Delhi News: यूपी के अयोध्या में भव्य राम मंदिर के निर्माण और प्रबंधन को लेकर एक बड़ा सियासी तूफान खड़ा होता दिख रहा है। दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आप पार्टी (AAP) के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने राम मंदिर में कथित चंदे की चोरी के मामले को लेकर भाजपा और राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट पर बेहद तीखा हमला बोला है। केजरीवाल ने सीधे तौर पर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय पर निशाना साधते हुए प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) से पांच बड़े सवाल पूछे हैं। आइए, इस खबर को विस्तार से समझते हैं और जानिए इस मुद्दे के विभिन्न पहलुओं को।
200 करोड़ की चोरी और भक्तों का दर्द
मंगलवार को जारी एक वीडियो संदेश के माध्यम से अरविंद केजरीवाल ने इस मुद्दे को सार्वजनिक मंच पर उठाया और कहा कि राम मंदिर में अरबों रुपये के चढ़ावे की चोरी हो गई। बताया जा रहा है कि 200 करोड़ रुपये नकद (कैश) चोरी हो गया। साथ ही कई सारे हीरे-जवाहरात के बक्से भी गायब हो गए हैं।
केजरीवाल ने कहा कि जैसे-जैसे यह बात सामने आ रही है, हर राम भक्त और हर सनातनी के मन में गहरा दुख और आक्रोश है। उन्होंने बहुत से लोगों से बात की है और सभी के मन में यही सवाल है कि ये क्या हो गया? केजरीवाल ने स्पष्ट किया कि इस मामले में जनता के मन में उभरे 5 सवालों को वह बारी-बारी से सरकार के सामने रखेंगे।
केजरीवाल ने चंपत राय की पहचान उठाया सवाल
केजरीवाल ने अपने पहले सवाल में चंपत राय की पहचान और उनकी ताकत पर सवाल उठाया और कहा कि इस मंदिर को एक ट्रस्ट चलाता है, जिसे प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा बनाया गया था। इस ट्रस्ट में चंपत राय जनरल सेक्रेट्री हैं। वह यहां सर्वेसर्वा हैं, पूरा प्रबंधन उनके हाथ में है और पूरा मंदिर वही चलाते हैं।
केजरीवाल ने चंपत राय की पृष्ठभूमि पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि चंपत राय कहां से आए? यह ना कोई संत है, ना महात्मा। बड़े-बड़े नाम लिए जा रहे हैं कि यह उसका आदमी है, उसका आदमी है। कौन है चंपत राय? जनता को यह जानने का पूरा हक है।
क्या सबूत नष्ट करने के लिए दिया जा रहा है समय?
केजरीवाल के हमले का सबसे नुकीला हिस्सा चंपत राय को पद पर बनाए रखने को लेकर कहा कि सबसे बड़ी बात यह है कि इतनी बड़ी चोरी की घटना हो गई, इसके बावजूद मंदिर का प्रबंधन अभी भी उसी के हाथ में है। उसे हटाया नहीं गया, मंदिर वही चला रहा है।
आप पार्टी संयोजक ने एक बड़ा आरोप लगाते हुए पूछा कि क्या उसे टाइम दिया जा रहा है सबूत खत्म करने के लिए? क्या टाइम दिया जा रहा है सारे गवाहों को पलटने के लिए? उसे कौन बचा रहा है, यह सवाल जनता जानना चाहती है।
क्या बड़े चेहरे बेनकाब होने का डर है?
वीडियो संदेश के साथ सोशल मीडिया पर लिखित पोस्ट में केजरीवाल ने एक चौंकाने वाला सवाल और खड़ा किया। उन्होंने कहा कि क्या इस बात का डर है कि अगर चंपत राय ने मुंह खोला, तो कई बड़े चेहरे बेनकाब हो जाएंगे?

केजरीवाल के इस बयान से सियासी गलियारों में हलचल मच गई है। उनके इशारों का मतलब साफ है कि वह इस चोरी को सिर्फ एक स्थानीय या व्यक्तिगत घटना नहीं मानते, बल्कि उनका कहना है कि इसके पीछे कुछ और बड़ी ताकतें हैं।
अयोध्या जाएंगे केजरीवाल
इस पूरे विवाद के बीच अरविंद केजरीवाल ने शुक्रवार को अयोध्या का दौरा करने का ऐलान किया है। माना जा रहा है कि अयोध्या पहुंचकर वह इस मुद्दे को और तेज करेंगे। उन्होंने साफ किया है कि आज उन्होंने सिर्फ पहला सवाल पूछा है और आने वाले 2-3 दिनों में वह बाकी के 4 सवाल भी जरूर पूछेंगे।
राम मंदिर का मुद्दा भाजपा की सबसे बड़ी राजनीतिक और सांस्कृतिक पूंजी रहा है। ऐसे में केजरीवाल द्वारा चंदे की चोरी और ट्रस्ट के प्रबंधन पर सीधे सवाल उठाना विपक्ष के लिए एक नई रणनीति साबित हो सकता है। अब देखना यह होगा कि शुक्रवार को केजरीवाल के अयोध्या दौरे के दौरान क्या नया मोड़ आता है और राम जन्मभूमि ट्रस्ट इन सवालों का क्या जवाब देता है।






















