संध्या समय न्यूज
भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार को निवेशकों के लिए निराशा का दिन रहा। वैश्विक संकेतों में आई तेजी के बावजूद घरेलू बाजार ने जबरदस्त गिरावट दर्ज की। बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी में एक फीसदी से अधिक की कमी आई, जिससे दलाल स्ट्रीट पर दहशत का माहौल पसर गया। बाजार में आई इस भारी बिकवाली का मुख्य कारण अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तरफ से लगाए गए नए वैश्विक टैरिफ और भविष्य में मंदी के खतरों को माना जा रहा है।
सेंसेक्स और निफ्टी में भारी नुकसान
दोपहर 1 बजे के कारोबार के दौरान बाजार अपने दिन के निचले स्तर पर कारोबार कर रहा था। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 1.34 प्रतिशत यानी 1,119.80 अंक की गिरावट के साथ 82,174.86 के स्तर पर पहुंच गया। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी-50 भी 1.2 प्रतिशत यानी 311.70 अंक गिरकर 25,400.90 के महत्वपूर्ण स्तर पर कारोबार कर रहा था। इस गिरावट से BSE में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण (मार्केट कैप) 3.23 ट्रिलियन रुपये कम होकर 465.31 ट्रिलियन रुपये पर आ गया, जिससे निवेशकों को भारी नुकसान उठाना पड़ा।
ट्रंप के टैरिफ का वैश्विक असर
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए 10 प्रतिशत वैश्विक लेवी और भविष्य में इसे बढ़ाकर 15 प्रतिशत करने की चेतावनी ने वैश्विक बाजारों को हिला दिया है। हालांकि, अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप के इन टैरिफ को गैरकानूनी ठहराया है, लेकिन व्यापार समझौतों से पीछे हटने की धमकी ने निवेशकों के बीच अनिश्चितता बढ़ा दी है। इसका सीधा असर निर्यात आधारित कंपनियों और भारतीय बाजारों पर पड़ा है, जिससे वैश्विक स्तर पर बिकवाली का दबाव बना हुआ है।
IT और रियल्टी सेक्टर पर सबसे ज्यादा मार
सेक्टर के लिहाज से देखें तो IT कंपनियों के शेयरों में सबसे ज्यादा बर्बादी मची है। निफ्टी IT इंडेक्स में 5 प्रतिशत से भी अधिक की भारी गिरावट दर्ज की गई। टेक महिंद्रा के शेयरों में लगभग 7 प्रतिशत की गिरावट आई, जबकि एचसीएल टेक, इन्फोसिस और टीसीएस जैसे दिग्गज आईटी कंपनियों में भी तेजी से बिकवाली देखी गई। विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिका में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से होने वाले व्यवधान और एआई-संचालित व्यापार की निगरानी के कारण IT शेयरों पर दबाव बढ़ा है। इसके अलावा, रियल्टी और केमिकल सेक्टर के शेयर भी गहरे लाल निशान में रहे।
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फार्मा सेक्टर ने दी राहत
गिरावट के इस माहौल में केवल फार्मा सेक्टर ने ही निवेशकों को कुछ राहत दी। निफ्टी फार्मा इंडेक्स हरे निशान में रहा, जिसमें सन फार्मा ने बाजार को संभालने में अहम भूमिका निभाई। इसके अलावा, एचयूएल (HUL), एनटीपीसी और पावर ग्रिड जैसे चुनिंदा शेयरों ने भी मामूली बढ़त के साथ गिरावट का मुकाबला किया। वहीं, भारती एयरटेल गिरावट में सबसे ज्यादा प्रभावित होने वाले शेयरों में शामिल रही।
मिडकैप और स्मॉलकैप में भी फिसलन
व्यापक बाजार के सूचकांक भी इस गिरावट से नहीं बच पाए। BSE मिडकैप 100 और स्मॉलकैप इंडेक्स में भी एक फीसदी से अधिक की गिरावट देखी गई, जिससे छोटे और मझोले निवेशकों के बीच चिंता बढ़ गई है। हालांकि, ब्रह्मपुत्र इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे कुछ शेयरों ने तेजी का मुकाबला किया और BSE पर 5 प्रतिशत का अपर सर्किट लगाकर 167 रुपये का स्तर छू लिया।

























