Noida News: विदेश जाकर समुद्री जहाज (क्रूज) पर नौकरी करने के सपने देख रहे बेरोजगार युवाओं के लिए एक बड़ी खबर है। नोएडा पुलिस की साइबर थाना और सेक्टर 63 पुलिस की संयुक्त टीम ने मंगलवार को एक फर्जी कॉल सेंटर का पर्दाफाश किया है।
यह गिरोह युवाओं को आकर्षक पैकेज का झांसा देकर लाखों रुपये की ठगी कर रहा था। पुलिस ने मुख्य आरोपी समेत चार सदस्यों को गिरफ्तार किया है, जबकि उनके पास से भारी संख्या में लैपटॉप और मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। पुलिस के अनुसार, अब तक इस गिरोह ने 150 से अधिक युवाओं को अपना शिकार बनाया है।
कैसे देते थे झांसा? जानें पूरा मॉडस ऑपरेंडी
एडीसीपी सेंट्रल आर के गौतम ने बताया कि आरोपियों ने अपने फर्जी कॉल सेंटर का नाम ‘सी जोन रिक्रूटमेंट एंड ट्रेनिंग’ रखा था। ये लोग फेसबुक, इंस्टाग्राम और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर फर्जी विज्ञापन देकर लोगों को लुभाते थे।
जैसे ही कोई युवा उनसे संपर्क करता, तो ठगी के तीन चरण शुरू हो जाते:
- पहला चरण: नौकरी के नाम पर मेडिकल फिटनेस चेकअप के बहाने युवक से 10,000 रुपये वसूले जाते।
- दूसरा चरण: इसके बाद ट्रेनिंग के नाम पर करीब 45,000 रुपये की मांग की जाती।
- तीसरा चरण: जब पीड़ित पूरी तरह से जाल में फंस जाता, तो उससे वर्क ऑर्डर और वीजा दिलाने के नाम पर 25,000 रुपये और लिए जाते।
कुल ठगी: एक युवक से इस तरह अवैध रूप से करीब 80,000 रुपये ठगे जाते।
पैसे लेने के बाद ‘गायब’ हो जाते थे आरोपी
जैसे ही पीड़ित से पूरी रकम जमा हो जाती, आरोपी उसका मोबाइल नंबर ब्लॉक कर देते और अपना ऑफिस भी दूसरी जगह शिफ्ट कर लेते। पुलिस की जांच में सामने आया है कि इस कॉल सेंटर के पास कोई वैध जीएसटी (GST) नंबर नहीं था। तलाशी बचने के लिए आरोपी पीड़ितों से नकद (कैश) में पैसे लेते थे या अपने और साथियों के अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर करवाते थे, ताकि कोई ट्रेल न जुट सके।
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कौन हैं ये आरोपी?
पुलिस ने गिरफ्तार किए गए चारों आरोपियों की पहचान प्रयागराज निवासी के रूप में हुई है नितिन कुमार (23 वर्ष)- मुख्य आरोपी/सरगना,सचिन कुमार – (नितिन का भाई), अमन कुमार वीरेंद्र कुमार पुलिस वर्तमान में चारों आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद उनके आपराधिक इतिहास की जांच कर रही है। पुलिस मान रही है कि पूछताछ के बाद और भी पीड़ित सामने आ सकते हैं और इस गिरोह के अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी हो सकती है।
पुलिस ने दी यह सलाह
एडीसीपी ने युवाओं से अपील करते हुए कहा कि किसी भी ऑनलाइन या ऑफलाइन कंपनी से नौकरी के नाम पर पैसे देने से पहले उस कंपनी की पूरी जांच कर लें। वैध GST नंबर, कंपनी के पिछले रिकॉर्ड और ऑनलाइन रिव्यू को जरूर चेक करें। किसी भी तरह की शुरुआती फीस (मेडिकल, ट्रेनिंग या वीजा) देने से पहले सतर्क रहें।























