संध्या समय न्यूज
Devendra Fadnavis:महाराष्ट्र की राहुरी विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव को लेकर राजनीतिक गलियारों में तेज अटकलें लग रही हैं। चुनाव आयोग द्वारा तारीखों का ऐलान होते ही मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के एक बयान ने सियासी सर्किल में हड़कंप मचा दिया है। सीनियर भाजपा नेता शिवाजीराव कर्डिले की मौत के बाद खाली हुई इस सीट पर चुनाव को लेकर सीएम के “अगर चुनाव होते हैं” वाले बयान ने कयामत मचा दी है, जिससे यह अटकल और पक्की हो गई है कि क्या यह चुनाव निर्विरोध होने जा रहा है?
क्या है सीएम फडणवीस का बयान?
मामला तब गरमाया जब मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस राहुरी विधानसभा क्षेत्र के महात्मा फुले कृषि विद्यापीठ में दीक्षांत समारोह में शामिल होने पहुंचे। कार्यक्रम के बाद मीडिया से बातचीत के दौरान जब उनसे राहुरी उपचुनाव के बारे में सवाल पूछा गया, तो उनका जवाब काफी हैरान करने वाला रहा। उन्होंने कहा, “अगर चुनाव होते हैं, तो हम लड़ने के लिए तैयार हैं।”
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चूंकि चुनाव आयोग ने पांच राज्यों में उपचुनावों का शेड्यूल पहले ही घोषित कर दिया है, ऐसे में सीएम का यह शर्तिया बयान सियासी पंडितों के लिए कयामत बनकर सामने आया। इससे अचानक इस बात को लेकर कन्फ्यूजन पैदा हो गया कि आखिर सीएम का मतलब इससे क्या है?
निर्विरोध चुनाव की संभावना?
बता दें कि महाराष्ट्र में बारामती और राहुरी दोनों ही सीटों पर उपचुनाव हो रहे हैं। बारामती सीट उपमुख्यमंत्री अजीत पवार (दिवंगत, जैसा कि समाचार में उल्लेख है) की मौत के कारण, जबकि राहुरी सीट 17 अक्टूबर, 2025 को वरिष्ठ नेता शिवाजीराव कर्डिले की मृत्यु के कारण खाली हुई थी। राहुरी के सियासी माहौल में एक चर्चा तेजी से हवा ले रही है कि भाजपा (BJP) इस चुनाव को निर्विरोध कराने की रणनीति पर काम कर रही है। विशेषकर तब से जब से बारामती उपचुनाव को बिना मुकाबले कराए जाने की खबरें सामने आ रही हैं। सीएम का यह बयान इसी दिशा में एक संकेत माना जा रहा है।
निवडणूक बिनविरोध व्हावी अशी आमची इच्छा आहे…
हम चाहते हैं कि चुनाव निर्विरोध हो…(अहिल्यानगर | 15-3-2026)#Maharashtra #Ahilyanagar pic.twitter.com/p4OE7ZXIOi
— Devendra Fadnavis (@Dev_Fadnavis) March 15, 2026
प्राजक्त तनपुरे और अक्षय कर्डिले के नाम पर चर्चा
इस बीच, उम्मीदवारों को लेकर भी सियासी मंशा साफ नहीं है। मौजूदा समय में दो प्रमुख नाम चर्चा में हैं। पहला नाम पूर्व मंत्री प्राजक्त तनपुरे का है। खबर है कि वे भाजपा में शामिल होने की राह पर हैं और उन्हें पार्टी का टिकट मिल सकता है। वहीं, दूसरी ओर दिवंगत नेता शिवाजीराव कर्डिले के बेटे अक्षय कर्डिले भी इस दौड़ में शामिल हो गए हैं। उन्होंने मुंबई जाकर भाजपा के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की है और क्षेत्र में सक्रिय हो गए हैं। दोनों पक्षों की सक्रियता और सीएम का रहस्यमय चुप्पी ने हालात को और जटिल बना दिया है।
सुजय विखे-पाटिल की सक्रियता और बढ़ी उलझन
इस पूरे प्रकरण में एक और नाम सामने आया है—भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष और पूर्व सांसद डॉ. सुजय विखे पाटिल का। कर्डिले की मौत के बाद से ही वे राहुरी में काफी सक्रिय हो गए हैं। वे लंबे समय से लंबित नगर-मनमाड रोड के निर्माण कार्य की समीक्षा के लिए हर दूसरे दिन दौरा कर रहे हैं।























