Ghazipur News: पेंशनरों के मेडिकल बिल भुगतान की प्रक्रिया ऑनलाइन किए जाने से वरिष्ठ नागरिकों को हो रही परेशानी के विरोध में सेवा निवृत कर्मचारी एवं पेंशनर एसोसिएशन, जनपद शाखा गाजीपुर ने आंदोलन की चेतावनी दी है। संगठन ने मांग की है कि मेडिकल प्रतिपूर्ति के लिए ऑनलाइन के साथ-साथ ऑफलाइन आवेदन की सुविधा भी बहाल की जाए। मांग पूरी न होने पर 2 नवंबर को जिला मुख्यालय पर विशाल धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
जिला मुख्यालय स्थित लोक निर्माण विभाग के संघ भवन में एसोसिएशन की मासिक बैठक जिलाध्यक्ष मुक्तेश्वर श्रीवास्तव की अध्यक्षता में हुई। बैठक में पेंशनरों की चिकित्सा प्रतिपूर्ति, संगठन के आगामी द्विवार्षिक अधिवेशन और सदस्यता नवीनीकरण सहित विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई।
ऑनलाइन प्रक्रिया से बुजुर्गों को हो रही परेशानी
बैठक में जिलाध्यक्ष मुक्तेश्वर श्रीवास्तव ने कहा कि पहले सेवानिवृत कर्मचारियों और पेंशनरों को चिकित्सा प्रतिपूर्ति के लिए ऑफलाइन आवेदन की सुविधा उपलब्ध थी। अब मेडिकल बिल भुगतान की प्रक्रिया ऑनलाइन अनिवार्य कर दिए जाने से बुजुर्गों को कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। संगठन के अनुसार, 60 से 90 वर्ष तक की आयु के कई पेंशनरों को डिजिटल प्रक्रिया का पर्याप्त प्रशिक्षण नहीं मिला है। ऐसे में ऑनलाइन आवेदन, दस्तावेज अपलोड करने और भुगतान की स्थिति जानने जैसी प्रक्रियाएं उनके लिए जटिल हो जाती हैं।
उन्होंने कहा कि चिकित्सा प्रतिपूर्ति का भुगतान बीमारी के समय इलाज में मदद के लिए होता है। यदि आवेदन प्रक्रिया में परेशानी या देरी हो, तो जरूरतमंद पेंशनरों को समय पर उपचार कराने में दिक्कत हो सकती है। इसलिए मानवीय आधार पर ऑनलाइन और ऑफलाइन—दोनों माध्यमों से आवेदन स्वीकार किए जाने चाहिए, ताकि पेंशनरों को सुविधाजनक विकल्प मिले और भुगतान में अनावश्यक विलंब न हो।
एसोसिएशन ने स्पष्ट किया कि उसका उद्देश्य डिजिटल व्यवस्था का विरोध करना नहीं, बल्कि उन वरिष्ठ नागरिकों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था बनाए रखना है जो ऑनलाइन प्रक्रिया का उपयोग करने में सक्षम नहीं हैं। संगठन का कहना है कि दोनों विकल्प उपलब्ध रहने से तकनीक का लाभ भी मिलेगा और बुजुर्गों को अपने मेडिकल बिल जमा करने में परेशानी भी नहीं होगी।
मांग पूरी न होने पर 2 नवंबर को प्रदर्शन
बैठक में उपाध्यक्ष उग्रसेन सिंह ने 2 नवंबर को प्रस्तावित धरना-प्रदर्शन को सफल बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि पेंशनरों की समस्या को संबंधित अधिकारियों और शासन तक पहुंचाने के लिए बड़ी संख्या में सदस्यों की भागीदारी जरूरी है। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि ऑफलाइन आवेदन की सुविधा बहाल नहीं की गई, तो जिला मुख्यालय पर धरना देकर अपनी मांग उठाई जाएगी।
एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने पेंशनरों से अपील की कि वे आंदोलन में शामिल होकर मेडिकल बिल भुगतान की सरल और सुलभ व्यवस्था की मांग का समर्थन करें। उनका कहना है कि चिकित्सा प्रतिपूर्ति से जुड़ी प्रक्रिया ऐसी होनी चाहिए, जिसमें उम्र या डिजिटल जानकारी की कमी किसी पेंशनर के इलाज में बाधा न बने।
द्विवार्षिक अधिवेशन की तैयारियों पर चर्चा
बैठक में सेवा निवृत कर्मचारी एवं पेंशनर एसोसिएशन के आगामी प्रस्तावित द्विवार्षिक अधिवेशन की तैयारियों की समीक्षा भी की गई। कार्यकारी अध्यक्ष अम्बिका दूबे ने सदस्यों से अधिवेशन को सफल और भव्य बनाने के लिए तन, मन और धन से सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि संगठन की गतिविधियों को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने के लिए सदस्यों की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।

वरिष्ठ उपाध्यक्ष आर. एस. वर्मा ने प्रदेश संगठन की गतिविधियों और शासन तथा सरकार से जुड़े विषयों की जानकारी दी। जिला मंत्री जनार्दन सिंह ने सदस्यता नवीनीकरण और अधिवेशन शुल्क अक्टूबर के अंत तक जमा कराने का आग्रह किया, ताकि अधिवेशन की तैयारियां समय से पूरी की जा सकें।
कोषाध्यक्ष अशोक कुमार ने बैठक में आय-व्यय का पूरा विवरण प्रस्तुत किया। सदस्यों ने विवरण की जानकारी ली और संगठन के कार्यों को नियमित रूप से आगे बढ़ाने पर चर्चा की।
कई सदस्यों ने रखे विचार
बैठक में दिनेश चन्द्र शर्मा, डॉ. दिनेश सिंह, रमाशंकर यादव, जिउत शर्मा, डॉ. सुग्रीव सिंह, उग्रसेन सिंह, उमेश श्रीवास्तव, गोपाल पांडेय, बैजनाथ तिवारी, बृजेश यादव, नाथ तिवारी, शकील अहमद, ज्ञानेंद्र ओझा, अनूप सिन्हा, जय प्रकाश पाण्डेय, शिव कुमार, नरेन्द्र सिंह, लल्लन सिंह, बीरेन्द्र सिंह, जगदीस गुप्ता, अक्षयवर राय, मोहम्मद अली, कालिका सिंह, चंद्र बली राम और जय प्रकाश वर्मा सहित अन्य सदस्यों ने अपने विचार रखे।
बैठक की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष मुक्तेश्वर श्रीवास्तव ने की। संचालन कार्यकारी अध्यक्ष अम्बिका दूबे और जिला मंत्री जनार्दन सिंह ने संयुक्त रूप से किया। अंत में जिलाध्यक्ष ने सभी उपस्थित सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त किया।


























