फ्लोरिडा का अनोखा रेस्टोरेंट: मुफ्त में पिज्जा खाना है तो लाओ बर्मी अजगर!

फ्लोरिडा स्थित इस अनोखे रेस्टोरेंट के मालिक डस्टिन क्रम ने एक ऐसी स्कीम शुरू की है, जिसने इंटरनेट पर तहलका मचा दिया है। उनके अनुसार, अगर कोई व्यक्ति एक बर्मी अजगर (Burmese Python) लेकर उनके रेस्टोरेंट में आता है, तो वह उसे एक बड़े स्पेशल पिज्जे के बदले में स्वीकार करेंगे।

अजगर लाओ, पिज्जा ले जाओ! रेस्टोरेंट की अनोखी डील वायरल (फाइल फोटो)

HIGHLIGHTS

  • अजगर बनी करेंसी! फ्लोरिडा में सांप से मिलेगा पिज्जा
  • अजगर लाओ और फ्री में गरमा-गरम पिज्जा पाओ!
  • सांप पकड़ो और पिज्जा खाओ, फ्लोरिडा का अनोखा ऑफर
  • इस रेस्टोरेंट में पैसे नहीं, अजगर देकर खाओ पिज्जा

Check out Florida’s unique restaurant:क्या आपने कभी किसी रेस्टोरेंट में करेंसी के तौर पर सांप का इस्तेमाल होते हुए देखा है? सुनने में यह बिल्कुल पौराणिक कहानी या किसी प्रैंक जैसा लगता है, लेकिन अमेरिका के फ्लोरिडा राज्य में यह हकीकत बन चुका है। यहां का एक पिज्जा हब इन दिनों अपनी एक ऐसी वायरल स्कीम के चलते चर्चा का केंद्र बना हुआ है, जहां ग्राहकों को ‘पिज्जा के बदले अजगर’ का ऑफर दिया जा रहा है। हालांकि, इस मजेदार ऑफर के पीछे एक गंभीर पर्यावरणीय संकट छिपा है।

सांपों को करेंसी की तरह इस्तेमाल करने वाला आइडिया

फ्लोरिडा स्थित इस अनोखे रेस्टोरेंट के मालिक डस्टिन क्रम ने एक ऐसी स्कीम शुरू की है, जिसने इंटरनेट पर तहलका मचा दिया है। उनके अनुसार, अगर कोई व्यक्ति एक बर्मी अजगर (Burmese Python) लेकर उनके रेस्टोरेंट में आता है, तो वह उसे एक बड़े स्पेशल पिज्जे के बदले में स्वीकार करेंगे।

हालांकि, इस डील को अंजाम देने के लिए कुछ सख्त नियम भी बनाए गए हैं। आप किसी भी सांप को लेकर नहीं जा सकते। सबसे पहला नियम यह है कि अजगर जिंदा नहीं, बल्कि मृत होना चाहिए। दूसरा, सांप की मौत हाल ही में हुई होनी चाहिए और सबसे अहम बात—उसे मानवीय तरीके से (humanely) मारा गया होना चाहिए। इन शर्तों को पूरा करने पर ही आपको गरमा-गरम पिज्जा दिया जाएगा।

फ्लोरिडा की बढ़ती परेशानी: बर्मी अजगर

आप सोच रहे होंगे कि आखिर किसी रेस्टोरेंट को सांपों से क्या लेना-देना? दरअसल, फ्लोरिडा के एवरग्लेड्स (Everglades) क्षेत्र में बर्मी अजगरों की बढ़ती आबादी एक भयानक आपदा बन चुकी है। वन्यजीव विशेषज्ञों के मुताबिक, ये विशालकाय सांप 1970 के दशक में दक्षिण-पूर्व एशिया से यहां लाए गए थे, जो बाद में जंगलों में छूट गए या छोड़ दिए गए।

आज स्थिति यह है कि इनकी संख्या लाखों में पहुंच चुकी है। 20 फीट से भी लंबे ये अजगर एक बार में दर्जनों अंडे देते हैं और हिरण, खरगोश तथा पक्षियों का निर्मम शिकार करते हैं। इससे फ्लोरिडा का पारिस्थितिकी तंत्र (Ecosystem) पूरी तरह से बिगड़ चुका है।

