दिल्ली: ‘एमके टॉक’ में राम गोपाल यादव के दावों से सियासत में भूचाल

MK Talk: पॉडकास्ट के दौरान चुनावों की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए राम गोपाल यादव ने तर्क दिया कि अगर आधुनिक तकनीक के जरिए बैंकों से पैसे निकाले (हैक) जा सकते हैं, तो उसी तकनीक का इस्तेमाल कर वोटों में भी हेरफेर किया जा सकता है।

राम गोपाल ने 'एमके टॉक' में खोली 15 करोड़ रुपये में 'क्रॉस-वोटिंग' की पोल

HIGHLIGHTS

  • 'एमके टॉक' में राम गोपाल यादव के सनसनीखेज दावे
  • EVM में हेरफेर से लेकर 9 SP विधायकों की बिक्री तक का खुलासा
  • राम गोपाल ने 'पहले से सेटिंग' का बड़ा दावा किया
  • राम गोपाल यादव का चुनावी तंत्र पर हमला
  • राम गोपाल यादव ने उगला चुनावी साजिशों का जहर

Delhi News: समाजवादी पार्टी (सपा) के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सदस्य राम गोपाल यादव ने मोहसिन खान द्वारा होस्ट किए जाने वाले पॉडकास्ट ‘एमके टॉक’ (MK Talk) में चुनावी प्रक्रिया, ईवीएम में कथित हेरफेर और राजनीतिक साजिशों को लेकर कई बड़े और चौंकाने वाले दावे किए हैं।

पॉडकास्ट के दौरान चुनावों की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए राम गोपाल यादव ने तर्क दिया कि अगर आधुनिक तकनीक के जरिए बैंकों से पैसे निकाले (हैक) जा सकते हैं, तो उसी तकनीक का इस्तेमाल कर वोटों में भी हेरफेर किया जा सकता है। उन्होंने दावा किया कि किसी भी चुनाव परिणाम को प्रभावित करने के लिए 40,000 वोटों तक को ‘हैक’ किया जा सकता है।

ममता बनर्जी को लेकर किया बड़ा दावा

एमके टॉक में राम गोपाल यादव ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को लेकर भी एक चौंकाने वाला बया दिया। उन्होंने कहा कि भवानीपुर निर्वाचन क्षेत्र से ममता बनर्जी को हार का सामना करना पड़ सकता था, क्योंकि उस चुनाव में “पहले से की गई सेटिंग” काम कर रही थी। हालांकि, उन्होंने इस सेटिंग को लेकर विस्तार से कोई जानकारी नहीं दी।

यूपी चुनाव और मायावती का ‘फर्जी पत्र’

पिछले राजनीतिक गठबंधनों और उत्तर प्रदेश के चुनावों का जिक्र करते हुए सपा नेता ने एक बड़ी साजिश का दावा किया। उन्होंने आरोप लगाया कि यूपी चुनाव के दौरान मतदान से ठीक पहले बसपा सुप्रीमो मायावती के हस्ताक्षर वाला एक पत्र सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों के जरिए प्रसारित किया गया था। उन्होंने कहा कि इस पत्र में कुख्यात ‘गेस्ट हाउस कांड’ का हवाला देकर बदले की भावना को भड़काया गया था, ताकि सपा-बसपा गठबंधन के बीच दरार पैदा हो सके।

अपनी ही पार्टी में क्रॉस-वोटिंग का खुलासा

सबसे ज्यादा सनसनी उस वक्त फैली, जब राम गोपाल यादव ने अपनी ही पार्टी के भीतर हुई कथित क्रॉस-वोटिंग का खुलासा किया। ‘एमके टॉक’ में उन्होंने स्पष्ट तौर पर दावा किया कि समाजवादी पार्टी के 9 विधायकों ने 15 करोड़ रुपये के वित्तीय प्रलोभन और आवासीय सुविधाओं (हाउसिंग लाभ) के बदले पार्टी लाइन का पालन नहीं किया और क्रॉस-वोटिंग की।

राजनीतिक गलियारों में हलचल

‘एमके टॉक’ में राम गोपाल यादव के इन एक के बाद एक खुलासों ने राजनीतिक हलचल तेज कर दी है। हालांकि, यादव ने अपने इन विस्फोटक दावों के समर्थन में अब तक कोई ठोस या आधिकारिक सबूत पेश नहीं किया है।  चुनावी लोकतंत्र और ईवीएम की विश्वसनीयता को लेकर पहले से ही बहस चल रही है, ऐसे में एक वरिष्ठ और सत्तापक्ष के करीबी माने जाने वाले नेता के इन बयानों ने एक नई बहस छेड़ दी है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में विपक्षी दलों और चुनाव आयोग की ओर से इन दावों पर कड़ी प्रतिक्रिया आ सकती है।

Rishi Tiwari

ऋषी तिवारी (Rishi Tiwari) वर्ष 2011 में मुंबई से पत्रकारिता की दुनिया में कदम रखा और मुंबई से प्रकाशित मुंबई मित्र जैसे समाचारपत्रों में अपनी सक्रिय भूमिका निभाई। इसके बाद दिल्ली एनसीआर में एपीएनएस न्यूज ऐजेंसी लंबे समय तक सेवाएं देने के पश्चात सेवानिवृत्त हुए। वर्ष 2018 में इन्होंने संध्या समय न्यूज के साथ अपनी नई पत्रकारिता पारी की शुरुआत की। पिछले कई वर्षो से से जुड़े रहकर निष्पक्ष, प्रभावी और जनसरोकारों पर आधारित पत्रकारिता को मजबूती से आगे बढ़ा रहे हैं।

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