‘उसने बुलाया था’… श्रेया नारायण के इस बयान ने पैदा की सनसनी, दरअसल है पीयूष पांडे की नई किताब का प्रमोशन

देश की हर लड़की से जुड़ी कहानी है 'उसने बुलाया था', श्रेया नारायन ने की तारीफ (फाइल फोटो)

ऋषी तिवारी


बॉलीवुड अभिनेत्री श्रेया नारायण ने हाल ही में अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक वीडियो जारी किया, जिसमें वह कह रही थीं- ‘उसने बुलाया था’। इस वीडियो के सामने आते ही फैंस और सोशल मीडिया यूजर्स के बीच कौतूहल बढ़ गया कि आखिर श्रेया को किसने और कहां बुलाया है। हालांकि, अब इस रहस्य से पर्दा उठ चुका है। दरअसल, श्रेया का यह बयान किसी व्यक्ति को लेकर नहीं, बल्कि लेखक पीयूष पांडे की नई क्राइम फिक्शन किताब ‘उसने बुलाया था’ को लेकर है। ‘साहब, बीवी और गैंगस्टर’, ‘रॉकस्टार’ और ‘लाल रंग’ जैसी फिल्मों में काम कर चुकी श्रेया ने इस किताब को लेकर जो वीडियो पोस्ट किया है, उसके अगले ही हिस्से में यह बात साफ हो गई थी।

देश की हर लड़की से जुड़ी कहानी

श्रेया नारायण ने बताया कि उन्होंने इस कहानी को पढ़ने वालों में सबसे पहले खुद को शामिल किया है। उन्होंने कहा, “मैं ‘उसने बुलाया था’ की कहानी को सबसे पहले पढ़ने वालों में हूं। ये देश की हर लड़की से जुड़ी एक बहुत जरुरी कहानी है।” अभिनेत्री का मानना है कि यह केवल एक क्राइम फिक्शन नहीं है, बल्कि लोगों में उत्सुकता पैदा करने वाली कहानी है, जिसे लेकर उन्होंने थोड़ा सनसनीखेज अंदाज में वीडियो बनाया है। उन्होंने यह भी कहा कि इस उपन्यास पर फिल्म या वेब सीरीज बनने की पूरी संभावना है।

कहानी में है मनोविज्ञान और अपराध का मिलाजुला

‘उसने बुलाया था’ एक ऐसी युवती की कहानी है, जो मनोविज्ञान (साइकोलॉजी) में शोध कर रही है। एक अप्रत्याशित घटना उसे अपराधी घोषित कर देती है और वह अदालत की देहरी पर पहुंच जाती है। कोर्ट में रोज होने वाले खुलासे इस केस को देश का सबसे सनसनीखेज मामला बना देते हैं।

यह भी पढ़ें : अक्षय कुमार ने बदला गियर, अब खिलाड़ी नहीं ‘हैवान’ बनकर डराएंगे

फिल्मी दुनिया में भी मची चर्चा

दिलचस्प बात यह है कि जब पत्रकार-लेखक पीयूष पांडे इस कहानी पर काम कर रहे थे, तब श्रेया नारायण ने ही उन्हें सुझाव दिया था कि इस कहानी में फिल्म बनने की काफी संभावना है, इसलिए पहले स्क्रीनप्ले लिखा जाना चाहिए। पीयूष पांडे ने बताया कि फिल्म उद्योग के कई दिग्गजों ने इस कहानी पर भरोसा जताया है। ‘नाम शबाना’ और ‘द डिप्लोमेट’ जैसी फिल्मों के निर्देशक शिवम नायर और ‘चक दे’ जैसी फिल्मों के स्क्रिप्ट राइटर जयदीप साहनी ने भी कहानी सुनने के बाद तारीफ की थी। पीयूष पांडे ने बताया कि उन्होंने पहले स्क्रीनप्ले ही लिखा था। संयोग से सिंगापुर फिल्म बाजार में भी कहानी पर फिल्म बनाने के इच्छुक निर्माता मिल गए थे, लेकिन तब वह एक बड़े न्यूज चैनल में थे और तय समय पर डायलॉग समेत पूरा स्क्रीनप्ले देने में असमर्थ रहे। 2018 में श्रेया नारायण ने ही सिंगापुर में इस कहानी को कई निर्माताओं के सामने पिच किया था।

किताब और लेखक

यह किताब ‘पेंगुइन स्वदेश’ ने प्रकाशित की है। इससे पहले पीयूष पांडे अभिनेता मनोज बाजपेयी की बायोग्राफी लिखकर चर्चा में आ चुके हैं, जिसका हिंदी, अंग्रेजी के अलावा गुजराती और मराठी संस्करण भी प्रकाशित हो चुका है। पीयूष का कहना है कि फिल्म जब बनेगी तब बनेगी, लेकिन उन्होंने एक जरूरी कहानी पर उपन्यास लिख दिया है, जिसे लोगों तक पहुंचाना जरूरी था।

Sandhya Samay News

संध्या समय न्यूज़ – आपके विश्वास की आवाज़ संध्या समय न्यूज़ की स्थापना वर्ष 2018 में की गई, जो कि MSME में विधिवत रूप से पंजीकृत है। हमारा उद्देश्य समाज तक सटीक, निष्पक्ष और भरोसेमंद समाचार पहुँचाना है। हम देश-प्रदेश की ताज़ा खबरों, सामाजिक मुद्दों, और जनहित से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियों को आपके सामने सरल और स्पष्ट रूप में प्रस्तुत करते हैं। हम अपने सभी दर्शकों और पाठकों का दिल से आभार व्यक्त करते हैं, जिन्होंने हमें लगातार देखा, समझा और अपना विश्वास बनाए रखा। आपकी यही सराहना और समर्थन हमें और बेहतर कार्य करने के लिए प्रेरित करता है। संध्या समय न्यूज़ हमेशा सत्य, निष्पक्षता और जनसेवा के मूल्यों पर कार्य करता रहेगा।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now