Uttar Pradesh News: उत्तर प्रदेश के जेवर में बन रहे अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के नाम को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कैबिनेट ने अहम फैसला लिया है। आज शुक्रवार को हुई बैठक में जेवर एयरपोर्ट का नाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम पर रखने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कैबिनेट बैठक के बाद मीडिया को फैसले की जानकारी दी। इस बैठक में कुल 39 प्रस्तावों पर मुहर लगी है, जिसे सरकार ने अब तक किसी एक कैबिनेट बैठक में मंजूर प्रस्तावों की सबसे बड़ी संख्या बताया।
मुख्यमंत्री योगी के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी के जनसेवा के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर उनके सम्मान में यह प्रस्ताव पारित किया गया है। उन्होंने कहा कि 7 अक्टूबर को इस उपलब्धि को गौरवशाली इतिहास के रूप में दर्ज किया गया है। कैबिनेट की बैठक के बाद मुख्यमंत्री के साथ उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक सहित सहयोगी दलों के नेता भी मौजूद रहे।

पीएम मोदी के जनसेवा के 25 वर्ष पूरे होने पर प्रस्ताव
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश कैबिनेट प्रधानमंत्री मोदी की जनसेवा की 25 साल की अविराम यात्रा का अभिनंदन करती है। उन्होंने प्रधानमंत्री के नेतृत्व में यूपी में हुए विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य में 42 नए हाईवे बनाए गए हैं। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री और उत्तर प्रदेश का रिश्ता आत्मीय है और केंद्र तथा राज्य सरकार के साझा प्रयासों से प्रदेश प्रगति के मार्ग पर आगे बढ़ रहा है।
योगी आदित्यनाथ के मुताबिक, प्रधानमंत्री मोदी ने सेवा, समर्पण और राष्ट्र निर्माण को अपना ध्येय बनाया है। उनके नेतृत्व में भारत ने वैश्विक स्तर पर नई पहचान बनाई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश की धरती से प्रधानमंत्री देश का नेतृत्व कर रहे हैं और राज्य के विकास में केंद्र सरकार का सहयोग महत्वपूर्ण रहा है।
जेवर में बन रहा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए एक प्रमुख बुनियादी ढांचा परियोजना है। एयरपोर्ट का नाम प्रधानमंत्री के नाम पर रखने के प्रस्ताव को कैबिनेट की मंजूरी मिल गई है। नामकरण से जुड़ी आगे की औपचारिकताओं और परियोजना की प्रगति के बारे में संबंधित विभागों की ओर से जानकारी दी जाएगी।

नगरीय परिवहन के लिए 1,725 इलेक्ट्रिक बसें
कैबिनेट बैठक में नगरीय परिवहन को बेहतर बनाने के लिए भी फैसला लिया गया। ऊर्जा एवं नगर विकास मंत्री अरविंद कुमार शर्मा ने बताया कि प्रदेश के 18 नगर निगम क्षेत्रों में 1,725 नई इलेक्ट्रिक बसें संचालित की जाएंगी। इस कदम का उद्देश्य शहरों में सार्वजनिक परिवहन की उपलब्धता बढ़ाना और यात्रियों को बेहतर सेवा देना है।
मंत्री के अनुसार, बसों की खरीद के लिए परिवहन विभाग ने नीति तैयार की है। टेंडर प्रक्रिया में सबसे कम दर यानी एल-1 पर आने वाली कंपनी से 50 प्रतिशत बसें खरीदी जाएंगी। बाकी 50 प्रतिशत बसें उत्तर प्रदेश में बस निर्माण करने वाली कंपनी से ली जाएंगी। इस व्यवस्था के जरिए बसों की खरीद के साथ प्रदेश में निर्माण को भी बढ़ावा देने की योजना है।
बैठक में कुल 39 प्रस्तावों को मंजूरी
शुक्रवार की कैबिनेट बैठक में एयरपोर्ट के नामकरण और इलेक्ट्रिक बसों के संचालन सहित कुल 39 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रस्तावों की यह संख्या किसी एक कैबिनेट बैठक में अब तक की सबसे अधिक है। हालांकि, सभी 39 फैसलों का विस्तृत ब्योरा संबंधित विभागों की ओर से जारी जानकारी के अनुसार देखा जाना चाहिए।

जेवर एयरपोर्ट का नाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम पर रखने के प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद अब परियोजना से जुड़े अगले कदमों पर नजर रहेगी। वहीं, 18 नगर निगमों के लिए 1,725 इलेक्ट्रिक बसों की योजना शहरी परिवहन को मजबूत करने की दिशा में सरकार का बड़ा फैसला है। इन दोनों घोषणाओं के साथ कैबिनेट बैठक में बुनियादी ढांचे और नागरिक सुविधाओं से जुड़े विषय प्रमुखता से सामने आए।
























