गुरुग्राम और फरीदाबाद में सिटी बसों का संचालन चार दिन से बंद है। बस ऑपरेटर कंपनी टीसीआरपीएल ने करीब 15 करोड़ रुपये का भुगतान न मिलने के कारण सेवाएं रोक दी हैं। बसें डिपो से बाहर नहीं निकलने के चलते रोजाना सफर करने वाले यात्रियों को परेशानी हो रही है।
गुरुग्राम और फरीदाबाद के यात्रियों को इन दिनों आवागमन के लिए वैकल्पिक साधनों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। दोनों शहरों में चलने वाली सिटी बस सेवा 9 अक्टूबर से बंद है। बसों का संचालन करने वाली कंपनी टीसीआरपीएल का कहना है कि गुरुग्राम महानगर सिटी बस लिमिटेड (जीएमसीबीएल) की ओर से लंबे समय से भुगतान नहीं किया गया है। कंपनी के मुताबिक, करीब 15 करोड़ रुपये के बकाये के चलते उसे वित्तीय संकट का सामना करना पड़ रहा है।
ऑपरेटर ने जीएमसीबीएल को पहले अंतिम नोटिस दिया था और भुगतान होने तक बसें नहीं चलाने की चेतावनी दी थी। इसके बाद से गुरुग्राम और फरीदाबाद के डिपो से बसें नहीं निकलीं। सोमवार को भी एक भी सिटी बस सड़क पर नहीं उतरी। सेवा बंद होने से उन यात्रियों को खास दिक्कत हो रही है जो रोजाना काम, पढ़ाई या अन्य जरूरी कामों के लिए इन बसों का इस्तेमाल करते हैं।
भुगतान विवाद से रुकी गुरुग्राम-फरीदाबाद सिटी बस सेवा
इस मामले की जड़ बस संचालन के भुगतान को लेकर हुआ विवाद है। टीसीआरपीएल के अनुसार, कंपनी को बस चलाने के लिए प्रति किलोमीटर 96 रुपये की दर से भुगतान किया जाना है। कंपनी का दावा है कि जीएमसीबीएल पर उसके करीब 15 करोड़ रुपये बकाया हैं। कंपनी के पदाधिकारी पिछले छह महीने से भुगतान की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक राशि जारी नहीं हुई।
कंपनी के एक अधिकारी के मुताबिक, भुगतान नहीं मिलने से रोजमर्रा के संचालन पर असर पड़ा है। बसों के लिए सीएनजी खरीदने का खर्च भी लंबित है। अधिकारी ने बताया कि सीएनजी कंपनी को करीब 40 लाख रुपये देने हैं। जीएमसीबीएल से बकाया राशि मिलने पर सबसे पहले इसी भुगतान को चुकाने की योजना है।
2019 में हुआ था बस संचालन का समझौता
बस संचालन के लिए टीसीआरपीएल और जीएमसीबीएल के बीच 2019 में किलोमीटर स्कीम के तहत समझौता हुआ था। शुरुआत में कंपनी को गुरुग्राम में 100 बसें चलाने की जिम्मेदारी दी गई थी। बाद में गुरुग्राम में 50 और फरीदाबाद में 50 बसों के संचालन के आदेश जारी किए गए।
इस व्यवस्था के तहत बस ऑपरेटर को तय दर के अनुसार बसों के चलाए गए किलोमीटर का भुगतान किया जाना था। अब भुगतान में देरी को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद सामने आया है। ऑपरेटर ने बकाया राशि मिलने तक सेवा रोकने का फैसला किया है, जबकि यात्रियों को यह स्पष्ट नहीं है कि बस सेवा कब सामान्य होगी।
18 रूटों पर चलती थीं सिटी बसें
गुरुग्राम और फरीदाबाद में सिटी बसें कुल 18 रूटों पर संचालित होती थीं। इनमें गुरुग्राम के मिलेनियम सिटी सेंटर मेट्रो स्टेशन से सेक्टर-50 और मिलेनियम सिटी सेंटर से सोहना बस स्टैंड तक के मार्ग शामिल थे।
फरीदाबाद में बसें बड़खल बॉर्डर से बल्लभगढ़ बस स्टैंड, बल्लभगढ़ से बदरपुर बॉर्डर और बल्लभगढ़ से मछावली चौक समेत कई मार्गों पर चलती थीं। बस सेवा बंद होने से इन रूटों पर निर्भर यात्रियों को ऑटो, कैब या निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ रहा है। इससे यात्रा का खर्च और समय दोनों बढ़ सकते हैं।
जीएमसीबीएल ने क्या कहा?
जीएमसीबीएल के सीईओ विश्वजीत चौधरी ने भुगतान विवाद पर कोई विस्तृत टिप्पणी नहीं की। हालांकि, उन्होंने कहा कि बसों का संचालन शुरू किया जाएगा। फिलहाल कंपनी के बकाये के भुगतान या सेवा बहाल होने की निश्चित समय-सीमा सामने नहीं आई है।
यात्रियों के लिए फिलहाल सबसे अहम सवाल यही है कि गुरुग्राम-फरीदाबाद सिटी बस सेवा कब दोबारा शुरू होगी। बस ऑपरेटर का कहना है कि भुगतान मिलने के बाद ही संचालन बहाल हो सकेगा। जब तक दोनों पक्षों के बीच बकाया राशि पर सहमति नहीं बनती, तब तक यात्रियों को वैकल्पिक परिवहन साधनों से सफर करना पड़ सकता है।



























