Eid al-Adha, Maharashtra News: महाराष्ट्र के मुंबई और ठाणे जिलों में त्योहार का मौसम इस बार तनाव के बादलों के साथ शुरू हो रहा है। बकरीद (Eid al-Adha) के मौके पर कुर्बानी को लेकर हाई-प्रोफाइल हाउसिंग सोसायटी और आवासीय क्षेत्रों में जबरदस्त विवाद की खबरें सामने आ रही हैं। हिंदू संगठनों द्वारा सार्वजनिक स्थानों और सोसायटी परिसरों में कुर्बानी की तैयारियों का विरोध किया जा रहा है, जो कई जगहों पर हिंसक झड़पों में तब्दील हो गया है। मुंबई के घाटकोपर से लेकर ठाणे के मीरा रोड तक, माहौल गरमा गया है, जहां नारेबाजी, पुलिस बल तैनाती और राजनीतिक बयानों ने सांप्रदायिक सौहार्द के लिए चुनौतियां खड़ी कर दी हैं।
घाटकोपर की सागर पार्क सोसायटी: किरीट सोमैया के हस्तक्षेप से बढ़ा विवाद
मामला सबसे पहले मुंबई के घाटकोपर वेस्ट स्थित ‘सागर पार्क हाउसिंग सोसायटी’ में सामने आया। बुधवार को सोसायटी परिसर के अंदर बकरों की कुर्बानी की तैयारी देखकर वहां के निवासियों में रोष फैल गया। दरअसल, बीएमसी (BMC) प्रशासन ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि हाउसिंग सोसायटी के अंदर कुर्बानी की अनुमति नहीं दी जाएगी। इसके बावजूद, कुछ लोगों ने कथित तौर पर सोसायटी के अंदर बकरे ला दिए, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया।
सूचना मिलते ही भाजपा के वरिष्ठ नेता किरीट सोमैया मौके पर पहुंच गए। उन्होंने बीएमसी प्रशासन पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर कोई धार्मिक ‘माफियागिरी’ करने की कोशिश करेगा तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सोमैया ने कहा, “ईद की कुर्बानी जरूर होनी चाहिए, लेकिन बीएमसी द्वारा तय और अधिकृत स्थानों पर ही की जानी चाहिए। हाउसिंग सोसायटी के अंदर बकरे कैसे लाए गए, यह बड़ा सवाल है।”
उन्होंने आरोप लगाया कि यह हिंदुओं को डराने की कोशिश है और ऐसी मानसिकता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सोमैया ने बताया कि यहां कुल 31 बकरे थे, जिनमें से 23 को बाहर निकाल दिया गया है और बाकी को निकालने की कार्रवाई बीएमसी कर रही है। उन्होंने प्रशासन की लापरवाही पर भी सवाल खड़ा किया और पूछा, “क्या हर जगह किरीट सोमैया ही जाएगा तभी बकरे निकलेंगे? तो फिर बीएमसी क्या कर रही है?” घटना के बाद इलाके में पुलिस और बीएमसी अधिकारियों की मौजूदगी बढ़ा दी गई है ताकि कोई अप्रिय घटना न हो सके।
मीरा रोड में बवाल: बकरों के शेड के खिलाफ हनुमान चालीसा और सुअर लाने का विरोध
ठाणे जिले के मीरा रोड इलाके में हालात और भी उग्र रहे। पूनम एस्टेट क्लस्टर 1 सोसाइटी में सोमवार को बड़ी संख्या में बकरियां लाई गईं और उनके लिए एक अस्थायी शेड (shed) बना दिया गया। सोसाइटी के कुछ निवासियों ने इसका विरोध किया, जिसके बाद मामला तूल पकड़ता चला गया। देखते ही देखते बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद (VHP) के कार्यकर्ता भी मौके पर पहुंच गए।
विरोध प्रदर्शन इतना तीव्र हो गया कि कार्यकर्ता बिल्डिंग के गेट पर बैठ गए और दिनभर ‘जय श्री राम’ के नारे लगाते रहे। साथ ही, विरोध के प्रतीक के रूप में हनुमान चालीसा का पाठ किया गया। प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि सोसाइटी से बकरियों को हटाया जाए और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
विवाद उस समय चरम पर पहुंच गया, जब विरोध करने वाले कुछ लोग एक ‘पिंक पिग’ (सुअर) लेकर वहां पहुंच गए। उनका कहना था कि अगर सोसायटी में बकरे रखने की इजाजत है, तो सुअर भी रखे जाएंगे। पुलिस को डर था कि इससे सांप्रदायिक सौहार्द बिगड़ सकता है, इसलिए उन्होंने तुरंत सुअर को कब्जे में लेने की कोशिश की। इस दौरान सुअर जमीन पर गिरकर भाग गया, लेकिन एक पुलिसकर्मी ने उसे पकड़ लिया। हंगामे के बीच ऑटो चालक जिसने सुअर लाया था, मौके से फरार हो गया।
