नोएडा पुलिसकर्मियों ने सीखा तनाव घटाने का नया तरीका

Noida News: नोएडा पुलिस लाइन में 200 से अधिक पुलिस अधिकारियों और कर्मियों के लिए भावातीत ध्यान का परिचयात्मक कार्यक्रम आयोजित हुआ। इसमें तनाव प्रबंधन, ध्यान, योग और प्राणायाम पर जानकारी दी गई।

पुलिसकर्मियों को बताया गया ध्यान सीखने का पांच-दिवसीय तरीका

HIGHLIGHTS

  • भावातीत ध्यान सीखने पहुंचे 200 से अधिक पुलिसकर्मी
  • ड्यूटी के तनाव से राहत, पुलिसकर्मियों ने किए योगाभ्यास
  • नोएडा पुलिस लाइन में ध्यान और प्राणायाम का सत्र
  • पुलिसकर्मियों के मानसिक स्वास्थ्य पर खास पहल

Noida News: पुलिस सेवा की व्यस्त और चुनौतीपूर्ण दिनचर्या के बीच मानसिक स्वास्थ्य और तनाव प्रबंधन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से नोएडा पुलिस लाइन के ऑडिटोरियम में भावातीत ध्यान (ट्रान्सेंडेंटल मेडिटेशन) पर विशेष परिचयात्मक कार्यक्रम आयोजित किया गया। नोएडा पुलिस कमिश्नर के निर्देश पर हुए इस कार्यक्रम में 200 से अधिक पुलिस अधिकारियों और कर्मियों ने भाग लिया।

कार्यक्रम में भावातीत ध्यान की प्रक्रिया, नियमित अभ्यास और दैनिक जीवन में इसकी उपयोगिता के बारे में जानकारी दी गई। आयोजकों के अनुसार, इसका उद्देश्य पुलिसकर्मियों को मानसिक शांति, आंतरिक संतुलन और स्पष्ट सोच के लिए एक सरल ध्यान पद्धति से परिचित कराना था। साथ ही, लगातार जिम्मेदारियों के बीच शरीर और मन को विश्राम देने के महत्व पर भी चर्चा हुई।

क्या है भावातीत ध्यान?

कार्यक्रम में बताया गया कि भावातीत ध्यान एक सहज प्रक्रिया है, जिसमें मन को विचारों से जबरन हटाने या किसी एक बिंदु पर एकाग्र करने की कोशिश नहीं की जाती। अभ्यास के दौरान व्यक्ति आराम से बैठकर आंखें बंद करता है और मन को स्वाभाविक रूप से शांत होने देता है। आयोजकों ने कहा कि इस प्रक्रिया में विचारों को रोकने या मन को नियंत्रित करने का प्रयास नहीं किया जाता।

प्रतिभागियों को जानकारी दी गई कि भावातीत ध्यान का अभ्यास आमतौर पर दिन में दो बार, लगभग 15 से 20 मिनट किया जाता है। इसे प्रशिक्षित शिक्षक से व्यक्तिगत रूप से सीखा जाता है। कार्यक्रम में बताया गया कि इसे सीखने के लिए पांच-दिवसीय पाठ्यक्रम निर्धारित है। इच्छुक प्रतिभागियों को आगे की जानकारी और प्रशिक्षण के लिए मार्गदर्शन दिया गया।

ध्यान और तनाव प्रबंधन पर संवाद

स्पिरिचुअल रीजेनेरेशन मूवमेंट फाउंडेशन ऑफ इंडिया की ओर से टीएम शिक्षक अदिति श्रीवास्तव और गौरव ठाकुर ने प्रतिभागियों से संवाद किया। उन्होंने ध्यान की प्रक्रिया और नियमित अभ्यास से जुड़ी व्यावहारिक जानकारी साझा की। चर्चा में यह भी बताया गया कि पुलिस सेवा जैसे दबावपूर्ण कार्यक्षेत्र में विश्राम और मानसिक संतुलन के लिए समय निकालना क्यों महत्वपूर्ण हो सकता है।

सत्र के दौरान प्रतिभागियों को महर्षि महेश योगी के विचारों और ध्यान एवं चेतना के क्षेत्र में उनके योगदान से भी परिचित कराया गया। वक्ताओं ने भावातीत ध्यान को आधुनिक जीवन में अपनाई जा सकने वाली सहज प्रक्रिया के रूप में प्रस्तुत किया। कार्यक्रम का उद्देश्य जानकारी देना और इच्छुक लोगों को इसे आगे सीखने का अवसर बताना था।

