तेहरान में भीषण तबाही: 100 साल पुराना ‘पाश्चर इंस्टीट्यूट’ मलबे में तब्दील

अमेरिका-इजरायल गठबंधन के हवाई हमले में ऐतिहासिक मेडिकल रिसर्च सेंटर तबाह

Iran Medical Institute Attack: ईरान और अमेरिका-इजरायल गठबंधन के बीच जारी जंग के 34वें दिन एक ऐसी खबर सामने आई है, जिसने वैश्विक स्वास्थ्य विशेषज्ञों की नींद उड़ा दी है। ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने दावा किया है कि राजधानी तेहरान स्थित 100 साल पुराने और ऐतिहासिक ‘पाश्चर इंस्टीट्यूट ऑफ ईरान’ को हवाई हमले में पूरी तरह तबाह कर दिया गया है।

वैश्विक स्वास्थ्य पर सीधा हमला

ईरानी स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता हुसैन केरमनपोर ने हमले के बाद की भयावह तस्वीरें साझा करते हुए इस घटना की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा, “यह सिर्फ ईरान पर हमला नहीं, बल्कि वैश्विक स्वास्थ्य व्यवस्था पर सीधा प्रहार है।” उन्होंने बताया कि यह संस्थान ‘इंटरनेशनल पाश्चर नेटवर्क’ का अहम हिस्सा था और इस पर हमला जिनेवा कन्वेंशन और अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का खुला उल्लंघन है।

1920 से चल रहा था यह अनुसंधान केंद्र

1920 में स्थापित यह संस्थान पिछले एक सदी से ईरान में चिकित्सा अनुसंधान, टीकों के विकास और दवाओं के निर्माण की रीढ़ की हड्डी माना जाता था। मंत्रालय द्वारा जारी की गई तस्वीरों में इस ऐतिहासिक इमारत का बड़ा हिस्सा पूरी तरह मलबे में तब्दील होता दिख रहा है। ईरान ने विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और रेड क्रॉस (ICRC) से इस हमले की निंदा करने, नुकसान का आकलन करने और पुनर्निर्माण में मदद करने की अपील की है।

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34 दिनों के युद्ध में ईरान को अब तक के सबसे बड़े झटके

28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल की संयुक्त सैन्य कार्रवाई शुरू होने के बाद से यह ईरान को लगा अब तक का सबसे बड़ा झटका माना जा रहा है। इस संघर्ष में ईरान को अपूरणीय क्षति हुई है। खबरों के अनुसार, सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई सहित कई शीर्ष सैन्य और राजनीतिक नेता इन हमलों का शिकार हो चुके हैं।

ट्रंप के दावे और ईरान का जवाब

दूसरी ओर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने देश को संबोधित करते हुए बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा, “अमेरिका ने ईरानी सेना को लगभग तबाह कर दिया है और हम अपने युद्ध लक्ष्यों के बेहद करीब हैं।” हालांकि, ट्रंप के इस दावे के तुरंत बाद ईरान ने पलटवार करते हुए इजरायल पर मिसाइलों से ताबड़तोड़ हमले शुरू कर दिए हैं।

राष्ट्रपति पेजेश्कियन का संतुलित बयान

इस गंभीर तनाव के बीच ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने एक सधा हुआ बयान जारी किया। उन्होंने साफ किया कि ईरान का अमेरिका, यूरोप या पड़ोसी देशों की जनता से कोई वैमनस्य नहीं है। लेकिन सामरिक मोर्चे पर ईरान पीछे नहीं हटेगा। फिलहाल, ईरानी सेना खाड़ी देशों में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने में जुटी हुई है।

Rishi Tiwari

ऋषि तिवारी (Rishi Tiwari) ने वर्ष 2011 में मुंबई से पत्रकारिता की दुनिया में कदम रखा और मुंबई से प्रकाशित मुंबई मित्र जैसे समाचारपत्रों में सक्रिय भूमिका निभाई। इसके बाद दिल्ली और एनसीआर में एपीएनएस न्यूज एजेंसी में लंबे समय तक सेवाएं देने के बाद यहां से रुख कर लिया। वर्ष 2018 में इन्होंने संध्या समय न्यूज के साथ नई पारी की शुरुआत की। पिछले कई वर्षों से निष्पक्ष, प्रभावी और जनसरोकारों पर आधारित पत्रकारिता को मजबूती से आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं।

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