Delhi News: दिल्ली में गर्मियों के दौरान जल संकट से निपटने और यमुना नदी को स्वच्छ करने के महाअभियान का ब्लूप्रिंट सामने आ गया है। जल मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने सोमवार को दिल्ली जल बोर्ड (DJB) ऑडिटोरियम में ‘समर एक्शन प्लान 2026–27’ का शुभारंभ किया। इस योजना का उद्देश्य दिल्ली की जल व्यवस्था को पारदर्शी, भविष्योन्मुखी और जनमुखी बनाना है।
इस अवसर पर मंत्री ने नागरिकों को सीधे सिस्टम से जोड़ने के लिए ‘चैटबॉट’, ‘एडवांस सीआरएम सिस्टम’ और ‘दिल्ली जल बोर्ड 1916 मोबाइल ऐप’ जैसे अत्याधुनिक डिजिटल प्लेटफॉर्म भी लॉन्च किए।
यमुना केवल नदी नहीं, दिल्ली की आत्मा है
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जल मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने कहा कि मुझे मां यमुना की सेवा करने का अवसर मिला है। यह केवल एक पद की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि व्यक्तिगत कर्तव्य है। जब हम यमुना की बात करते हैं, तो यह दिल्ली की आत्मा की बात होती है।
अगर यमुना साफ होगी तो दिल्ली का जीवन बेहतर होगा।” उन्होंने सीवर प्रबंधन को लेकर कड़ा संदेश देते हुए कहा कि बिना ट्रीटमेंट का पानी यमुना में जाना तकनीकी समस्या नहीं, बल्कि जिम्मेदारी में कमी है और इसे रोकना आने वाली पीढ़ियों के लिए हमारी जिम्मेदारी है।
समर एक्शन प्लान की प्रमुख बातें और नई सुविधाएं:
- 1002 एमजीडी जल उत्पादन का लक्ष्य: इस गर्मी में दिल्ली में लगभग 1002 मिलियन गैलन प्रतिदिन (MGD) पानी के उत्पादन और आपूर्ति को बनाए रखने का लक्ष्य रखा गया है। सभी वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट (WTP) पूरी क्षमता से काम कर रहे हैं।
- पुरानी मशीनरी का अपग्रेडेशन: पानी की सप्लाई को स्थिर बनाने के लिए पुराने पंपों और मशीनों को अपग्रेड किया जा रहा है। पानी की कमी वाले इलाकों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
ट्यूबवेल नेटवर्क का विस्तार: स्थानीय स्तर पर पानी की उपलब्धता बढ़ाने के लिए बड़ी संख्या में नए ट्यूबवेल जोड़े जा रहे हैं। - जलाशयों की सफाई और लीकेज कंट्रोल: जल वितरण प्रणाली को मजबूत करने के लिए जलाशयों (अंडरग्राउंड टैंकों) की सफाई, मेंटेनेंस और पाइपलाइन में लीकेज को रोकने पर सख्ती से ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
GPS और रियल-टाइम मॉनिटरिंग से ‘टैंकर माफिया’ पर लगाम
पानी की टैंकर व्यवस्था को लेकर इस बार बड़ा बदलाव किया गया है। मंत्री ने साफ कहा कि टैंकर कोई स्थायी समाधान नहीं है, लेकिन जब तक जरूरत है, इसे पूरी तरह पारदर्शी बनाया जाएगा।
अब हर टैंकर में जीपीएस (GPS) ट्रैकिंग और रियल-टाइम मॉनिटरिंग सिस्टम लगाया जाएगा। डिजिटल रूट सिस्टम के जरिए यह पक्का किया जाएगा कि पानी सही जगह पहुंच रहा है।
तकनीक से होगी हर शिकायत की ट्रैकिंग
डिजिटल क्रांति को लेकर मंत्री ने कहा कि अब नागरिक केवल उपभोक्ता नहीं, बल्कि इस व्यवस्था के भागीदार बनेंगे। ‘DJB 1916 ऐप’ और एडवांस सीआरएम सिस्टम के जरिए नागरिक अपने मोबाइल से देख सकेंगे कि उनकी शिकायत कहां तक पहुंची और कब तक उसका समाधान होगा। हर अधिकारी की जवाबदेही तय होगी।
यह भी पढ़ें : दिल्ली में भ्रष्टाचार का भंडाफोड़, शाहदरा उत्तरी जोन के डीसी गिरफ्तार
50 साल का विजन और अनधिकृत कॉलोनियों पर फोकस
भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए सरकार ने 50 साल के विजन प्लान पर काम शुरू कर दिया है, जिसमें हर कॉलोनी में ट्रीटमेंट सिस्टम विकसित करने और पानी के बेहतर उपयोग पर जोर दिया गया है। साथ ही, अनधिकृत कॉलोनियों में पाइपलाइन पहुंचाने का काम तेजी से चल रहा है, ताकि हर नागरिक को बराबरी का हक मिले।
“बहाने नहीं, समाधान देने आए हैं”
अंत में मंत्री ने दिल्ली जल बोर्ड को मिली विरासत में आई कमियों (पुरानी पाइपलाइन और पुरानी तकनीक) को स्वीकारते हुए कहा, “हम बहाने बनाने नहीं आए हैं, हम समाधान देने आए हैं।
संसाधन सीमित हो सकते हैं, लेकिन हमारी नीयत और मेहनत सीमित नहीं होनी चाहिए।” उन्होंने अधिकारियों से ईमानदारी, जिम्मेदारी और समर्पण से काम करने का आह्वान किया।




