योग, स्ट्रेचिंग और प्राणायाम सत्र

कार्यक्रम में ध्यान के साथ योग एवं प्राणायाम को भी शामिल किया गया। सुमित मलिक, पीयूष और प्रीति ने प्रतिभागियों को योग, स्ट्रेचिंग, विश्राम और प्राणायाम के विभिन्न अभ्यास कराए। इन गतिविधियों के जरिए पुलिसकर्मियों को दिनचर्या में शामिल किए जा सकने वाले कुछ व्यावहारिक अभ्यासों से परिचित कराया गया।

सत्र में शरीर को सक्रिय रखने, काम के बीच विश्राम लेने और नियमित स्वास्थ्यकर आदतें विकसित करने पर जोर दिया गया। योग और प्राणायाम के अभ्यास ने कार्यक्रम को केवल जानकारीपरक न रखकर प्रतिभागियों को गतिविधियों में सीधे शामिल होने का अवसर भी दिया।

प्रतिभागियों ने दिखाई रुचि

कार्यक्रम में मौजूद पुलिस अधिकारियों और कर्मियों ने भावातीत ध्यान के बारे में जानकारी प्राप्त करने में रुचि दिखाई। आयोजकों के मुताबिक, कई प्रतिभागियों ने इस प्रक्रिया को आगे सीखने और इसे अपनी दैनिक दिनचर्या में शामिल करने की इच्छा व्यक्त की। कार्यक्रम में ध्यान के अभ्यास, प्रशिक्षण की अवधि और सीखने के तरीके से जुड़े सवालों पर भी चर्चा हुई।

पुलिसकर्मियों की भूमिका में लंबे समय तक सतर्क रहना, अनियमित कार्य घंटे और आपात स्थितियों से निपटना शामिल हो सकता है। ऐसे में मानसिक स्वास्थ्य और तनाव प्रबंधन से जुड़ी जानकारी उनके व्यक्तिगत कल्याण के लिए उपयोगी हो सकती है। कार्यक्रम ने इस विषय पर संवाद और जागरूकता के लिए एक मंच उपलब्ध कराया।

संस्थानों में जागरूकता पहल

स्पिरिचुअल रीजेनेरेशन मूवमेंट फाउंडेशन ऑफ इंडिया विभिन्न संस्थानों के सहयोग से भावातीत ध्यान पर परिचयात्मक कार्यक्रम आयोजित कर रहा है। नोएडा पुलिस लाइन में आयोजित यह सत्र भी इसी पहल का हिस्सा था। फाउंडेशन की ओर से महर्षि महेश योगी द्वारा प्रस्तुत ध्यान पद्धति के बारे में लोगों को जानकारी देने का प्रयास किया जा रहा है।

नोएडा पुलिस भावातीत ध्यान कार्यक्रम के जरिए पुलिसकर्मियों को मानसिक विश्राम, ध्यान, योग और प्राणायाम से संबंधित जानकारी मिली। कार्यक्रम का मुख्य संदेश था कि चुनौतीपूर्ण कार्यजीवन के बीच अपने स्वास्थ्य और आंतरिक संतुलन पर ध्यान देना भी जरूरी है। ऐसे परिचयात्मक सत्र पुलिसकर्मियों को उपलब्ध विकल्पों से अवगत कराने और आगे प्रशिक्षण में रुचि रखने वालों को दिशा देने में मदद कर सकते हैं।

Rishi Tiwari

ऋषि तिवारी (Rishi Tiwari) ने वर्ष 2011 में मुंबई से पत्रकारिता की दुनिया में कदम रखा और मुंबई से प्रकाशित मुंबई मित्र जैसे समाचारपत्रों में सक्रिय भूमिका निभाई। इसके बाद दिल्ली और एनसीआर में एपीएनएस न्यूज एजेंसी में लंबे समय तक सेवाएं देने के बाद यहां से रुख कर लिया। वर्ष 2018 में इन्होंने संध्या समय न्यूज के साथ नई पारी की शुरुआत की। पिछले कई वर्षों से निष्पक्ष, प्रभावी और जनसरोकारों पर आधारित पत्रकारिता को मजबूती से आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं।

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