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गाजियाबाद में हाईराइज इमारतों की सुरक्षा के लिए बड़ा कदम

Ghaziabad News: गाजियाबाद अग्निशमन विभाग इस चुनौती का सामना करने के लिए तैयार है, और वह भी बड़े दमदार तरीके से। विभाग अपने संसाधनों को आधुनिक बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाने जा रहा है। जल्द ही, शहर की आकाशगंगाओं में आग बुझाने के लिए विदेश से मंगाए गए अत्याधुनिक हाइड्रोलिक प्लेटफार्म दिखाई देंगे।

100 करोड़ की लागत से बदलेगा गाजियाबाद का फायर सेफ्टी सिस्टम

HIGHLIGHTS

  • अब ऊंची इमारतों की आग पर तेजी से काबू पाएगी फायर ब्रिगेड
  • 30 मंजिला इमारतों तक पहुंचेंगे नए फायर हाइड्रोलिक प्लेटफार्म
  • गाजियाबाद में सुरक्षा क्रांति: फायर सिस्टम होगा हाईटेक
  • हाईराइज सोसाइटियों की सुरक्षा के लिए बड़ा निवेश
  • गाजियाबाद में आपदा प्रबंधन को मिलेगा नया आयाम

Ghaziabad News: गाजियाबाद जिले में बीते कुछ वर्षों में शहरीकरण की रफ्तार तेज हुई है, जिसका परिणाम आज हमें आसमान छूती इमारतों और विशाल आवासीय सोसाइटियों के रूप में देखने को मिल रहा है। यह विकास तो दिल को छू लेने वाला है, लेकिन इसके साथ ही एक बड़ी चुनौती भी सामने खड़ी है—और वह है आपदा प्रबंधन, खासकर अग्नि सुरक्षा। दिल्ली से सटे इस शहर में 350 से अधिक हाईराइज सोसाइटियां मौजूद हैं, जहां हजारों परिवार रहते हैं। ऐसी ऊंची इमारतों में अगर कभी आग लगी, तो उसे बुझाना और वहां फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना फायर ब्रिगेड के लिए हमेशा से एक बड़ी परीक्षा रहा है। मौजूदा संसाधन कई बार इन ऊंची इमारतों की ऊंचाई के सामने अपर्याप्त साबित होते आए हैं।

लेकिन अब गाजियाबाद अग्निशमन विभाग इस चुनौती का सामना करने के लिए तैयार है, और वह भी बड़े दमदार तरीके से। विभाग अपने संसाधनों को आधुनिक बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाने जा रहा है। जल्द ही, शहर की आकाशगंगाओं में आग बुझाने के लिए विदेश से मंगाए गए अत्याधुनिक हाइड्रोलिक प्लेटफार्म दिखाई देंगे। यह कदम न केवल आग बुझाने की क्षमता को बढ़ाएगा, बल्कि हाईराइज इमारतों में रहने वाले लाखों लोगों को एक सुरक्षित भविष्य देने में मदद करेगा।

वर्तमान चुनौतियां और समाधान

फिलहाल, गाजियाबाद अग्निशमन विभाग के पास जो उपकरण हैं, उनमें 42 मीटर क्षमता वाला हाइड्रोलिक प्लेटफार्म सबसे बड़ा है। आम भाषा में कहें तो यह लगभग 14-15 मंजिला इमारतों तक पहुंच सकता है। लेकिन आज के दौर में गाजियाबाद में 20, 25 और 30 मंजिला टॉवर्स आम बात हो गई है। ऐसी इमारतों की ऊपरी मंजिलों तक पहुंचने के लिए 42 मीटर का प्लेटफार्म बेअसर साबित होता है, जिससे बचाव अभियान में देरी होती है और जान-माल का नुकसान बढ़ने का खतरा बना रहता है।

इस समस्या को समझते हुए विभाग ने अब 72 मीटर और 101 मीटर क्षमता वाले अत्याधुनिक हाइड्रोलिक प्लेटफार्म खरीदने की योजना बनाई है। कल्पना कीजिए कि एक ऐसी मशीन जो सीधे 30 से 35 मंजिल तक ऊपर उठ सके, वहां पानी की बौछार कर सके और फंसे लोगों को एक सुरक्षित प्लेटफार्म के जरिए नीचे ला सके। इन हाईटेक प्लेटफार्म्स के आ जाने से ऊंची इमारतों में लगी आग पर काबू पाने में लगने वाला समय काफी कम हो जाएगा और राहत एवं बचाव कार्य को अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा।

100 करोड़ का बजट और खरीद प्रक्रिया

किसी भी योजना को साकार रूप देने के लिए संसाधनों की जरूरत होती है, और इस बार शासन-प्रशासन ने कोई कसर नहीं छोड़ी है। अग्निशमन विभाग ने शुरुआत में 72 मीटर क्षमता वाले प्लेटफार्म की मांग शासन को भेजी थी। इस मांग को गंभीरता से लेते हुए गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (GDA) ने मशीनों की खरीद के लिए एक बड़ी राशि का प्रावधान किया है।

