संदिप कुमार गर्ग
नोएडा। आईएमएस लॉ कॉलेज नोएडा में जजमेंट राइटिंग प्रतियोगिता का आयोजन हुआ। संस्थान के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब के तत्वाधान में आयोजित प्रतिस्पर्धा के दौरान आईएमएस के महानिदेशक प्रोफेसर डॉ. विकास धवन, डीन डॉ. नीलम सक्सेना के साथ शिक्षक एवं छात्रों ने अपनी मौजूदगी दर्ज करायी। वहीं कार्यक्रम के दौरान छात्रों ने अपनी विश्लेषणात्मक क्षमता, कानूनी ज्ञान और न्यायपूर्ण दृष्टिकोण का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।
प्रतिस्पर्धा की शुरुआत करते हुए प्रोफेसर डॉ. विकास धवन ने कहा कि छात्रों के लिए न्यायिक प्रक्रिया को समझने एवं व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त करने का यह शानदार अवसर है। आप निष्पक्षता, तटस्थता और विधिक संतुलन जैसे गुणों को व्यवहार में लाने के बाद ही न्यायिक दृष्टिकोण का विकास कर सकते हैं। वहीं डॉ. नीलम सक्सेना ने कहा कि भाषा में स्पष्टता, क्रमबद्धता एवं तर्कपूर्णता आपको जजमेंट लेखन में सहायक होती है। साथ ही सामाजिक न्याय, मानवाधिकार एवं संवैधानिक मूल्यों को भी जजमेंट लिखते समय ध्यान में रखना चाहिए।

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आईएमएस लॉ कॉलेज की विभागाध्यक्ष डॉ. अंजुम हसन ने बताया कि आज के प्रतियोगिता का उद्देश्य छात्रों में न्यायिक सोच, तर्क क्षमता एवं निर्णय लेखन के कौशल का विकास करना था। प्रतियोगिता के दौरान छात्रों को काल्पनिक वाद दिया गया जिसके आधार पर छात्रों ने जजमेंट लिख कर अपनी विश्लेषणात्मक क्षमता, कानूनी ज्ञान और न्यायपूर्ण दृष्टिकोण का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। वहीं कार्यक्रम की संयोजक प्रो. श्रुति श्रीवास्तव ने बताया कि जजमेंट लेखन प्रतिस्पर्धा के अंत में आदित्य रंजन को प्रथम, आर्यन पांडे को द्वितीय एवं आर्यश सरीन को तृतीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के दौरान संस्थान के विद्यार्थी सिद्धार्थ रौशन, कल्पना एवं सबा का योगदान उल्लेखनीय रहा। वहीं प्रतिस्पर्धा में उच्चतम न्यायालय के एओआर आदर्श वर्मा ने बतौर निर्णायक की भूमिका निभायी।


















