ऋषी तिवारी
नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस ने साइबर ठगी के एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस मामले में झारखंड और पश्चिम बंगाल से चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने उनके कब्जे से 10 मोबाइल फोन, 13 सिम कार्ड और ठगी में इस्तेमाल किए गए डिजिटल उपकरण बरामद किए हैं। जांच के अनुसार, यह गिरोह लंबे समय से देश के विभिन्न राज्यों में लोगों को निशाना बना रहा था।
बैंक खाता बंद करने का डर दिखाकर करते थे ठगी
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, ये आरोपी खुद को बैंक अधिकारी बताकर फोन कॉल और व्हाट्सएप संदेश के माध्यम से लोगों से संपर्क करते थे। वे बैंक खातों को बंद करने का डर दिखाकर लोगों को फंसाते थे। शिकायतकर्ता महिलाओं और पुरुषों से कहा जाता था कि यदि उन्होंने तुरंत केवाईसी अपडेट नहीं किया, तो उनका बैंक खाता बंद कर दिया जाएगा। इसके बाद आरोपी एक खतरनाक लिंक भेजते थे, जिस पर क्लिक करने पर मोबाइल में खतरनाक एपीके फाइल इंस्टॉल हो जाती थी। इस फाइल के जरिए वे पीड़ित के मोबाइल फोन और बैंकिंग ऐप्स का नियंत्रण हासिल कर लेते थे।
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महिला की शिकायत के आधार पर हुआ खुलासा
यह मामला नई दिल्ली के सागरपुर क्षेत्र की एक महिला की शिकायत के बाद उजागर हुआ। पीड़िता ने बताया कि दिसंबर 2025 में एक व्यक्ति ने खुद को बैंक अधिकारी बताकर कॉल किया और केवाईसी अपडेट के लिए लिंक भेजा। कुछ दिनों बाद उसके मोबाइल पर मैसेज आया कि उसके क्रेडिट कार्ड पर 8.33 लाख रुपये का लोन लिया गया है, जबकि उसने न तो ऐसा कोई लेन-देन किया था और न ही कोई लोन लिया था।मामले की जांच में पता चला कि यह गिरोह झारखंड के धनबाद और पश्चिम बंगाल के हुगली से संचालित हो रहा था। पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस के जरिए आरोपियों की लोकेशन ट्रेस की और धनबाद के निरसा इलाके में छापा मारकर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। चौथे आरोपी को हुगली से पकड़ लिया गया है।
आरोपियों ने किए खुलासे
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने बताया कि गिरोह का एक सदस्य फर्जी एपीके फाइल तैयार करता था और म्यूल बैंक खातों की व्यवस्था करता था। जबकि बाकी सदस्य फोन कॉल कर पीड़ितों को जाल में फंसाते थे। ठगी की रकम एटीएम और पीओएस मशीनों के जरिए निकाली जाती थी।
दिल्ली पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी अनजान कॉल, लिंक या ऐप पर विश्वास न करें। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि बैंक कभी भी फोन कॉल या लिंक भेजकर केवाईसी अपडेट नहीं करवाते हैं। जनता से सतर्कता बरतने की अपील की गई है ताकि इस तरह की ठगी से बचा जा सके।

