जानकारी के मुताबिक, GDA ने अग्निशमन विभाग को करीब 100 करोड़ रुपए का फंड जारी कर दिया है। यह राशि केवल एक या दो मशीन खरीदने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसी राशि से विभाग अपने पूरे इन्फ्रास्ट्रक्चर को अपग्रेड करेगा। इस खरीद प्रक्रिया को पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण बनाने के लिए मुख्यालय स्तर पर एक विशेष समिति का गठन किया गया है। यह कमेटी दुनिया भर की विभिन्न कंपनियों की तकनीक, मशीनों की क्षमता, उनकी टिकाऊता और उपयोगिता का गहराई से अध्ययन करेगी। तकनीकी पैरामीटर्स और जरूरतों के आधार पर ही अंतिम खरीद का फैसला लिया जाएगा, ताकि टैक्सपेयर्स का पैसा सही जगह खर्च हो।

विश्व स्तरीय तकनीक: फिनलैंड, जापान और इटली

जब बात जीवन और मृत्यु की हो, तो समझौता नहीं किया जा सकता। इसीलिए अग्निशमन विभाग दुनिया की सबसे बेहतरीन तकनीक का इस्तेमाल करने जा रहा है। बताया जाता है कि इस तरह की अत्याधुनिक फायर फाइटिंग मशीनें दुनिया के कुछ ही देशों में बनती हैं, जिनमें फिनलैंड, जापान और इटली प्रमुख हैं।

अधिकारियों के मुताबिक, फिनलैंड की बनी मशीनें दुनिया भर में सबसे अधिक भरोसेमंद और आधुनिक मानी जाती हैं। फिनिश तकनीक की खासियत है इनमें लगे मजबूत हाइड्रोलिक सिस्टम और हाई प्रेशर वाटर सिस्टम। ये मशीनें किसी भी मौसम में, किसी भी ऊंचाई पर बिना कंपन के काम करने में सक्षम होती हैं, जो बचाव अभियान के दौरान बहुत महत्वपूर्ण होता है। इनमें कई ऐसे आधुनिक फीचर्स मौजूद होते हैं, जो ऑपरेटर को आग पर सटीक निशाना लगाने में मदद करते हैं।

इन मशीनों की लागत भी काफी है, लेकिन जीवन की सुरक्षा के आगे यह कीमत महत्वहीन है। अनुमान के मुताबिक, 72 मीटर क्षमता वाले हाइड्रोलिक प्लेटफार्म की कीमत करीब 25 करोड़ रुपए आ सकती है, जबकि 101 मीटर क्षमता वाली दिग्गज मशीन की कीमत लगभग 40 करोड़ रुपये बताई जा रही है।

विभाग का संकल्प और भविष्य की तैयारी

इस पूरे अभियान पर गाजियाबाद के मुख्य अग्निशमन अधिकारी (CFO) राहुल पाल का विजन साफ दिखता है। उन्होंने बताया कि विभाग लगातार अपने संसाधनों को मजबूत करने के काम में जुटा हुआ है। हाल ही में विभाग को 22 हजार लीटर क्षमता वाला एक शक्तिशाली वाटर बाउजर भी प्राप्त हुआ है, जो लंबे समय तक पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करेगा।

सीएफओ राहुल पाल के अनुसार, “72 मीटर और 101 मीटर क्षमता वाले हाइड्रोलिक प्लेटफार्म जैसे ही हमारे बेड़े में शामिल होंगे, हाईराइज इमारतों में आग बुझाने और लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने का काम काफी आसान और तेज हो जाएगा। हमारा लक्ष्य है कि नई मशीनों की खरीद प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूरा किया जाए, ताकि किसी भी आपात स्थिति में हम तत्काल प्रतिक्रिया दे सकें।”

यह कदम गाजियाबाद के नागरिकों के लिए एक राहत भरी खबर है। शहर की बदलती तस्वीर के अनुरूप अग्निशमन विभाग की तैयारियां भी बदल रही हैं। विदेशी तकनीक से लैस ये मशीनें न केवल आग पर काबू पाने में मदद करेंगी, बल्कि आम जनमानस में अग्निशमन विभाग के प्रति विश्वास और भी मजबूत करेंगी। 100 करोड़ का यह निवेश वास्तव में गाजियाबाद की सुरक्षा के लिए एक मील का पत्थर साबित होगा, जो सुनिश्चित करेगा कि शहर के आकाश में जो इमारतें छू रही हैं, वहां रहने वाले हर व्यक्ति का जीवन सुरक्षित हाथों में है।

Rishi Tiwari

ऋषि तिवारी (Rishi Tiwari) ने वर्ष 2011 में मुंबई से पत्रकारिता की दुनिया में कदम रखा और मुंबई से प्रकाशित मुंबई मित्र जैसे समाचारपत्रों में सक्रिय भूमिका निभाई। इसके बाद दिल्ली और एनसीआर में एपीएनएस न्यूज एजेंसी में लंबे समय तक सेवाएं देने के बाद यहां से रुख कर लिया। वर्ष 2018 में इन्होंने संध्या समय न्यूज के साथ नई पारी की शुरुआत की। पिछले कई वर्षों से निष्पक्ष, प्रभावी और जनसरोकारों पर आधारित पत्रकारिता को मजबूती से आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं।

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