संसद के विशेष सत्र में बांसुरी स्वराज और कमलजीत सेहरावत ने की बड़ी अपील

दिल्ली की भाजपा महिला सांसदों बांसुरी स्वराज और कमलजीत सेहरावत ने सोमवार को एक प्रेस वार्ता को संबोधित किया। इस दौरान दोनों नेताओं ने संसद के आगामी विशेष सत्र में 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' (महिला आरक्षण बिल) को लागू करने के लिए सभी राजनीतिक दलों से अपील की है।

भाजपा सांसदों ने बढ़ाई जनसंपर्क रफ्तार

HIGHLIGHTS

  • '27 साल की बाधा तोड़ी पीएम मोदी ने'
  • नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर बांसुरी स्वराज का सवाल
  • नारी शक्ति वंदन अधिनियम के समर्थन में मिस्ड कॉल अभियान शुरू
  • बांसुरी स्वराज ने जारी किया खास नंबर
  • कमलजीत सेहरावत ने कहा- महिला आरक्षण से होगा चहुमुखी विकास

Women’s Empowerment and Adoration Act: सांसद बांसुरी स्वराज ने इस ऐतिहासिक बिल को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रतिबद्धता को श्रेय दिया। उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री मोदी की इच्छा शक्ति के कारण ही 27 साल से लटका हुआ महिला आरक्षण बिल नारी शक्ति वंदन अधिनियम के रूप में सितंबर 2023 में संसद से पारित हो सका।” उन्होंने बताया कि 2029 के लोकसभा चुनाव में महिलाओं को इस आरक्षण का लाभ मिले, इसके लिए संसद का विशेष सत्र बुलाया जा रहा है।

आंकड़ों ने दिखाई महिलाओं की भागीदारी की कमी

बांसुरी स्वराज ने 2024 के लोकसभा चुनाव के आंकड़े साझा करते हुए एक अहम बिंदु पर ध्यान दिलाया। उन्होंने बताया कि पिछले चुनाव में महिलाओं का वोटिंग परसेंटेज (65.8%) पुरुषों (65.6%) से ज्यादा रहा। लेकिन, इस बावजूद सदन में महिलाओं का प्रतिनिधित्व मात्र 13.6% है। उन्होंने कहा कि इस बिल के लागू होने से 2029 से लेकर राज्यों की विधानसभाओं में महिलाओं को 33% आरक्षण मिलेगा, जिससे समाज में उन्हें नेतृत्व का मौका मिलेगा और निर्णय लेने में उनकी भूमिका प्रमुख होगी।

मिस्ड कॉल देकर जताएं समर्थन

इस अधिनियम के लिए जनसमर्थन जुटाने के लिए बांसुरी स्वराज ने एक फोन नंबर 9667173333 जारी किया। उन्होंने आम जनता से इस नंबर पर मिस्ड कॉल देकर अपना समर्थन जताने की अपील की। स्वराज ने विशेष रूप से पुरुषों से भी अपील करते हुए कहा, “मैं सभी अपने भाइयों से भी कहना चाहती हूं कि वे इस विधेयक के लिए अपना समर्थन जताने के लिए इस नंबर पर मिस कॉल दें।”

‘वूमेन लीड डेवलपमेंट’ का उदाहरण

इस अवसर पर सांसद कमलजीत सेहरावत ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की अगुवाई में केंद्र सरकार ने यह ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने कहा कि यह बिल सिर्फ महिला सशक्तिकरण और विकास की बात नहीं है, बल्कि यह ‘वूमेन लीड डेवलपमेंट’ (महिला-नेतृत्व वाले विकास) का जीता-जागता उदाहरण है।”

सेहरावत ने सभी विपक्षी दलों पर भी निशाना साधा और कहा कि ऐसा नहीं है कि पहले राजनीतिक दलों की महिलाओं को आगे बढ़ाने की इच्छा नहीं थी। पहले भी यह बिल कई बार संसद में आया, लेकिन तरह-तरह के बहानों के चलते यह पास नहीं हो सका। लेकिन, मोदी सरकार ने सत्ता में आते ही इस रास्ते की सभी रुकावटें दूर कर दी हैं। दोनों सांसदों ने आशा जताई कि सभी दल इस विधेयक को लागू करने के लिए संसद में सर्वसम्मति से समर्थन देंगे, ताकि देश की नारी शक्ति को सच्ची तरह से सम्मान और सशक्तिकरण मिल सके।

Rishi Tiwari

ऋषी तिवारी (Rishi Tiwari) वर्ष 2011 में मुंबई से पत्रकारिता की दुनिया में कदम रखा और मुंबई से प्रकाशित मुंबई मित्र जैसे समाचारपत्रों में अपनी सक्रिय भूमिका निभाई। इसके बाद दिल्ली एनसीआर में एपीएनएस न्यूज ऐजेंसी लंबे समय तक सेवाएं देने के पश्चात सेवानिवृत्त हुए। वर्ष 2018 में इन्होंने संध्या समय न्यूज के साथ अपनी नई पत्रकारिता पारी की शुरुआत की। पिछले कई वर्षो से से जुड़े रहकर निष्पक्ष, प्रभावी और जनसरोकारों पर आधारित पत्रकारिता को मजबूती से आगे बढ़ा रहे हैं।

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