Bihar News: बिहार के औद्योगिक परिदृश्य में एक नया अध्याय जोड़ते हुए, जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने गृह जिले नालंदा में एक महत्वपूर्ण पहल का शुभारंभ किया है। रविवार को एक दिवसीय दौरे पर नालंदा पहुंचे नीतीश कुमार ने नूरसराय प्रखंड के डोईया गांव में स्थित ‘शांतामनी पेपर मिल’ के विस्तार परियोजना का उद्घाटन किया। यह केवल एक फैक्ट्री के विस्तार की बात नहीं है, बल्कि इसे नालंदा और आसपास के क्षेत्रों में रोजगार और आर्थिक गतिविधियों के एक नए सिलसिले की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है।
विस्तार परियोजना और तकनीकी उन्नयन की कहानी
इस ऐतिहासिक अवसर पर जिलाधिकारी उदिता सिंह द्वारा नीतीश कुमार का पारंपरिक पुष्पगुच्छ से स्वागत किया गया। मंच पर क्षेत्र के कई दिग्गज उद्योगपतियों और जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी इस बात की गवाही दे रही थी कि इस परियोजना को लेकर स्थानीय स्तर पर कितनी उम्मीदें कायम हैं।
पेपर मिल के इस विस्तार को लेकर सबसे खास बात यह है कि कंपनी ने केवल अपने भौतिक क्षेत्र का विस्तार ही नहीं किया है, बल्कि तकनीकी रूप से भी इसे पूरी तरह से अपग्रेड किया गया है। अब तक यह मिल सिंगल वायर मशीन के जरिए कागज का उत्पादन कर रही थी, लेकिन विस्तार के बाद अब इसमें आधुनिक ‘डबल वायर तकनीक’ का इस्तेमाल किया जा रहा है।
इस तकनीकी अपग्रेडेशन का सीधा असर कागज की गुणवत्ता पर पड़ेगा। अब यहां से 70 से 200 GSM (ग्राम पर स्क्वेयर मीटर) तक के उच्च बर्स्ट फैक्टर वाले ‘ब्राउन क्राफ्ट पेपर’ का उत्पादन शुरू हो गया है। आज के दौर में जहां ई-कॉमर्स और पैकेजिंग इंडस्ट्री का बोलबाला है, ऐसे में इस तरह के मजबूत और हाई-क्वालिटी क्राफ्ट पेपर की मार्केट में काफी मांग है। इस नए सेटअप से मिल की उत्पादन क्षमता में दोगुना इजाफा हो गया है, जिससे सीधे तौर पर स्थानीय लोगों को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे।
नालंदा के औद्योगिक भविष्य को लेकर बढ़ता आत्मविश्वास
इस उद्घाटन समारोह में बोलते हुए नालंदा के सांसद कौशलेंद्र कुमार ने मिल संचालक अनिल कुमार को इस विस्तार के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि एक समय था जब यह फैक्ट्री सीमित संसाधनों के साथ चल रही थी, लेकिन आज इसने एक नया रूप ले लिया है।

सांसद ने एक अहम बिंदु पर चर्चा करते हुए बताया कि नीतीश कुमार के इस कार्यक्रम में शामिल होने से नालंदा के प्रति उद्योग जगत का रुख़ सकारात्मक हुआ है। कार्यक्रम में मौजूद कई बड़े उद्योगपतियों ने स्वयं यह आश्वासन दिया है कि वे जल्द ही नालंदा में नए औद्योगिक इकाइयां स्थापित करने के लिए निवेश करेंगे। यह बात इंगित करती है कि एक अच्छे वातावरण और सकारात्मक राजनीतिक इच्छाशक्ति से निजी क्षेत्र कितनी तेजी से प्रतिक्रिया देता है।
“सत्ता में नहीं होने के बावजूद बिहार की चिंता”
इस दौरान सांसद कौशलेंद्र कुमार का संबोधन राजनीतिक रूप से काफी प्रभावशाली रहा। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि मुख्यमंत्री पद पर न रहते हुए भी नीतीश कुमार के मन में बिहार और खासकर नालंदा के विकास को लेकर जो जज्बात हैं, वह अद्वितीय है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नहीं होने के बावजूद नीतीश कुमार को आज भी नालंदा और पूरे बिहार की चिंता है। नीतीश कुमार ने जो काम किया है, उसकी गवाह पूरे बिहार की जनता है।
उन्होंने एक तथ्य को रेखांकित करते हुए कहा कि भारत के किसी भी अन्य राज्य में ऐसा उदाहरण देखने को नहीं मिलेगा, जहां किसी मुख्यमंत्री ने लगातार चौथी बार इतने भारी बहुमत से सरकार बनाई हो। उन्होंने इसे जनता के अटूट विश्वास का प्रमाणपत्र बताया।
विपक्ष पर पलटवार और विकास की जमीनी हकीकत
कार्यक्रम के दौरान विपक्ष द्वारा नीतीश सरकार के विकास मॉडल पर की जा रही आलोचनाओं का सीधा जवाब देते हुए कौशलेंद्र कुमार ने कहा कि विपक्ष का काम सिर्फ आलोचना करना और जुबानी जंग लड़ना है। लेकिन नीतीश कुमार के कार्यों की सच्चाई बिहार की जनता बखूबी जानती है।
उन्होंने कहा कि सड़कें, पुल, बिजली, और कानून-व्यवस्था—ये सब विकास की नींव हैं, जिसे नीतीश कुमार ने मजबूत किया है। नालंदा में इस पेपर मिल के विस्तार को उन्होंने इसी विकास यात्रा का एक हिस्सा बताया। उनका मानना है कि जब जनता ने लगातार चार बार जवाब देकर सरकार बनाई है, तो विपक्ष की बातों की कोई अहमियत नहीं रह जाती।
इस खास मौके पर सांसद ने एक राजनीतिक बयान भी दिया, जिस पर राजनीतिक गलियारों में चर्चा शुरू हो गई है। उन्होंने निशांत कुमार (नीतीश कुमार के पुत्र) को भविष्य का नेता करार देते हुए उन्हें शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार की इस यात्रा और उपस्थिति से क्षेत्र में एक नई ऊर्जा और उत्साह का संचार हुआ है, और यह ऊर्जा आने वाले समय में नए नेतृत्व के रूप में सामने आएगी।






