पाइथन चैलेंज से प्रेरित हुआ यह ऑफर

डस्टिन क्रम सिर्फ एक रेस्टोरेंटर नहीं, बल्कि एक माहिर अजगर पकड़ने वाले (Python Hunter) भी हैं। उन्होंने बताया कि फ्लोरिडा सरकार द्वारा हर साल आयोजित किए जाने वाले ‘फ्लोरिडा पाइथन चैलेंज’ से उन्हें यह आइडिया मिला। इस प्रतियोगिता में लोगों को ज्यादा से ज्यादा अजगर पकड़ने पर हजारों डॉलर का इनाम दिया जाता है।

डस्टिन ने देखा कि कई स्थानीय युवा अजगर पकड़ने में सफल तो हो जाते हैं, लेकिन उसके बाद उस कीचड़ भरी जंगली जीव को लेकर असमंजस में रहते हैं। उनके पास न तो इसे रखने की जगह होती है और न ही इसका निपटार करने का कोई तरीका। इसी समस्या का हल निकालते हुए डस्टिन ने अजगर को एक तरह की ‘करेंसी’ घोषित कर दिया।

अजगर का कोई भी हिस्सा बर्बाद नहीं होता

यहां यह जानना बेहद दिलचस्प है कि डस्टिन इन मृत अजगरों का क्या करते हैं। वह किसी भी तरह से प्रकृति का शोषण नहीं करना चाहते, इसलिए अजगर के हर हिस्से का 100% इस्तेमाल किया जाता है। अजगर की चर्बी से नेचुरल स्किनकेयर प्रोडक्ट्स जैसे ऐरोमैटिक तेल, क्रीम और साबुन बनाए जाते हैं।

इनकी हड्डियों से यूनिक ज्वेलरी और आभूषण तैयार किए जाते हैं। सबसे हैरान करने वाला तथ्य यह है कि डस्टिन अजगर के मांस का इस्तेमाल पिज्जा की टॉपिंग के रूप में भी करते हैं।

अजगर वाला पिज्जा बाजार में क्यों नहीं बिकता?

अगर डस्टिन अजगर का मांस पिज्जा में इस्तेमाल करते हैं, तो वह इसे ग्राहकों को क्यों नहीं बेचते? इसके पीछे अमेरिका के सख्त खाद्य सुरक्षा नियम (FDA rules) हैं। किसी भी जानवर का मांस व्यावसायिक रूप से बेचने के लिए लाइसेंस प्राप्त कसाईखानों (Licensed slaughterhouses) में कत्ल और प्रोसेसिंग की कड़ी जांच से गुजरना जरूरी होता है।

जंगल में मारे गए अजगर का मांस इस प्रक्रिया से नहीं गुजरता, इसलिए इसे कानूनन बेचा नहीं जा सकता। हालांकि, डस्टिन इसे खुद खाते हैं और मुफ्त में दोस्तों को खिलाते हैं। उनका कहना है कि इसका स्वाद बिल्कुल अलग होता है और खाने में काफी अच्छा लगता है। (बता दें कि उनके रेस्टोरेंट में ‘इगुआना’ यानी विशाल छिपकली के मांस वाला पिज्जा पहले से ही काफी पॉपुलर है)।

गुरिल्ला मार्केटिंग या पर्यावरण सेवा?

डस्टिन क्रम का यह अनोखा ऑफर दुनिया भर में सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल रहा है। कुछ लोग इसे एक शानदार ‘गुरिल्ला मार्केटिंग’ (Guerrilla Marketing) स्ट्रैटेजी मान रहे हैं, जबकि पर्यावरणविद् इसे इनवेसिव स्पीशीज (आक्रामक प्रजातियों) से निपटने का एक अभिनव तरीका बता रहे हैं।

अंततः, चाहे इसके पीछे मकसद मार्केटिंग हो या सच्ची पर्यावरण सेवा, इस छोटे से रेस्टोरेंट की पहल फ्लोरिडा सरकार की मुहिम को एक नई दिशा दे रही है। एक तरफ जहां लोगों को मुफ्त में स्वादिष्ट पिज्जा मिल रहा है, वहीं दूसरी तरफ फ्लोरिडा के जंगलों से खतरनाक अजगरों को बाहर निकालने में बड़ी मदद मिल रही है। यही वजह है कि यह ‘सांप-पिज्जा डील’ आज दुनिया भर में सुर्खियों में बना हुआ है।

Sandhya Samay News

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