US-Iran War: पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में शनिवार (11 अप्रैल) को प्रस्तावित ईरान-अमेरिका शांति वार्ता से पहले अभूतपूर्व सुरक्षा इंतज़ाम किए गए हैं। इस हाई-प्रोफाइल बैठक में अमेरिका की ओर से उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और ईरान की ओर से संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेर गालिबफ शामिल होने वाले हैं। इसी के चलते पूरे शहर में कड़ी नाकेबंदी कर दी गई है।
शहर बना छावनी, लोग घरों में कैद
स्थानीय रिपोर्ट्स के मुताबिक, सुरक्षा एजेंसियों ने इस्लामाबाद के कई इलाकों को पूरी तरह सील कर दिया है। सड़कों पर भारी पुलिस बल तैनात है और गली-मोहल्लों में आवाजाही पर रोक लगा दी गई है। दुकानें बंद करा दी गई हैं, जिससे आम जनजीवन ठप पड़ गया है। कई इलाकों के लोगों का कहना है कि वे अपने ही घरों में कैद होकर रह गए हैं।
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पानी और राशन की किल्लत
नाकेबंदी का सबसे ज्यादा असर आम नागरिकों पर पड़ा है। शाह खालिद कॉलोनी, गुलजार-ए-कायद, एयरपोर्ट हाउसिंग सोसाइटी, मंगतल टाउन और फैसल कॉलोनी जैसे इलाकों में रहने वाले लोगों को पीने का पानी और खाने-पीने का सामान तक नहीं मिल पा रहा है। एक स्थानीय निवासी ने बताया कि पानी के टैंकर तक को अंदर आने की अनुमति नहीं दी जा रही, जिससे घरों में पानी खत्म हो गया है।
अस्पताल और दवा दुकानें भी प्रभावित
स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि कई अस्पतालों और मेडिकल स्टोर्स तक को बंद कर दिया गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि मरीजों को इलाज नहीं मिल पा रहा, जो बेहद चिंताजनक है।
धारा 144 लागू, भारी सुरक्षा बल तैनात
प्रशासन ने पूरे इलाके में धारा 144 लागू कर दी है। करीब 11,000 सुरक्षा कर्मियों को तैनात किया गया है, जिनमें पुलिस, अर्धसैनिक बल और सेना के जवान शामिल हैं। जिस सेरेना होटल में बैठक होनी है, उसके आसपास के 3 किलोमीटर क्षेत्र को पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। पाकिस्तानी सुरक्षा बलों के अलावा अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियां भी मौके पर सक्रिय हैं। अंतरराष्ट्रीय प्रोटोकॉल के तहत सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी की जा रही है।




















