दिल्ली की सियासत में भूचाल, सत्येंद्र जैन की एसीबी गिरफ्तारी

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इस गिरफ्तारी को लेकर केंद्र सरकार पर सीधा निशाना साधा है। उन्होंने एक बड़ा दावा करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का नाम लिया है, जिससे इस मामले की राजनीतिंग और गरमा गई है।

सत्येंद्र जैन की गिरफ्तारी से दिल्ली में फिर सियासी घमासान

HIGHLIGHTS

  • अमित शाह के फोन से गिरफ्तारी? केजरीवाल दावे से भूचाल
  • सत्येंद्र जैन फिर गिरफ्तार, केजरीवाल ने अमित शाह को घेरा
  • STP टेंडर केस में जैन गिरफ्तार, पंजाब चुनाव का कनेक्शन?
  • ACB कार्रवाई पर सवाल, अमित शाह पर केजरीवाल का सीधा हमला

दिल्ली की राजनीतिक पारा एक बार फिर सातवें आसमान पर पहुंच गया है। आप पार्टी (AAP) के कद्दावर नेता और दिल्ली सरकार के पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन की गिरफ्तारी ने राजधानी में सियासी घमासान खड़ा कर दिया है। एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) द्वारा उन्हें सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) के टेंडर मामले में गिरफ्तार किए जाने के बाद, ‘आप’ और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है।

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इस गिरफ्तारी को लेकर केंद्र सरकार पर सीधा निशाना साधा है। उन्होंने एक बड़ा दावा करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का नाम लिया है, जिससे इस मामले की राजनीतिंग और गरमा गई है।

एसटीपी टेंडर मामला: क्या है पूरा विवाद?

दिल्ली जल बोर्ड (DJCB) के अंतर्गत आने वाले सीवरेज वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट्स (एसटीपी) को अपग्रेड करने के लिए निकाले गए टेंडर में भारी अनियमितताओं का मामला सामने आया है। एसीबी की जांच में इस टेंडर प्रक्रिया में कथित तौर पर हेराफेरी और रिश्वतखोरी के गंभीर आरोप सामने आए हैं।

इसी सिलसिले में एजेंसी ने छापेमारी करते हुए सत्येंद्र जैन सहित कुल 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। हालांकि, आप पार्टी ने इन आरोपों को बुनियादी और तथ्यहीन बताते हुए इसे केंद्र की साजिश करार दिया है।

अमित शाह के फोन पर हुई गिरफ्तारी

अरविंद केजरीवाल ने इस मामले को ‘फर्जी’ करार देते हुए एक सनसनीखेज दावा किया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट शेयर करते हुए एसीबी के एक अभिहित अधिकारी के हवाले से जानकारी दी।

केजरीवाल ने लिखा है कि एसीबी के एक अधिकारी ने बताया कि दिन की शुरुआत में सत्येंद्र जैन को गिरफ्तार करने की कोई योजना या तैयारी ही नहीं थी। लेकिन दोपहर के समय गृह मंत्री अमित शाह जी का सीधा फोन आया और उन्होंने गिरफ्तारी करने का आदेश दिया, जिसके बाद यह कार्रवाई अमल में लाई गई।

उन्होंने आगे कहा कि यह बात साफ हो गई है कि अब किसी की गिरफ्तारी उसके अपराध के आधार पर नहीं, बल्कि सत्ता में बैठे लोगों की मर्जी के आधार पर हो रही है। केजरीवाल ने सीधे तौर पर अमित शाह से सवाल पूछते हुए लिखा कि अमित शाह जी को बताना चाहिए कि उन्होंने जांच एजेंसी पर अवैध दबाव बनाकर सत्येंद्र जैन को क्यों जेल भिजवाया?

