संध्या समय न्यूज
Bhayandar News: महाराष्ट्र के भयंदर स्थित एक अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं की गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है, जिसने सभी को हैरान कर दिया है। यहां एक अस्पताल के इंटेंसिव केयर यूनिट (ICU) में भर्ती 89 वर्षीय बुजुर्ग महिला को चूहों ने कुतर दिया। इस घटना ने सिर्फ परिजनों को ही नहीं, बल्कि पूरी प्रशासनिक व्यवस्था को भी झकझोर कर रख दिया है। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि जब चूहे मरीज को कुतर रहे थे, तब न तो आईसीयू में तैनात डॉक्टरों और न ही नर्सों को इसका पता चला।
जाने क्या है पूरा मामला?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बुजुर्ग महिला सुहासिनी माठेकर को स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्याओं के चलते 12 मार्च को भयंदर के इस निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनकी हालत नाजुक होने के कारण उन्हें अस्पताल की चौथी मंजिल पर स्थित आईसीयू में वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया था। परिजनों को उम्मीद थी कि अस्पताल की सुरक्षा और देखभाल में उनकी दादी जल्द स्वस्थ होंगी, लेकिन सोमवार सुबह जो हुआ, उसने सबके होश उड़ा दिए।
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सुबह 6 बजे खुली आंखें तो देखा यह मंज़र
परिजनों के मुताबिक, सोमवार सुबह करीब छह बजे जब वे मरीज को देखने अस्पताल पहुंचे, तो उन्होंने देखा कि एक चूहा बुजुर्ग महिला के हाथ को कुतर रहा था। परिजनों के पहुंचते ही चूहा वहां से भाग गया, लेकिन तब तक महिला के हाथ और शरीर के अन्य हिस्सों पर कई गहरे घाव हो चुके थे। इस घटना से आहत परिजनों ने तुरंत अस्पताल स्टाफ को सूचना दी।
आईसीयू में डॉक्टर और स्टाफ की लापरवाही
इस पूरी घटना का सबसे बड़ा सवाल अस्पताल की लापरवाही है। आरोप है कि जब चूहा मरीज को कुतर रहा था, तब आईसीयू में मौजूद डॉक्टर और नर्सें सो रही थीं या फिर वे पूरी तरह से बेपरवाह थीं। आमतौर पर आईसीयू को अस्पताल का सबसे सुरक्षित और संवेदनशील हिस्सा माना जाता है, जहां 24 घंटे सख्त निगरानी रहती है। लेकिन वहां चूहों का आना और मरीज को घायल करना, यह बताता है कि अस्पताल प्रबंधन कितना लापरवार है। परिजनों का कहना है कि अगर वे समय पर न पहुंचते, तो शायद यह घटना और भी भयावह हो जाती।
सवाल खड़े हो रहे हैं सुरक्षा और स्वच्छता पर
इस घटना ने अस्पताल की स्वच्छता व्यवस्था और सुरक्षा मानकों पर गहरे सवाल खड़े कर दिए हैं। आईसीयू जैसी जगह पर चूहों का प्रवेश करना सिर्फ स्वच्छता का मामला नहीं है, बल्कि यह मरीज की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मुद्दा है। अस्पताल के इस हाल ने आम वार्डों में भर्ती अन्य मरीजों की सुरक्षा को भी लेकर शंकाएं बढ़ा दी हैं। घटना के सामने आने के बाद परिजन अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। वहीं, इस मामले में अस्पताल प्रबंधन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
























