US Iran War: ईरान के अंदर तनाव चरम पर है। ईरानी सरकारी मीडिया ने दावा किया है कि देश के मध्य भाग में स्थित एक प्रमुख परमाणु संयंत्र पर भारी हमला किया गया है। फार्स न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका और इजरायल ने ईरान के ‘खोंदाब हेवी वॉटर कॉम्प्लेक्स’ और येलोकेक उत्पादन संयंत्र को निशाना बनाया है। यह हमला उस समय हुआ जब ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को आगे बढ़ा रहा है।
क्या है हमले का दावा?
सेंट्रल मरकजी प्रांत के अधिकारी हसन गमारी ने बताया कि खोंदाब हेवी वॉटर कॉम्प्लेक्स को दो चरणों में निशाना बनाया गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस प्लांट पर लगभग 10 बार हमला किया गया, जिसके बाद वहां से काला धुआं उठते देखा गया। हालांकि, अब तक किसी के घायल होने या मौत की खबर नहीं है। साथ ही, अभी तक इस हमले से किसी तरह के रेडिएशन लीक की भी पुष्टि नहीं हुई है।
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हेवी वॉटर और येलोकेक का महत्व
हमले में निशाना बनाए गए दोनों प्लांट परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम के लिए अहम माने जाते हैं हेवी-वॉटर प्लांट हेवी वॉटर का उपयोग परमाणु रिएक्टरों में न्यूट्रॉन की गति कम करने के लिए किया जाता है। खोंदाब प्लांट, जिसे पहले ‘अराक हेवी वॉटर रिएक्टर’ (IR-40) के नाम से जाना जाता था, एक रिसर्च रिएक्टर है। यह पारंपरिक बिजली उत्पादन के लिए नहीं है, बल्कि यह प्लूटोनियम का बाय-प्रोडक्ट उत्पन्न कर सकता है, जिसके कारण यह परमाणु प्रसार के नजरिए से संवेदनशील माना जाता है। येलोकेक प्लांट येलोकेक यूरेनियम अयस्क से निकाला गया पीले रंग का पाउडर है, जो परमाणु ईंधन बनाने की पहली अवस्था है। इसी येलोकेक को प्रोसेस करके आगे चलकर परमाणु बम बनाया जा सकता है।
جمعه ۷ فروردین ساعت ۱۷:۵۰
حمله به نیروگاه خنداب
تقریبا ده بار زد
از نیروگاه داره دود سیاه میاد
یه چیزی زد که داره میسوزه pic.twitter.com/SzdpXVNe9G— مملکته (@mamlekate) March 27, 2026
IRGC की बड़ी चेतावनी
इस हमले के बाद ईरान का ‘इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स’ (IRGC) खफा हो गया है। तस्नीम समाचार एजेंसी के अनुसार, IRGC ने चेतावनी दी है कि वह इस क्षेत्र में उन औद्योगिक कंपनियों पर जवाबी हमला कर रहा है जिनमें अमेरिका और इजरायल की भागीदारी है।
IRGC ने अमेरिकी और इजरायली उद्योगों में काम करने वाले लोगों से तुरंत अपना कार्यस्थल खाली करने की अपील की है। संगठन ने कहा है कि हमले के खत्म होने तक इन उद्योगों से एक किलोमीटर के दायरे में रहने वाले निवासियों को भी उस जगह को छोड़ देना चाहिए। स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है और जवाबी कार्रवाई की आशंका बनी हुई है।


