केजरीवाल ने दी सफाई

केजरीवाल ने यह भी आभास कराया कि भाजपा ने सत्येंद्र जैन को निशाना बनाने के लिए पुराना रणनीतिक नक्शा खींचा है। उन्होंने कहा कि जिस तरह से पहले जैन के खिलाफ मनगढ़ंत मनी लॉन्ड्रिंग का केस बनाया गया था, उसी तरह यह एसटीपी टेंडर का मामला भी पूरी तरह से झूठा है। केजरीवाल ने भरोसा जताया कि जैसे पिछला केस अदालत में धराशायी हुआ, वैसे ही यह मामला भी आखिरकार फेक साबित होगा।

सत्येंद्र जैन ने क्या कहा?

इस पूरे घमासान के बीच जब सत्येंद्र जैन को राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश किया गया, तो उनके चेहरे पर किसी तरह की उत्साहहीनता या घबराहट नजर नहीं आई। बल्कि, वे मुस्कुराते हुए कोर्ट परिसर में पहुंचे।

मीडिया द्वारा पूछे जाने पर उन्होंने अपनी पहली प्रतिक्रिया देते हुए साफ शब्दों में कहा कि यह सब पंजाब चुनाव की वजह से किया जा रहा है। उन्होंने इस पूरे मामले को एक पूरी तरह से राजनीतिक केस बताकर खारिज कर दिया। एसीबी ने जैन समेत सभी आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजने की मांग की है, जिस पर कोर्ट ने फैसला सुनाया।

क्या है इस राजनीतिक ड्रामे का असल मतलब?

सत्येंद्र जैन आप पार्टी के लिए सिर्फ एक विधायक नहीं, बल्कि पार्टी संगठन और रणनीति के सबसे करीबी नेताओं में से एक रहे हैं। पहले एनफोर्समेंट डायरेक्टोरेट (ED) द्वारा मनी लॉन्ड्रिंग केस में लगभढ़ाई साल की जेल काटने के बाद जैसे-तैसे वे बाहर आए थे। उसी दौरान उन्हें जमानत न मिलने के कारण मंत्री पद से इस्तीफा भी देना पड़ा था।

अब एक बार फिर से उनकी गिरफ्तारी ने ‘आप पार्टी’ को मानसिक रूप से एक बार फिर घेरने की कोशिश की है। वहीं, अरविंद केजरीवाल द्वारा सीधे अमित शाह पर ‘फोन करके गिरफ्तारी करवाने’ का आरोप लगाना, रक्षा की एक ऐसी रणनीति है जिससे मामले को भ्रष्टाचार से उठाकर संस्थाओं के दुरुपयोग और केंद्रीय जुल्म के मुद्दे पर लाया जा सके।

दिल्ली में सत्ता की लड़ाई हमेशा से ही केंद्र और राज्य सरकार के बीच तल्ख रही है। सत्येंद्र जैन की इस नई गिरफ्तारी और केजरीवाल के बयान ने इस लड़ाई को एक नए चरण में प्रवेश करवा दिया है। अब देखना यह होगा कि क्या एसीबी अदालत में अपने आरोपों को ठोस सबूतों के साथ साबित कर पाती है, या फिर ‘आप’ का ‘राजनीतिक साजिश’ वाला नैरेटिव जनता के बीच भारी पड़ता है।

Rishi Tiwari

ऋषि तिवारी (Rishi Tiwari) ने वर्ष 2011 में मुंबई से पत्रकारिता की दुनिया में कदम रखा और मुंबई से प्रकाशित मुंबई मित्र जैसे समाचारपत्रों में सक्रिय भूमिका निभाई। इसके बाद दिल्ली और एनसीआर में एपीएनएस न्यूज एजेंसी में लंबे समय तक सेवाएं देने के बाद यहां से रुख कर लिया। वर्ष 2018 में इन्होंने संध्या समय न्यूज के साथ नई पारी की शुरुआत की। पिछले कई वर्षों से निष्पक्ष, प्रभावी और जनसरोकारों पर आधारित पत्रकारिता को मजबूती से आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं।

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