वैशाली जिले के राघोपुर में हुई 13 मौतों को लेकर बिहार की राजनीति गरमा गई है। आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने घटना को प्रशासनिक लापरवाही और स्वास्थ्य व्यवस्था की विफलता बताते हुए राज्य सरकार पर सवाल उठाए हैं। पीड़ित परिवारों से मिलने के बाद उन्होंने गुरुवार को सोशल मीडिया मंच एक्स पर अपनी बात रखी और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी तथा स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार से जवाब मांगा।
तेजस्वी यादव के मुताबिक, पीड़ित परिजनों और स्थानीय लोगों से बातचीत में जो बातें सामने आईं, वे गंभीर चिंता का विषय हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि घटना की सूचना मिलने के बावजूद प्रशासन ने समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए। हालांकि, उनके इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं है। घटना की परिस्थितियों और सरकारी प्रतिक्रिया को लेकर संबंधित अधिकारियों का पक्ष भी सामने आना बाकी है।
SDRF की देरी पर उठाए सवाल
तेजस्वी यादव ने कहा कि SDRF की टीम घटनास्थल पर पहुंची, लेकिन उनके आरोप के अनुसार उसे पहुंचने में करीब तीन घंटे लग गए। उन्होंने दावा किया कि तब तक स्थानीय लोगों और ग्रामीणों ने मिलकर पानी से पीड़ितों को बाहर निकालने का काम किया था। तेजस्वी यादव ने बचाव अभियान में देरी और उसके संचालन पर भी सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि टीम ने कई घंटे नाव घुमाने में बिताए।
उन्होंने सरकार और प्रशासन से यह स्पष्ट करने की मांग की कि सूचना मिलने के बाद बचाव कार्य कितनी जल्दी शुरू किया गया और राहत दल को घटनास्थल तक पहुंचने में इतना समय क्यों लगा। राघोपुर हादसे में बचाव अभियान की समय-सीमा और स्थानीय लोगों की भूमिका की निष्पक्ष जांच की मांग भी इस बयान के केंद्र में रही।
एंबुलेंस और ऑक्सीजन की कमी का आरोप
तेजस्वी यादव ने स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्था पर भी गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना है कि ग्रामीणों और स्थानीय तैराकों ने कुछ बच्चों को पानी से निकालने के बाद उन्हें जीवित पाया था, लेकिन अस्पताल पहुंचाने में देरी हुई। उन्होंने दावा किया कि एंबुलेंस देर से पहुंची और उसमें ऑक्सीजन की सुविधा नहीं थी।
तेजस्वी यादव के अनुसार, ऑक्सीजन की कथित कमी के कारण पांच से छह बच्चों की जान गई हो सकती है। उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार से पूछा कि इलाज, दवाइयों और ऑक्सीजन की उपलब्धता में कमी क्यों रही। यह आरोप बेहद गंभीर है; इसकी पुष्टि के लिए सरकारी जांच, चिकित्सा रिकॉर्ड और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान महत्वपूर्ण होंगे।
पीड़ित परिवारों से मिलने की अपील
तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से घटनास्थल पर जाकर पीड़ित परिवारों से मिलने की मांग की। उन्होंने कहा कि सरकार को केवल आर्थिक सहायता देकर अपनी जिम्मेदारी पूरी नहीं माननी चाहिए और प्रभावित परिवारों की बात सुननी चाहिए। स्वास्थ्य मंत्री से भी उन्होंने पीड़ितों के परिजनों के बीच पहुंचकर जवाब देने की अपील की।
अपने बयान में तेजस्वी यादव ने सरकार की लंबे समय से चली आ रही सत्ता पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि बच्चों की मौत के बाद केवल मुआवजे की घोषणा पर्याप्त नहीं है; यह भी पता लगना चाहिए कि हादसे के दौरान राहत, बचाव और चिकित्सा सहायता में कहां चूक हुई।

हर परिवार को जमीन देने की मांग
तेजस्वी यादव ने सरकार से प्रत्येक पीड़ित परिवार को कम से कम तीन डिसमिल जमीन देने की मांग की। साथ ही उन्होंने प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने की बात कही, ताकि भविष्य में ऐसी घटना होने पर बचाव दल, एंबुलेंस और जरूरी चिकित्सा सुविधाएं तुरंत उपलब्ध हो सकें।
राघोपुर में 13 मौतों के मामले में अब मुख्य सवाल बचाव अभियान की समय-सीमा, एंबुलेंस की उपलब्धता और उपचार के दौरान ऑक्सीजन की व्यवस्था को लेकर हैं। तेजस्वी यादव के आरोपों पर राज्य सरकार और संबंधित विभागों की प्रतिक्रिया के साथ-साथ निष्पक्ष जांच के निष्कर्ष भी महत्वपूर्ण होंगे। फिलहाल, पीड़ित परिवारों के लिए राहत और घटना की परिस्थितियों की स्पष्ट जानकारी सबसे अहम है।


























