छत्तीसगढ़ में नक्सलियों का बड़ा सरेंडर, हथियारों के साथ ‘नक्सल बैंक’ भी हुआ सरेंडर

100 घातक हथियार छोड़कर भागे, पुलिस रह गई दंग

Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में नक्सल उन्मूलन अभियान को ऐतिहासिक सफलता मिली है। बीजापुर और सुकमा जिलों में सुरक्षा बलों के लगातार दबाव और सरकार की पुनर्वास नीति के कारण नक्सलियों का मनोबल पूरी तरह टूट गया है। बीजापुर के 25 और सुकमा के 2 सहित कुल 27 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण करते हुए न सिर्फ 100 से अधिक आधुनिक हथियार छोड़े, बल्कि अपना पूरा आर्थिक ढांचा—यानी तथाकथित ‘नक्सल बैंक’ भी पुलिस को सौंप दिया। बरामद किए गए खजाने और हथियारों को देखकर पुलिस अधिकारियों के होश उड़ गए।

‘पूना मारगेम’ अभियान को मिली बड़ी सफलता

बीजापुर जिले में “पूना मारगेम – पुनर्वास से पुनर्जीवन” अभियान के तहत दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी (DKSZC) के 25 माओवादी कैडरों ने बिना शर्त आत्मसमर्पण किया। इनमें 12 महिला नक्सली भी शामिल हैं। इन सभी पर कुल 1 करोड़ 47 लाख रुपये का इनाम घोषित था। लंबे समय से जंगलों में सक्रिय इन कैडरों ने हिंसा का रास्ता छोड़कर संविधान और लोकतंत्र पर भरोसा जताया है।

नक्सलियों का खुला ‘बैंक’, 14 करोड़ से ज्यादा का डंप बरामद

सबसे बड़ी खबर यह रही कि आत्मसमर्पण के बाद नक्सलियों की निशानदेही पर सुरक्षा बलों ने उनके तथाकथित “बैंक” को पूरी तरह उजागर कर दिया। इस कार्रवाई में कुल 14 करोड़ 6 लाख रुपये का डंप बरामद किया गया।

नकदी 2 करोड़ 90 लाख रुपये, सोन: 7.20 किलोग्राम (जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 11 करोड़ 16 लाख रुपये आंकी गई है)। अधिकारियों का मानना है कि इस भारी नकदी और सोने की बरामदगी से नक्सल संगठन की आर्थिक रीढ़ को गहरा झटका लगा है और उनका फंडिंग नेटवर्क लगभग ध्वस्त हो चुका है।

93 घातक हथियार जब्त, डर के साम्राज्य की नींव ढही

बीजापुर में हुई इस कार्रवाई के दौरान सुरक्षाबलों ने 93 ऑटोमैटिक और अर्ध-ऑटोमैटिक हथियार बरामद किए। इनमें एलएमजी (LMG), AK-47, एसएलआर (SLR) और इंसास राइफल जैसी घातक बंदूकें शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, इन्हीं हथियारों के दम पर नक्सली इलाकों में वसूली और डर का नेटवर्क चला रहे थे।

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सुकमा में भी टूटा नेटवर्क

बीजापुर के बाद सुकमा जिले में भी सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली। लगातार सर्च ऑपरेशन के दबाव में नक्सलियों को जंगलों में छिपाकर रखा गया कैश और हथियारों का डंप छोड़ना पड़ा। यहां से 10 लाख रुपये नकद और कई ऑटोमैटिक हथियार बरामद हुए हैं। बीजापुर और सुकमा मिलाकर कुल जब्त हथियारों की संख्या 100 के पार पहुंच गई है।

बड़े नक्सली चेहरों ने उठाए हाथ

सरेंडर करने वालों में कई बड़े और सक्रिय चेहरे शामिल हैं। इनमें CyPC मंगल कोरसा उर्फ मोटू, CyPC आकाश उर्फ फागु उईका, DVCM शंकर मुचाकी और ACM पाले कुरसम जैसे दर्जन भर सीनियर कैडर शामिल हैं। सभी ने सरकार के सामने स्पष्ट रूप से स्वीकार किया कि नक्सल विचारधारा सिर्फ हिंसा और विनाश की ओर ले जाती है, जबकि मुख्यधारा में सम्मानजनक और सुरक्षित भविष्य संभव है।

वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में हुआ सरेंडर

यह ऐतिहासिक आत्मसमर्पण बस्तर आईजी सुंदरराज पी., सीआरपीएफ डीजी बीएस नेगी, बीजापुर एसपी डॉ. जितेंद्र कुमार यादव सहित पुलिस, सीआरपीएफ और जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में संपन्न हुआ।

Rishi Tiwari

ऋषि तिवारी (Rishi Tiwari) ने वर्ष 2011 में मुंबई से पत्रकारिता की दुनिया में कदम रखा और मुंबई से प्रकाशित मुंबई मित्र जैसे समाचारपत्रों में सक्रिय भूमिका निभाई। इसके बाद दिल्ली और एनसीआर में एपीएनएस न्यूज एजेंसी में लंबे समय तक सेवाएं देने के बाद यहां से रुख कर लिया। वर्ष 2018 में इन्होंने संध्या समय न्यूज के साथ नई पारी की शुरुआत की। पिछले कई वर्षों से निष्पक्ष, प्रभावी और जनसरोकारों पर आधारित पत्रकारिता को मजबूती से आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं।

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