Uttarakhand News : उत्तराखंड के विकासनगर क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं की घोर लापरवाही का एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने मानवता को शर्मसार कर दिया है। एक निजी अस्पताल की अनदेखी के चलते एक परिवार को अपनी मृत बहू को लेकर 20 किलोमीटर तक तीन अलग-अलग अस्पतालों के चक्कर लगाने पड़े। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि अस्पताल प्रबंधन ने पुलिस को तो मौत की सूचना दे दी, लेकिन परिजनों को अंधेरे में रखा।
जाने क्या है पूरा मामला?
बता दें कि सहसपुर कोतवाली क्षेत्र के बैरागीवाला गांव की 25 वर्षीय महिला की रविवार को अचानक तबीयत बिगड़ गई। परिजन उसे तुरंत हरबर्टपुर स्थित एक निजी अस्पताल ले गए। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में उपचार के दौरान महिला की मौत हो गई, लेकिन अस्पताल प्रबंधन ने उन्हें स्थिति स्पष्ट नहीं की और बिना कुछ बताए उन्हें वहां से भेज दिया।
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20 किलोमीटर का दर्दनाक सफर
चमत्कार की उम्मीद में परिजन महिला को लेकर लगभग 20 किलोमीटर दूर झाझरा स्थित एक अस्पताल पहुंचे। वहां डॉक्टरों ने गहन जांच के बाद यह कड़वा सच बताया कि महिला की काफी समय पहले ही मौत हो चुकी है। इस खुलासे से परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई।
पुलिस को खबर, परिजनों को धोखा
बता दें कि मामले का सबसे विवादित पहलू यह है कि हरबर्टपुर के अस्पताल ने महिला की मौत होते ही चुपचाप पुलिस को सूचना दे दी थी। सवाल उठ रहा है कि जब अस्पताल को मौत की पुष्टि थी और उन्होंने पुलिस को मेमो भी भेज दिया था, तो परिजनों को शव किस आधार पर सौंपा गया और उन्हें सच्चाई क्यों नहीं बताई गई? इस लापरवाही ने शोकाकुल परिवार को घंटों तक दर-दर भटकने पर मजबूर किया।

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ग्रामीणों का आक्रोश और प्रशासनिक कार्रवाई
बता दें कि जब परिजन शव लेकर गांव लौटे, तो वहां पहले से ही पुलिस मौजूद थी। पोस्टमार्टम कराने को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश फूट पड़ा। ढाई घंटे के हंगामे के बाद प्रशासनिक अधिकारियों की मध्यस्थता में मामला शांत हुआ। नायब तहसीलदार ग्यारु दत्त जोशी ने मामले की गंभीरता को स्वीकार करते हुए कहा कि प्रथम दृष्टया अस्पताल प्रबंधन की बड़ी लापरवाही सामने आई है।
एसडीएम को इस मामले की विस्तृत रिपोर्ट सौंप दी गई है। प्रशासन ने जांच के बाद दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई करने की बात कही है। विशेष अनुमति के बाद शव बिना पोस्टमार्टम के परिजनों को सौंप दिया गया।





















