Mathura News: अयोध्या में राम मंदिर के चढ़ावे में हुई चोरी की जांच के बीच मथुरा के श्री कृष्ण जन्मस्थान पर आने वाले चढ़ावे की सीबीआई जांच की मांग जोर पकड़ने लगी है। हिंदूवादी नेता दिनेश फलाहारी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को खून से लिखा पत्र भेजकर श्री कृष्ण जन्मस्थान पर आने वाले चढ़ावे की सीबीआई जांच की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया है कि वर्षों से यहां चांदी, सोना और जेवरात की चोरी हो रही है, और इसकी रोकथाम के लिए तुरंत कार्रवाई आवश्यक है।
खून से लिखा पत्र और आरोप
दिनेश फलाहारी ने अपने खून से लिखे पत्र में कहा कि श्री कृष्ण जन्मभूमि मंदिर परिसर में होने वाली चोरी को रोकने के लिए कठोर कदम उठाने की जरूरत है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब भी मंदिर की गुल्लकों को खोलने का समय आता है, तब सीसीटीवी कैमरे बंद कर दिए जाते हैं, ताकि इन चोरियों को आसानी से अंजाम दिया जा सके। उनका यह भी आरोप है कि चढ़ावे में जमा सोना, चांदी, हीरे-जवाहरात और आभूषणों का बंदरबांट किया जा रहा है। साथ ही, उन्होंने कहा कि मंदिर प्रबंधन की कमेटी के लोग पहले स्कूटर पर आते थे, लेकिन अब करोड़ों रुपये की गाड़ियों में घूमते हैं। उनके पास अरबों की कोठियां, बंगले और फॉर्म हाउस हैं, जिनकी तस्वीरें भी उन्होंने साझा की हैं। फलाहारी का दावा है कि इन नेताओं और प्रबंधन के पास उत्तराखंड में भी जमीनें हैं, जो इस भ्रष्टाचार का संकेत है।
मथुरा में भी हो सीबीआई जांच की मांग
दिनेश फलाहारी ने कहा कि यह हिंदुओं के आस्था के साथ खिलवाड़ है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी से आग्रह किया कि श्री कृष्ण जन्मस्थान पर हो रही इन घटनाओं की सीबीआई जांच कराई जाए। फलाहारी ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने तुरंत कदम नहीं उठाए, तो वे हाईकोर्ट का रुख कर एक याचिका दायर करेंगे। उनका यह भी कहना है कि यदि मुख्यमंत्री इस मामले में कार्रवाई नहीं करते हैं, तो यह हिंदू धर्म के प्रति अन्याय होगा।
दिनेश फलाहारी ने अपने आप को श्री कृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास का अध्यक्ष भी बताया है। वह इस न्यास के माध्यम से श्रीकृष्ण जन्मभूमि वाद के पक्षकार के रूप में सक्रिय हैं। उनका मानना है कि इस मंदिर की आस्था का संरक्षण करना उनका दायित्व है और चढ़ावे की चोरी को रोकने के लिए कड़ी से कड़ी कार्रवाई आवश्यक है।
अयोध्या में राम मंदिर चढ़ावे की चोरी की जांच
वहीं, अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी के मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया है। इस टीम ने दो दिनों के भीतर मंदिर परिसर में 19 घंटे तक गहन पड़ताल की है। जांच टीम ने दानपात्र से पैसे निकालने, गड्डी बनाने और गिनने की पूरी व्यवस्था का निरीक्षण किया है। साथ ही, सुरक्षा व्यवस्था का जायजा भी लिया गया, ताकि भविष्य में ऐसी चोरी की घटनाओं को रोका जा सके। अधिकारियों का कहना है कि इस जांच के माध्यम से चोरी के पीछे के कारणों का पता लगाया जाएगा और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
यह घटनाक्रम हिंदू धर्म के धार्मिक स्थलों पर हो रही चोरी और भ्रष्टाचार की गंभीर समस्या को उजागर करता है। मंदिरों में चढ़ावे की चोरी ने भक्तों का विश्वास डिगा दिया है, जिससे आस्था को चोट पहुंची है। राजनीतिक और धार्मिक नेताओं के बीच इस मुद्दे को लेकर तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। कई हिंदू संगठनों और धार्मिक नेताओं ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए सरकार से तुरंत कार्रवाई की मांग की है।
सरकार का रुख और आगे की कार्रवाई
पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की घटनाओं की रोकथाम के लिए कड़े कदम उठाए जा रहे हैं। अयोध्या में एसआईटी की जांच के साथ-साथ मथुरा में भी सीबीआई जांच की मांग तेज हो गई है। सरकार का कहना है कि वह कानून के दायरे में रहकर इन घटनाओं की जांच कराएगी और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगी। वहीं, हिंदू संगठनों का कहना है कि मंदिरों की सुरक्षा और चढ़ावे की रक्षा के लिए विशेष व्यवस्था होनी चाहिए।






















