अभिजीत दिपके पर भड़के रामदास आठवले, कही बड़ी बात

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और डॉ. बी.आर. अंबेडकर को लेकर अभिजीत दिपके के कथित बयान पर केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने आपत्ति जताई। जानिए उन्होंने क्या कहा।

अभिजीत दिपके पर भड़के रामदास आठवले, माफी मांगने को कहा

HIGHLIGHTS

  • आठवले बोले—दिपके माफी मांगें
  • दिपके के बयान पर मचा बवाल
  • प्रधानमंत्री पर बयान, आठवले नाराज
  • दिपके को आठवले की दोटूक नसीहत

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को लेकर दिए गए कथित बयान पर केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। आठवले ने दिपके की भाषा और बयानबाजी पर आपत्ति जताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के खिलाफ इस तरह की टिप्पणी करना उचित नहीं है। उन्होंने दिपके से अपने बयान के लिए माफी मांगने की अपील भी की।

आठवले ने कहा कि युवाओं का समर्थन मिलना किसी भी व्यक्ति के लिए अच्छी बात है, लेकिन उस समर्थन का इस्तेमाल सकारात्मक कामों के लिए होना चाहिए। उनके मुताबिक, किसी नेता या संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति के खिलाफ गलत भाषा का इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने दिपके को नसीहत देते हुए कहा कि उन्हें अपनी बात जिम्मेदारी से रखनी चाहिए।

‘प्रधानमंत्री के खिलाफ ऐसी बातें ठीक नहीं’

रामदास आठवले ने अभिजीत दिपके के बयान पर टिप्पणी करते हुए कहा​ कि “लगता है कि अभिजीत दिपके के दिमाग में ज्यादा हवा भर गई है। कुछ युवा लोग उन्हें समर्थन कर रहे हैं, यह अच्छी बात है। उनके भले के लिए युवा वर्ग का समर्थन और उपयोग सकारात्मक तरीके से किया जाना चाहिए। लेकिन माननीय प्रधानमंत्री के खिलाफ गलत बयान देना बिल्कुल ठीक नहीं है।”

आठवले की इस टिप्पणी के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज होने की संभावना है। हालांकि, विवाद से जुड़े मूल बयान के पूरे संदर्भ और उसकी सटीक शब्दावली को समझना भी जरूरी है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, आठवले ने खास तौर पर प्रधानमंत्री के खिलाफ कथित टिप्पणी और उसमें इस्तेमाल की गई भाषा पर आपत्ति जताई है। उन्होंने इसे अस्वीकार्य बताते हुए दिपके से माफी मांगने का आग्रह किया।

अंबेडकर और नेहरू को लेकर कथित बयान पर भी प्रतिक्रिया

इस विवाद में डॉ. भीमराव अंबेडकर और जवाहरलाल नेहरू का संदर्भ भी चर्चा में आया है। अभिजीत दिपके के एक कथित बयान में नेहरू और बाबा साहेब अंबेडकर का जिक्र किए जाने पर भी आठवले ने अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि यह कहना ठीक नहीं है कि नेहरू ने अंबेडकर को आगे बढ़ाया था। आठवले के अनुसार, बाबा साहेब अंबेडकर ने अपने विचारों, काम और संविधान निर्माण में योगदान के जरिए पूरे देश को आगे बढ़ाया।

आठवले ने कहा, “यह कहना कि नेहरू जी ने बाबा साहेब अंबेडकर को आगे बढ़ाया था, ठीक नहीं है। बाबा साहेब अंबेडकर ने पूरे देश को आगे बढ़ाया। संविधान लिखकर बाबा साहेब अंबेडकर जी ने देश के लिए बहुत बड़ा योगदान दिया है।”

संविधान निर्माण में अंबेडकर के योगदान का उल्लेख

रामदास आठवले ने अपनी प्रतिक्रिया में डॉ. अंबेडकर के राष्ट्रीय योगदान पर जोर दिया। भारतीय संविधान के निर्माण में उनकी भूमिका और सामाजिक न्याय के लिए किए गए प्रयासों का उल्लेख करते हुए आठवले ने कहा कि अंबेडकर का योगदान किसी एक नेता या राजनीतिक दल तक सीमित नहीं है। उन्होंने देश के व्यापक हित में काम किया और संविधान के जरिए भारत के लोकतांत्रिक ढांचे को दिशा देने में अहम भूमिका निभाई।

अंबेडकर से जुड़े ऐतिहासिक व्यक्तित्वों और उनके योगदान पर चर्चा करते समय तथ्यों और संदर्भों का ध्यान रखना जरूरी है। ऐसे विषयों पर अलग-अलग राजनीतिक विचार सामने आ सकते हैं, लेकिन सार्वजनिक मंचों पर भाषा और दावों को लेकर जिम्मेदारी बरतना भी उतना ही महत्वपूर्ण है—आठवले की प्रतिक्रिया का मुख्य संदेश यही रहा।

माफी की अपील और युवाओं को सकारात्मक संदेश

केंद्रीय मंत्री ने अभिजीत दिपके से माफी मांगने का निवेदन करते हुए युवाओं के समर्थन को सकारात्मक दिशा में इस्तेमाल करने की बात कही। उनका कहना था कि युवाओं की भागीदारी और समर्थन समाज के लिए उपयोगी हो सकते हैं, बशर्ते उनका इस्तेमाल रचनात्मक और जनहित से जुड़े कामों में किया जाए। आठवले ने यह भी संकेत दिया कि राजनीतिक असहमति व्यक्त करते समय आलोचना की जा सकती है, लेकिन भाषा ऐसी होनी चाहिए जो मर्यादा बनाए रखे।

फिलहाल, इस पूरे मामले में आठवले की प्रतिक्रिया ने अभिजीत दिपके के कथित बयान को लेकर बहस को फिर से चर्चा में ला दिया है। विवाद का आकलन करते समय संबंधित बयान का पूरा संदर्भ, दोनों पक्षों की प्रतिक्रियाएं और उपलब्ध तथ्यों को देखना जरूरी होगा। आठवले ने अपनी बात में प्रधानमंत्री के खिलाफ कथित टिप्पणी पर आपत्ति जताई, अंबेडकर के योगदान को रेखांकित किया और दिपके से माफी की अपील की।

Rishi Tiwari

ऋषि तिवारी (Rishi Tiwari) ने वर्ष 2011 में मुंबई से पत्रकारिता की दुनिया में कदम रखा और मुंबई से प्रकाशित मुंबई मित्र जैसे समाचारपत्रों में सक्रिय भूमिका निभाई। इसके बाद दिल्ली और एनसीआर में एपीएनएस न्यूज एजेंसी में लंबे समय तक सेवाएं देने के बाद यहां से रुख कर लिया। वर्ष 2018 में इन्होंने संध्या समय न्यूज के साथ नई पारी की शुरुआत की। पिछले कई वर्षों से निष्पक्ष, प्रभावी और जनसरोकारों पर आधारित पत्रकारिता को मजबूती से आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं।

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