नैनीताल का रहस्यमयी ‘न्याय का मंदिर’, जहां लिखी पर्चियों पर मिलता है इंसाफ

उत्तराखंड के नैनीताल में स्थित घोड़ाखाल मंदिर अपनी अनोखी परंपराओं के कारण विश्वभर में प्रसिद्ध है। न्याय के देवता गोल्ज्यू को समर्पित इस मंदिर में भक्त अपनी अर्जी कागज पर लिखकर न्याय की गुहार लगाते हैं तो उनकी मान्यता पूर्ण होती है।

नैनीताल के पास बसा रहस्यमयी मंदिर, जहां पूरी होती है हर इच्छा

HIGHLIGHTS

  • अदालत से पहले यहां लगती है 'अर्जी'
  • नैनीताल के घोड़ाखाल मंदिर की रहस्यमयी कहानी
  • घोड़ाखाल मंदिर: जहां कागज़ की अर्जी से मिलता है न्याय
  • गोल्ज्यू देवता का दरबार: घंटियों की गूंज में पूरी होती है हर मुराद
  • नैनीताल का अनोखा मंदिर, जहां लिखी जाती हैं इंसाफ की अर्जियां

Nainital Famous Ghorakhal Temple: विश्वभर में चर्चित पर्यटन स्थलों का जिक्र हो और उत्तराखंड के नैनीताल का नाम न आए, ऐसा हो ही नहीं सकता। दिल्ली-एनसीआर से लगभग 300 किलोमीटर की दूरी पर बसा यह शहर गर्मियों में पर्यटकों का पसंदीदा स्थल है। लेकिन जब उत्तराखंड में कभी नैनीताल के उस ‘न्याय के मंदिर’ के बारे में सुना है, जहां लोग कानूनी अदालतों से भी तेज न्याय की उम्मीद लेकर पहुंचते हैं? अगली बार जब आप नैनीताल जाए तो इस अनोखे मंदिर को जरूर शामिल करें। आइए जानते हैं इस मंदिर की खासियत:

कहां है यह ‘न्याय का दरबार’?

नैनीताल के पास भवाली से महज 5 किलोमीटर की दूरी पर सैनिक स्कूल के पीछे एक ऊंची चोटी पर यह मंदिर स्थित है। इसे ‘घोड़ाखाल मंदिर’ के नाम से भी जाना जाता है। यह कुमाऊं के जागृत देवता ‘गोल्ज्यू देवता’ (गोलू देवता) का दरबार है। यहां देवता सफेद घोड़े पर सवार मूर्ति के रूप में विराजमान हैं। कुमाऊं की धरती पर उन्हें ‘राजवंशी देवता’ और ‘त्वरित न्याय के देवता’ के रूप में पूजा जाता है।

क्यों कहा जाता है ‘घंटियों का मंदिर’?

घोड़ाखाल मंदिर को ‘घंटियों का मंदिर’ इसलिए कहा जाता है क्योंकि यहां लाखों की संख्या में घंटियां बंधी हुई हैं। दरअसल, यहां की मान्यता अनोखी है। लोगों का मानना है कि जीवन में जब कोई भी व्यक्ति न्याय नहीं मिल पा रहा हो या कोई मनोकामना हो, तो उसे यहां आकर एक पर्ची (स्टाम्प पेपर) पर अपनी ‘अर्जी’ लिखकर चढ़ानी चाहिए। जैसे ही उनकी मुराद पूरी होती है, भक्त मंदिर में आकर घंटी बांधते हैं। कहा जाता है कि गोल्ज्यू देवता के इस दरबार से कोई भी खाली हाथ नहीं लौटता।

बॉलीवुड फिल्म ‘विवाह’ से जुड़ा खास कनेक्शन

अगर आप बॉलीवुड फिल्मों के शौकीन हैं, तो यह मंदिर आपको जरूर भाएगा। शाहिद कपूर और अमृता राव स्टारर सुपरहिट फिल्म ‘विवाह’ की कुछ यादगार शूटिंग इसी मंदिर के परिसर में हुई थी। फिल्म में एक सीन है जहां दोनों की फैमिली मंदिर जाती है, वहां लाखों घंटियां लटकी होती हैं और शाहिद कपूर का सिर अचानक किसी घंटी से टकरा जाता है—यह पूरा सीन घोड़ाखाल मंदिर का ही है।

शादीशुदा जीवन के लिए खास मान्यता

मंदिर की लोकप्रियता सिर्फ न्याय के लिए ही नहीं है। शादीशुदा जोड़ों के लिए भी यहां की मान्यता बहुत विशेष है। माना जाता है कि विवाह के बाद यदि नवविवाहित जोड़ा यहां आकर दर्शन करता है, तो उनका रिश्ता सात जन्मों के लिए मजबूत हो जाता है और उनकी जिंदगी में सुख-समृद्धि आती है। कई लोग तो यहां आकर सीधे विवाह भी रचाते हैं।

ऊंचाई से दिखता है मनमोहक नजारा

धार्मिक और आस्था से जुड़ी इन खासियतों के अलावा, ऊंची चोटी पर बने होने की वजह से यह मंदिर प्रकृति प्रेमियों को भी खींचता है। मंदिर के परिसर से आसपास के पहाड़ों और हरियाली का बेहद खूबसूरत और शांत नजारा देखा जा सकता है। साफ-सुथरी सड़कें, ऐतिहासिक मान्यताएं और बॉलीवुड कनेक्शन—घोड़ाखाल मंदिर नैनीताल यात्रा को और भी यादगार बना सकता है।

Rishi Tiwari

ऋषि तिवारी (Rishi Tiwari) ने वर्ष 2011 में मुंबई से पत्रकारिता की दुनिया में कदम रखा और मुंबई से प्रकाशित मुंबई मित्र जैसे समाचारपत्रों में सक्रिय भूमिका निभाई। इसके बाद दिल्ली और एनसीआर में एपीएनएस न्यूज एजेंसी में लंबे समय तक सेवाएं देने के बाद यहां से रुख कर लिया। वर्ष 2018 में इन्होंने संध्या समय न्यूज के साथ नई पारी की शुरुआत की। पिछले कई वर्षों से निष्पक्ष, प्रभावी और जनसरोकारों पर आधारित पत्रकारिता को मजबूती से आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now