemis II marks the first crewed mission around the… pic.twitter.com/fVNjMh1F98
— U.S. Indo-Pacific Command (@INDOPACOM) April 9, 2026
भावुक रहे अंतरिक्ष यात्री
मिशन के दौरान इन यात्रियों ने चंद्रमा के दूर के हिस्से (Far side of the Moon) के ऐसे दृश्य दर्ज किए, जो मानव आंखों ने पहले कभी नहीं देखे थे। साथ ही उन्होंने अंतरिक्ष से पूर्ण सूर्य ग्रहण भी देखा। मिशन के सबसे भावुक पल तब आया, जब नम आंखों वाले अंतरिक्ष यात्रियों ने चंद्रमा पर मौजूद दो क्रेटरों का नामकरण अपने चंद्रयान और कमांडर वाइजमैन की दिवंगत पत्नी ‘कैरोल’ के नाम पर करने की अनुमति मांगी।





