चाकू से हमला और घायल हुए VHP कार्यकर्ता
मीरा रोड का विवाद सिर्फ नारेबाजी तक सीमित नहीं रहा; इसने हिंसक रूप भी ले लिया। हंगामा देर रात तक जारी रहा। 26 मई 2016 की रात करीब 12:50 बजे एक व्यक्ति वहां पहुंचा और VHP के जिला मंत्री नागनाथ कांबले के बारे में पूछताछ करने लगा। VHP कार्यकर्ता हर्ष सिंह के मुताबिक, जब उससे सवाल किया गया तो उसने अचानक चाकू निकाल लिया और हमला करने लगा।
हर्ष सिंह ने अपने हाथ आगे करके हमले को रोकने की कोशिश की, जिसमें उनके हाथ में गंभीर चोट आई। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां उनके हाथ में चार टांके लगाने पड़े। इस मामले में पुलिस ने FIR दर्ज कर ली है। बताया जा रहा है कि VHP के दो अन्य कार्यकर्ता भी झड़प में घायल हुए हैं। हालांकि, मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया, लेकिन इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है।
राजनीतिक बयानबाजी: ‘बकरों का जवाब सुअरों से’
इन घटनाओं के बीच राजनीतिक नेताओं की बयानबाजी ने आग में घी का काम किया है। बोरीवली से भाजपा विधायक संजय उपाध्याय ने एक विवादित बयान दिया। उन्होंने बकरियों के गैर-कानूनी वध के खिलाफ चेतावनी देते हुए कहा, “यदि अल्पसंख्यक समुदाय संविधान और शरिया को नहीं मानती है तो हम बकरियों का जवाब सुअरों से देंगे।” उन्होंने आरोप लगाया कि कई जगह बड़ी संख्या में बकरियां लाई जा रही हैं और कई हाउसिंग सोसाइटी में दूसरे समुदायों के लोग परेशान हैं।
मुंबई की मेयर रितु तावड़े और अन्य भाजपा नेताओं ने बीएमसी से मांग की है कि बकरीद के दौरान हाउसिंग सोसाइटी और चॉल में बकरों की कुर्बानी पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया जाए। हालांकि, बीएमसी के पास पहले से धार्मिक जानवरों के वध को लेकर नियम मौजूद हैं, लेकिन नेताओं का कहना है कि रिहायशी इलाकों में खुले तौर पर बकरियां लाई जा रही हैं और नियमों की अनदेखी की जा रही है।
शांति की अपील और बीएमसी की चुनौती
विवाद बढ़ने के बाद मीरा रोड से शिवसेना विधायक और महाराष्ट्र सरकार में मंत्री प्रताप सरनाईक ने मामले में संयम बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा, “कुछ लोग ऐसी सोसाइटी में बकरियां लाते हैं जहां दूसरे समुदाय के लोग भी रहते हैं। उन्हें दूसरों की भावनाओं का सम्मान करना चाहिए। मीरा रोड के लोग समझदार हैं, लेकिन बाहर से आने वाले कुछ नेता माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हैं।”
वहीं, समाजवादी पार्टी के विधायक अबू आसिम आज़मी ने भी इस विवाद पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “कोई गैर-कानूनी कुर्बानी नहीं होनी चाहिए। सोसाइटी में जगह को ढकने के बाद परमिशन दी जानी चाहिए। मुख्यमंत्री ने इसका भरोसा दिया है। यदि कोई नेता राज्य सरकार की गाइडलाइन के खिलाफ बयान देता है तो उस पर कार्रवाई होनी चाहिए।”
बता दें कि यह पूरा मामला मुंबई और आसपास के महानगरीय क्षेत्रों में बढ़ती आबादी और सिमटती जगह के बीच सामाजिक सद्भाव की कोशिशों की कड़ी परीक्षा है। एक तरफ जहां लोग अपने धार्मिक अनुष्ठानों को निभाना चाहते हैं, वहीं दूसरी तरफ आवासीय परिसरों को धार्मिक गतिविधियों की जगह के बजाय शांतिपूर्ण निवास स्थल के रूप में देखा जा रहा है। पुलिस और प्रशासन के लिए चुनौती है कि वे बीएमसी के नियमों का पालन सुनिश्चित करें और साथ ही किसी भी समुदाय की भावनाओं को आहत होने से बचाएं। फिलहाल, घाटकोपर और मीरा रोड जैसे इलाकों में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है, लेकिन नेताओं की बयानबाजी से पैदा हुआ तनाव जल्द थमने का नाम नहीं ले रहा है।
























