Kidnapping or Arrest? Dhruv Rathee: देश के चर्चित यूट्यूबर ध्रुव राठी इन दिनों किसी नए कंटेंट की वजह से नहीं, बल्कि अपने साथ हुई पुलिस कार्रवाई और उनकी नागरिकता को लेकर उठ रहे सवालों के बीच सुर्खियों में हैं। शनिवार को गुरुग्राम से हिरासत में लिए गए ध्रुव राठी को करीब 20 घंटे पुलिस की कस्टडी में रखा गया, जिसके बाद आज रविवार को उन्हें रिहा कर दिया गया। रिहाई के बाद उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो जारी किया, जिसमें उन्होंने न सिर्फ अपनी नागरिकता को लेकर चल रही बहस पर फुल स्टॉप लगाने की कोशिश की, बल्कि पुलिस पर कई गंभीर आरोप भी लगाए हैं।
पासपोर्ट दिखाकर दिया जवाब — ‘मैं भारतीय नागरिक हूं’
बता दें कि लंबे समय से सोशल मीडिया पर कयास लगाए जा रहे थे कि ध्रुव राठी भारतीय हैं या जर्मन नागरिक। कई लोगों का मानना था कि वे विदेशी पासपोर्ट होल्डर हैं और इसी वजह से उनके साथ कड़ी कार्रवाई की गई। इन सभी अफवाहों पर विराम लगाते हुए राठी ने वीडियो में अपना पासपोर्ट कैमरे के सामने दिखाया और साफ शब्दों में कहा, “मैं भारतीय नागरिक हूं, था और रहूंगा।” उन्होंने स्पष्ट कहा कि जो लोग सोच रहे हैं कि उनके साथ इसलिए कार्रवाई हुई क्योंकि वे विदेशी पासपोर्ट रखते हैं, वैसा बिल्कुल नहीं है।
‘गिरफ्तारी नहीं, मेरे साथ किडनैपिंग हुई’
रिहाई के बाद जारी वीडियो में ध्रुव राठी ने पुलिस पर बड़े आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें गिरफ्तार नहीं किया गया, बल्कि उनका अपहरण किया गया। उनका दावा है कि हिरासत के दौरान न उन्हें अपने वकील से संपर्क करने दिया गया और न ही उनका फोन उन्हें लौटाया गया।
राठी ने उस रात की घटना का ब्यौरा देते हुए बताया कि वे घर पर सो रहे थे, तभी सादे कपड़ों में कुछ लोग उनके बेडरूम में घुस आए। उनके अनुसार, इस दौरान उनकी मां को धक्का भी दिया गया। उन्होंने कहा, “उन लोगों ने मेरा फोन छीन लिया और मुझे घसीटते हुए ले गए। मुझे चप्पल तक पहनने का मौका नहीं दिया गया और जल्दी से जीप में बैठाकर वहां से ले जाया गया।”
’50 लोग थे, अपराधी की तरह घसीटकर ले गए’
ध्रुव राठी ने अपने बयान में आगे कहा, “उन्होंने मुझे गिरफ्तार या डिटेन नहीं किया। इन लोगों ने गुंडे भेजकर मुझे किडनैप किया है। उस वक्त घर में मैं और मेरे मम्मी-पापा मौजूद थे। आप इन लोगों को पुलिस या एजेंसी के गुंडे कह सकते हैं। मुझे बाद में पता चला कि इनकी संख्या 50 थी।
I was not arrested or detained, I was KIDNAPPED.
Thank you for your support, here’s the full story 👇 https://t.co/gcN8cAUOmY
— Dhruv Rathee (@dhruv_rathee) October 11, 2026
इन लोगों ने मुझे कुछ बोलने का मौका भी नहीं दिया और अपराधी की तरह घसीटकर ले गए। इस पूरी घटना के दौरान मुझे चोट भी आई।” उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें एक थाने से दूसरे थाने में ले जाया गया और करीब 20 घंटे तक बैठाए रखा गया।
फिर हिरासत में लिए जा सकते हैं ध्रुव राठी?
इस बीच पुलिस के एक सूत्र ने जो बात कही है, वह राठी के लिए रिहाई के बाद भी राहत की खबर नहीं है। सूत्र के अनुसार, अगर ध्रुव राठी धारा 163 लागू होने के बावजूद जंतर-मंतर जाने की कोशिश करते हैं, तो उन्हें दोबारा हिरासत में लिया जा सकता है या उनके खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। यानी रिहाई के बाद भी उनके लिए रास्ता अभी पूरी तरह आसान नहीं है।
7,000 से अधिक प्रदर्शनकारी हिरासत में
बता दें, ध्रुव राठी को शनिवार को गुरुग्राम के सेक्टर-56 स्थित उनके आवास से हिरासत में लिया गया था। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, यह कार्रवाई दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था की अत्यधिक सख्ती के बीच अंजाम दी गई। यह कार्रवाई सिर्फ ध्रुव राठी तक सीमित नहीं थी — सूत्रों के अनुसार अलग-अलग जगहों से 7,000 से अधिक प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया।
मामले का सिलसिला विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) से जुड़ा है। दिल्ली पुलिस ने राष्ट्रीय राजधानी में सुरक्षा बढ़ा दी है ताकि एसआईआर से संबंधित कथित अनियमितताओं को लेकर मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने जा रहे लोगों को रोका जा सके। ध्रुव राठी की हिरासत को इसी पूरे एक्शन के तहत देखा जा रहा है।



























