Faridabad News: हरियाणा के फरीदाबाद जिले से एक ऐसी दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है, जिसने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी है। एक नाबालिग लड़की से प्रेम-प्रसंग के चलते एक होनहार युवा बैडमिंटन खिलाड़ी की जान ले ली गई। आरोप है कि लड़की के परिजनों ने युवक का अपहरण कर उसे तीन दिन तक बेरहमी से पीटा और टॉर्चर किया। इलाज के दौरान अस्पताल में उसने दम तोड़ दिया। पुलिस ने मामला दर्ज कर दो आरोपियों को हिरासत में ले लिया है और आगे की जांच में जुट गई है।
खेल जगत को झटका: 21 वर्षीय था मृतक
मृतक युवक की पहचान मोनू (21) के रूप में हुई है, जो भिवाड़ी के सैदपुर गांव का रहने वाला था। मोनू महज 21 साल का था, लेकिन उसके सपने आसमान छूने वाले थे। हाल ही में उसने 12वीं कक्षा की परीक्षा 70 प्रतिशत अंकों के साथ उत्तीर्ण की थी। पढ़ाई के साथ-साथ वह खेल के क्षेत्र में भी बेहद सक्रिय था। मोनू बैडमिंटन का स्टेट लेवल चैंपियन था और जिला स्तर पर उसके कई मेडल थे। उसके पिता भीम सिंह एक ड्राइवर हैं और परिवार में मोनू सहित दो भाई थे। परिवार को उम्मीद थी कि यह बेटा आगे चलकर देश का नाम रोशन करेगा, लेकिन प्रेम प्रसंग ने उसके सपनों को चौपट कर दिया।
प्यार का नतीजा बना मौत का कारण
जानकारी के मुताबिक, मोनू का फरीदाबाद के तिगांव के अधाना पट्टी निवासी कुलभूषण की नाबालिग बेटी के साथ प्रेम प्रसंग था। लड़की के मामा का घर सैदपुर गांव में है, जहां वह अक्सर आती-जाती थी। इसी दौरान दोनों की मुलाकातें हुई और दोनों के बीच प्यार पनपने लगा। लेकिन, लड़की के परिवार वालों को जब इस बात का पता चला तो उन्होंने इसे अपनी इज्जत का मामला मान लिया।
अप्रैल में भी हुआ था भगाने का प्रयास
यह पहली बार नहीं था जब इस प्रेम कहानी ने विवादित रूप लिया था। पुलिस प्रवक्ता यशपाल के अनुसार, इसी साल अप्रैल माह में मोनू ने कुलभूषण की नाबालिग बेटी को भगाकर ले गया था। इस मामले में तिगांव थाने में कुलभूषण द्वारा मोनू के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई थी। पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए लड़की को बरामद कर उसके परिवार को सौंप दिया था, लेकिन तब से मोनू फरार चल रहा था। पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई थी।
तफ्तीश के नाम पर बुलाकर किया अपहरण
मृतक के चाचा नरेन्द्र ने बताया कि 17 मई को मोनू घर से निकला। उसने परिवार वालों को बताया था कि पुलिस ने उसे तफ्तीश में शामिल होने के लिए तिगांव थाने बुलाया है। लेकिन, वहां जाने के बाद वापस नहीं आया। परिजनों का आरोप है कि लड़की के परिवार वालों ने उसे थाने के रास्ते में रोककर उसका अपहरण कर लिया।
तीन दिन तक चलता रहा टॉर्चर
नरेन्द्र ने आगे बताया कि अगले तीन दिनों तक लड़की के परिजनों ने मोनू को अपनी कैद में रखा। उसके साथ लगातार मारपीट की गई और उसे शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया। परिवार का दावा है कि उसे इतना बुरी तरह पीटा गया कि उसके शरीर पर चोटों के निशान बन गए।
घायल हालत में मिला, फिर हुई मौत
20 मई को परिजनों के पास पुलिस की तरफ से फोन आया। पुलिस ने सूचना दी कि मोनू घायल हालत में कुलभूषण के घर के बाहर मिला है और उसे इलाज के लिए ले जाया जा रहा है। सूचना मिलते ही परिवार के लोग मौके पर पहुंचे और मोनू को एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। हालांकि, तीन दिन की क्रूर पिटाई ने मोनू को अंदर से तोड़ दिया था। इलाज के दौरान आज उसकी मौत हो गई। डॉक्टरों ने उसे बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन वह अंत समय से जीत नहीं पाया।
पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारी
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस हरकत में आ गई है। पुलिस प्रवक्ता यशपाल ने बताया कि परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए मामला दर्ज कर लिया है। अपहरण और मारपीट की धाराओं के साथ-साथ अन्य संबंधित धाराएं लगाई गई हैं। पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को राउंडअप कर लिया है और उनसे पूछताछ जारी है। पुलिस पूरे मामले की तह तक जाने की कोशिश कर रही है कि आखिर तीन दिनों तक युवक कहां रखा गया था और मौत का असली कारण क्या है।
परिजनों में मचा कोहराम
मोनू की मौत के बाद उसके घर में कोहराम मचा हुआ है। एक बेटे को खोने का दर्द उसके माता-पिता बर्दाश्त नहीं कर पा रहे हैं। परिजनों की मांग है कि दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाए ताकि कोई भी ऐसा अपराध करने की हिम्मत न कर सके। यह मामला एक बार फिर समाज में ‘खाप’ पंचायत और प्रेम प्रसंगों को लेकर होने वाली हिंसा की क्रूरता को दर्शाता है, जहां कानून अपने हाथों में लेने वाले लोग किसी भी हद तक जा सकते हैं। पुलिस की जांच में सामने आने वाले तथ्यों पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं।
























