Delhi News: दिल्ली में आने वाले गर्मी और मानसून के मौसम से पैदा होने वाली संभावित चुनौतियों से निपटने के लिए उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बुधवार को यमुना तट पर स्थित वासुदेव घाट और यमुना बाजार घाट का व्यापक निरीक्षण किया। इस दौरान दोनों नेताओं ने सरकारी मशीनरी द्वारा की गई ग्रीष्मकालीन और मानसून संबंधी तैयारियों का जायजा लिया और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
जल संकट और जलभराव को लेकर एलजी ने जताई चिंता
निरीक्षण के दौरान उपराज्यपाल संधू ने यमुना और आसपास के इलाकों में आने वाली परेशानियों को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि जल्द ही गर्मी का मौसम आने वाला है, जिससे पानी के संकट को लेकर चुनौतियां सामने आएंगी। इसके अलावा मानसून के दौरान स्वच्छता और जलभराव (Waterlogging) जैसी समस्याएं और बढ़ जाती हैं। उन्होंने इन सभी चुनौतियों से निपटने के लिए पहले से ही एक ‘समग्र रणनीति’ बनाने पर जोर दिया। उपराज्यपाल ने अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि आप सभी उन चुनौतियों से अवगत हैं जिनका सामना दिल्ली करती है। यह संपूर्ण प्रशासन के समग्र दृष्टिकोण का एक उदाहरण है।”
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यमुना सफाई में नहीं होगी कोई लापरवाही
संधू ने स्पष्ट किया कि इस बार यमुना और तटीय क्षेत्रों की सफाई तथा व्यवस्था को लेकर कोई भी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने यह भी खुलासा किया कि इस मुद्दे पर उनकी मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के साथ विस्तार से चर्चा हो चुकी है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में मुख्यमंत्री और मैंने इस बार पर चर्चा की है कि संपूर्ण मंत्रिमंडल और हमारा पूरा प्रशासन इसमें शामिल होगा।
अभूतपूर्व अभियान बनकर तैयारियां
शासन सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इस बार दिल्ली में मानसून और गर्मी की तैयारियों को एक ‘अभूतपूर्व अभियान’ के रूप में तब्दील किया जाएगा। इस पूरी प्रक्रिया पर उपराज्यपाल, मुख्यमंत्री के साथ-साथ पूरे मंत्रिमंडल की सीधी निगरानी रहेगी, ताकि दिल्लीवासियों को किसी भी तरह की परेशानी से बचाया जा सके। यह संयुक्त निरीक्षण इस बात का संकेत देता है कि आने वाले दिनों में दिल्ली प्रशासन यमुना की सफाई और जल निकासी व्यवस्था को लेकर कड़ाई से परिचालन करेगा।


















