UP News: उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले मंत्री डॉ. संजय निषाद ने गोरखपुर में अपनी पार्टी की ताकत दिखाई है। निषाद पार्टी (निर्बल शोषण इंडिया हमारा आम दल) ने रविवार को महाराजा गुह्यराज निषाद की जयंती और पार्टी के स्थापना दिवस के अवसर पर विशाल बाइक रैली निकालकर सत्तारूढ़ गठबंधन में अपनी अहम भूमिका दोहराई। इस दौरान संजय निषाद ने एक बड़ा बयान देते हुए कहा कि “मोदी-योगी सीट देते हैं और हम जीत देते हैं।”
बाइक रैली के साथ शुरू हुआ दमखम
गोरखपुर के रामगढ़ताल स्थित दिग्विजयनाथ पार्क में आयोजित गोरक्ष प्रांत के प्रांतीय अधिवेशन में पार्टी ने भारी भीड़ देखी। कार्यक्रम से पहले पादरी बाजार स्थित राष्ट्रीय कार्यालय से हजारों कार्यकर्ताओं के साथ विशाल बाइक रैली निकाली गई। निषाद समाज के अनुसूचित जाति (SC) में आरक्षण की मांग को लेकर निकली इस रैली ने सरकार के साथ-साथ विपक्ष को भी अपनी संख्या का अहसास कराया।
‘हमारा हक हमें दिलाओ’
मंच पर आकर संजय निषाद ने ‘निषाद समाज के लोगों का हक दिलाने का समय आ गया’ का नारा दिया। उन्होंने कहा, “यह रैली नहीं, रैला है। हमारा समाज 2013 से आंदोलन कर रहा है और अब अपने हक, हिस्से और अधिकार के लिए सड़क पर आ गया है।” उन्होंने सरकार से चार प्रमुख मांगें रखीं:
यह भी पढ़ें : बॉक्स ऑफिस पर दो हीरो: धुरंधर 2 ने बनाए रिकॉर्ड, तो आदु 3 ने चुपके से मारी बाजी
- समुदाय का तालघाट वापस दिया जाए।
- मछुआ समाज के लिए आरक्षण का मुद्दा हल किया जाए।
- शिक्षा का अधिकार सुनिश्चित किया जाए।
- निषाद समुदाय को पिछड़ी जाति (OBC) से हटाकर अनुसूचित जाति (SC) में शामिल किया जाए।
सपा-बसपा पर जोरदार हमला
संजय निषाद ने अपने भाषण में सपा और बसपा को जमकर निशाने पर लिया। उन्होंने आरोप लगाया, “सपा-बसपा के लोग 30 साल से हमारे बच्चों का हिस्सा खा रहे हैं। बसपा ने इनकी रोजी-रोटी छीनी और सपा ने शिक्षा। बड़ी जातियां नहीं, बल्कि इन राजनीतिक दलों ने हमारा शोषण किया है।” उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि जिन्होंने समाज का हक मारा है, उन्हें गांव से भगाना होगा और सत्ता से हटाना होगा।
यह भी पढ़ें : दिल्ली: जनकपुरी में चेकिंग से बचने के लिए ड्राइवर ने पुलिसकर्मी को कार से घसीटा
भाजपा को भी दी चेतावनी
भाजपा के मित्र दल के नेता होने के बावजूद संजय निषाद ने सत्ता पक्ष को भी संदेश दिया। उन्होंने कहा, “ऊंची जातियों को 10 प्रतिशत और महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण दिया गया। अब भाजपा को निषादों का हिस्सा भी देना होगा।” उन्होंने तर्क दिया कि 14 राज्यों में निषाद अनुसूचित जाति में हैं। दिल्ली में रामचरित्र निषाद को SC से लड़ाया जा सकता है, तो यूपी में भी निषाद जाति को SC आरक्षण मिलना चाहिए और उन्हें एमपी-विधायक बनाया जाना चाहिए।




















